छात्रा ने ऑनलाइन पानी की बोतल खरीदी, 3 लाख की ठगी हो गई, नया साइबर फ्रॉड डराने वाला
इंदौर की एक छात्रा ऑनलाइन पानी की बोतल खरीदने के प्रोसेस में साइबर ठगी का शिकार हो गई. आरोपियों ने रिफंड के नाम पर एक लिंक भेजकर छात्रा को ब्लैकमेल किया और उससे करीब 3 लाख रुपये ठग लिए. साइबर पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच में जुटी है.

डिजिटल युग में साइबर ठगी का मामला बढ़ता जा रहा है. आप ठगी या ब्लैकमेलिंग से बस एक क्लिक दूर हैं. ऐसा ही कुछ हुआ इंदौर की एक कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा के साथ. ऑनलाइन पानी की बोतल खरीदने के चक्कर में वो साइबर ठगी का शिकार हो गई. आरोपियों ने रिफंड के नाम पर उसको झांसा दिया. फिर अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी. और इसी नाम पर छात्रा से लगभग 3 लाख रुपये ऐंठ लिए.
ऑनलाइन पानी ऑर्डर करने में हुई ठगी
पुलिस के मुताबिक, ये घटना इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र की है. छात्रा ने 11 मई को इंस्टाग्राम पेज 'सॉफ क्यूक इंडिया' से पानी की दो बोतल ऑर्डर कीं और ऑनलाइन पेमेंट किया. ऑर्डर करने के कुछ देर बाद छात्रा के पास एक व्यक्ति का फोन आया. उसने बताया कि ऑर्डर कैंसिल हो गया है. फिर पैसे रिफंड करने के लिए उसने एक लिंक भेजा. छात्रा को बताया कि इतनी छोटी रकम सीधे रिफंड नहीं हो सकती, इसलिए लिंक के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
छात्रा उसके झांसे में आ गई और उसके भेजे UPI लिंक पर क्लिक कर दिया. लिंक पर क्लिक करते ही उसका मोबाइल हैक हो गया. आरोपियों ने उसके मोबाइल से निजी जानकारी, फोटो और वीडियो का एक्सेस ले लिया.
इसके बाद 20 मई को छात्रा को एक और फोन आया. कॉल करने वाले ने दावा किया कि उसके पास छात्रा की अश्लील तस्वीरें है, जिसे वे सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा. इन फोटोज के बदले उसने 30 हजार रुपये की डिमांड की. छात्रा ने उसके दिए UPI अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर दिया.
कॉलेज फीस जमा करने गई तो सदमा लगा
9 जून को छात्रा कॉलेज की फीस जमा करने पहुंची. यहां उसको पता चला कि उसके बैंक अकाउंट में पैसे नहीं है. बैंक से पता करने पर जानकारी मिली कि अकाउंट से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए करीब 2 लाख 99 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं.
साइबर क्राइम में शिकायत
इसके बाद छात्रा ने साइबर क्राइम और खजराना थाने में शिकायत दर्ज कराई. डीसीपी जोन-2 अमरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर क्राइम की धाराओं में मामला दर्ज किया है. उन्होंने आगे बताया कि साइबर क्राइम ब्रांच मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है.
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