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'भारतीय अच्छे एक्टर, रूसी तेल ना खरीदने की बात भी मानी,' ट्रंप के मंत्री ने दिया बयान, कांग्रेस भड़की

Scott Bessent ने सुझाव दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो बाजार में और तेल लाने के लिए कुछ और कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि हम Russion Oil पर लगी अन्य रोक भी हटा सकते हैं.

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US Treasury Secretary Scott Bessent said lift sanctions on Russian oil shipments quickly boost global supply ease pressure on energy markets
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट (बाएं) ने कहा कि अब भारत रूस से तेल ले सकता है (PHOTO-Scott Bessent)
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मानस राज
7 मार्च 2026 (अपडेटेड: 7 मार्च 2026, 03:22 PM IST)
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अमेरिका ने भारत से कहा है कि वो रूस से तेल खरीद सकता है. इसके लिए अगले 30 दिनों तक भारत पर कोई एक्स्ट्रा टैरिफ नहीं लगाया जाएगा. इस फैसले के बारे में बात करते हुए अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी यानी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत को 'Very Good Actor' यानी सही से काम करने वाला बताया है. कुल मिलाकर उनका ये कहना है कि भारत ने अमेरिका के कहने के अनुसार ही कदम उठाए जो कि सही है.

अमेरिकी चैनल फॉक्स बिजनेस से बात करते हुए स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वॉशिंगटन ने भारत को समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने की इजाजत दे दी है. यानी वह तेल जो रूस से भारत के लिए पहले ही निकल चुका था, अब भारत उसे ले सकेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ट ट्रंप की सरकार में मंत्री बेसेंट ने कहा कि अब अमेरिका कच्चे तेल पर सैंक्शन हटाने के लिए आगे के कदमों पर विचार कर रहा है. उन्होंने कहा,

"भारतीय बहुत अच्छे एक्टर (सही काम करने वाले) हैं. हमने उनसे इस पतझड़ में रूस से बैन किया गया तेल खरीदना बंद करने को कहा था. उन्होंने ऐसा ही किया. नई दिल्ली ने अस्थाई राहत मिलने से पहले अमेरिका की पिछली बातें मान ली थीं."

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विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने बेसेंट के बयान पर मोदी सरकार को घेरा है. कांग्रेस ने सवाल किया कि भारत को परमिशन देने वाला अमेरिका कौन है? पार्टी ने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा,

"भारतीय बहुत अच्छे एक्टर रहे हैं. हमने उनसे रूसी तेल खरीदना बंद करने को कहा, और उन्होंने ऐसा किया. अब हमने उन्हें रूसी तेल खरीदने की 'परमिशन' दे दी है."

ये शब्द यूनाइटेड स्टेट्स के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के हैं.

परमिशन? इंडिया के लिए?

1.4 अरब लोगों का देश, वॉशिंगटन की मंजूरी का इंतजार कर रहा है. यह एक समझौता करने वाले प्रधानमंत्री की कीमत है."

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कांग्रेस का पोस्ट. (X @INCIndia)

कांग्रेस ने आगे लिखा,

"भारत ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी ताकि कोई विदेशी ताकत हम पर अपनी शर्तें ना थोप सके. फिर भी आज एक कमजोर प्रधानमंत्री के तहत अमेरिका खुलेआम भारत को 'परमिशन' देने की बात कर रहा है.

यह डिप्लोमेसी नहीं है. यह बेइज्जती है. भारतीय किसी और की स्क्रिप्ट में एक्टर नहीं हैं. PM मोदी, इस बयान पर आपकी चुप्पी बहरा कर देने वाली है. भारत के लोगों को जवाब मिलना चाहिए."

वहीं, बेसेंट ने बताया कि भारत ने रूस से खरीदने जाने वाले तेल को अमेरिका के तेल से रिप्लेस करने का प्लान बनाया था. लेकिन अमेरिका ने ग्लोबल सप्लाई में आ रही रुकावटों से बचने के लिए जहाजों पर पहले से मौजूद रूसी कच्चे तेल को खरीदने की इजाजत दे दी.

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग ने ग्लोबल तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है. इस जंग ने पश्चिम एशिया में तेल सप्लाई में आने वाली रुकावटों को लेकर चिंता बढ़ा दी है. मिडिल ईस्ट में अधिकतर देशों में तेल पाया जाता है. लिहाजा पूरी दुनिया को चलाने के लिए यह रीजन बेहद अहम है.

बेसेंट ने यह भी सुझाव दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो बाजार में और तेल लाने के लिए कुछ और कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि हम रूसी तेल पर लगी अन्य रोक भी हटा सकते हैं. सेक्रेटरी बेसेंट की बात से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका और भी शिपमेंट्स पर लगी रोक हटाने पर विचार कर रहा है. क्योंकि जिस तरह के हालात मिडिल ईस्ट में हैं, अभी कुछ समय तक वहां से सप्लाई आने में काफी मुश्किल हो सकती है.

वीडियो: ईरान ने अमेरिका को जमीनी जंग के लिए ललकारा, विदेश मंत्री अराघची ने क्या कहा?

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