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रशियन जॉब के चक्कर में बुरे फंसे 20 भारतीय, छीना पासपोर्ट, 1.5 लाख का वादा, दे रहे 6000 रुपये

रूस भेजे गए इन लोगों को नौकरी का ऑफर देते हुए बताया गया कि हर महीने 1 से 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे. वहां जाते ही सबसे पहले इनके पासपोर्ट छीने गए. फिर शुरू हुई इनकी बदत्तर जिंदगी. वहां फंसी एक इंडियन महिला ने वीडियो डालकर आपबीती सुनाई है.

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10 जून 2026 (अपडेटेड: 10 जून 2026, 12:49 PM IST)
indians stucked in russia scammed after promise of getting jobs
रूस में फंसे भारतीयों ने वीडियो बना कर मदद मांगी है (PHOTO-X)
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पूरी दुनिया में आजकल स्कैम का दौर चल रहा है. इनमें से एक स्कैम नौकरी दिलाने के नाम पर भी हो रहा है. इसलिए विदेश क्या, अपने गांव में भी कोई नौकरी का ऑफर दे तो आंख-कान-नाक सब खोलकर क्रॉस चेक करना चाहिए. ऐसा ही स्कैम रूस में एक भारतीय महिला के साथ हुआ है. ये भारतीय महिला रूस में फंस गई हैं. लेकिन ये अकेली नहीं हैं, इनके साथ करीब 20 और भारतीय फंसे हैं. 13 लोग वापस आ गए और 20 वहीं रह गए हैं. इन्हें भी यही सपना दिखाया गया था. 

जाते ही छीन लिए गए पासपोर्ट

ये सभी लोग स्कैमर्स की बातों में आ गए. नतीजा ये हुआ कि कुल 32 बेरोजगार लोग नौकरी के लालच में रशिया चले गए थे. ऑफर में इन्हें बताया गया था कि फिश पैकिंग और सिलाई का काम है. हर महीने 1 से 1.5 लाख रुपए देने का वादा किया गया. कहा गया कि आपको केवल कुछ पैसे एडवांस में देने हैं, जिससे पासपोर्ट-वीजा वगैरह की व्यवस्था हो जाए. लेकिन वहां जाते ही सबसे पहले तो इनके पासपोर्ट छीने गए, सैलरी आधी की गई. फिर हर छोटी गलती में उनकी सैलरी काटी जाने लगी. जब पीड़ितों ने कहा कि हमें वापस भारत जाना है तो कथित तौर पर उनसे कहा गया कि 500 डॉलर जमा करो, और अपना हवाई खर्चा खुद उठाओ. अब सवाल ये है कि जो व्यक्ति बेरोजगार है, जो सब कुछ बेचकर विदेश गया है, वो इतने पैसे कहां से लाएगा?

आजतक से जुड़ी हेताली शाह की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकतर पीड़ित गुजरात के रहने वाले हैं. इनके साथ फ्रॉड करने वाले आरोपी एजेंट का नाम रिंपल पटेल है. रिंपल गुजरात के पेटलाद का रहने वाला है. रिपोर्ट के मुताबिक, पहले इसने 2025 में 13 लोगों का ग्रुप रशिया भेजा और फिर 2026 में 20 लोगों का एक और ग्रुप भेजा. इनमें से 13 लोग तो देश लौट आए, लेकिन बाकी लोग वहीं फंसे हैं.

32 लोगों से करीब 78 लाख रुपये लूटे

इधर आरोपी रिंपल पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है. साथ ही जो पीड़ित वापस देश आना चाहते हैं उन्हें वापस लाने का काम चल रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह लोगों से ठगी करके आरोपी रिंपल ने 32 लोगों से करीब 78 लाख रुपये लूटे हैं. एक मामले में एक महिला का वीडियो सामने आया जिसमें वो बता रही हैं, 

'रिंपल और उसकी पत्नी ने मिलकर फ्रॉड किया है. जब हम मॉस्को पहुंचे तो वो दोनों भी साथ में थे. जब तक एजेंट और उसकी पत्नी यहां थे, तब तक सारी सुविधाएं दी जा रही थीं. बिजली, खाना, गाड़ी सब मिल रहा था. लेकिन उनके जाते ही हालत खराब हो गई. रूम हीटर बंद कर दिए गए. गरम पानी तक नहीं देते हैं. सैलरी आधी कर दी गई. कुछ को तो सिर्फ 6 हजार दिए जा रहे. खाना और चाय तक नहीं देते हैं. यहां आने के लिए हमने कर्ज लेकर पैसे दिए थे. अब यहां कहा जा रहा है कि अपने देश लौटना है तो पहले 500 डॉलर दो और खुद के खर्चे से जाओ. भारत और गुजरात सरकार से अनुरोध है कि हमारी मदद करें. '

इस मामले में जांच कर रही गुजरात पुलिस ने भी इस मामले पर बयान जारी किया है. मीडिया से बात करते हुए आनंद, गुजरात के डिप्टी एसपी जेएन पांचाल ने बताया,

‘हमारे अधिकारियों ने वहां फंसे 20 लोगों से वीडियो कॉल पर बात की है. आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है. इस मामले में 13 लोग आ चुके हैं. जबकि बाकी 20 वहीं फंसे हुए हैं. इस मामले में कोई दूसरा भी शामिल है या नहीं, इसकी जांच भी जारी है. दो दिनों की रिमांड मांगी गई लेकिन कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया. ये बात भी सच है कि वहां लोगों को धमका रहे हैं. उनसे कहा जा रहा है कि दो साल का कॉन्ट्रैक्ट है तो काम करना पड़ेगा. अगर 2 साल काम किया तभी पासपोर्ट वापस मिलेगा.’

पुलिस ने बताया कि वहां फंसे लोगों से लगातार वीडियो कॉल के जरिए बात हो रही है. और जो वापस आना चाहते हैं, उन्हें लाने की कोशिश की जा रही है. आरोपी को फिलहाल ज्यूडिशियल कस्टडी में रखा गया है. विदेश जाकर बेहतर जिंदगी बनाने का सपना गलत नहीं है. लेकिन सपना और जाल, दोनों अक्सर एक जैसे दिखते हैं. फर्क सिर्फ इतना होता है कि सपने आपको मंजिल तक पहुंचाते हैं और जाल आपको फंसा देता है. 

इसलिए अगर कोई एजेंट आपको विदेश में नौकरी का ऑफर दे, मोटी सैलरी का वादा करे या जल्दी वीजा दिलाने की बात करे, तो एक बार नहीं, दस बार जांच-पड़ताल कीजिए. कंपनी का रिकॉर्ड देखिए, ऑफर लेटर वेरीफाई कीजिए और बिना पुष्टि किए अपने पैसे या दस्तावेज किसी के हवाले मत कीजिए. क्योंकि नौकरी की तलाश में निकला एक गलत कदम, आपको हजारों किलोमीटर दूर किसी ऐसे देश में फंसा सकता है, जहां न अपना कोई हो, न मदद करने वाला. फिलहाल इस मामले में जो भी नया अपडेट आएगा, वो आप तक पहुंचाएंगे.

वीडियो: दुनियादारी: रूस-यूक्रेन पीस प्लान की पूरी कहानी

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