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पिता के कर्ज से परेशान युवक ने US में की खुदकुशी, अब परिवार कर रहा पार्थिव शरीर का इंतजार!

Andhra Pradesh के रहने वाले इरागनाबोयिना चंदू ने हाल ही में शिकागो की डीपॉल यूनिवर्सिटी से अपनी मास्टर डिग्री पूरी की थी. बताया जा रहा है कि वे कई दिनों से नौकरी की तलाश कर रहे थे और अपने पिता के कर्ज से परेशान थे.

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1 मई 2026 (पब्लिश्ड: 04:28 PM IST)
Andhra man suicide in US
इरागनाबोयिना चंदू आंध्र प्रदेश के कुरनूल के रहने वाले थे. (फोटो: gofundme.com)
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अमेरिका में 26 साल के एक भारतीय छात्र ने अपनी जान दे दी है. मृतक की पहचान इरागनाबोयिना चंदू के तौर पर हुई है, जो आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के रहने वाले थे. चंदू ने हाल ही में शिकागो की डीपॉल यूनिवर्सिटी से अपनी मास्टर डिग्री पूरी की थी. बताया जा रहा है कि वे कई दिनों से नौकरी की तलाश कर रहे थे. उनके पिता के ऊपर काफी कर्ज था और इस वजह से भी परेशान थे.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि इरागनाबोयिना चंदू अपने परिवार की आर्थिक समस्याओं को लेकर काफी परेशान थे. रिपोर्ट के मुताबिक, चंदू के पिता की एक सिक्योरिटी गार्ड का काम करते हैं. उनकी पढ़ाई और दूसरे खर्चों के लिए उन्होंने काफी कर्ज लिया था. चंदू की मौत के बाद अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों ने एक फंड जुटाने की मुहिम शुरू की. 

इस मुहिम का पहला मकसद 25,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 23 लाख भारतीय रुपये) जुटाना था, ताकि उनके पार्थिव शरीर को अमेरिका से भारत लाने का खर्च उठाया जा सके. फंड जुटाने वाले पेज पर बताया गया, 

"अमेरिका से भारत तक पार्थिव शरीर को वापस लाने का कुल खर्च लगभग 25,000 अमेरिकी डॉलर है. इसमें अंतिम संस्कार से जुड़ी सेवाएं, कानूनी परमिट और ट्रांसपोर्टेशन शामिल हैं. यह एक ऐसा खर्च है जिसे उनका परिवार अकेले अपने दम पर नहीं उठा सकता."

फंडरेजिंग पेज पर 'अबाउट' (हमारे बारे में) सेक्शन में लिखा था,

"चंदू बड़े-बड़े सपने लेकर शिकागो आया था. वह उम्मीदों से भरा था और उसमें भी वही महत्वाकांक्षा थी जो दुनिया भर से आए न जाने कितने छात्रों में होती है. वह एक बेहतरीन इंसान था-दरियादिल, मिलनसार, और अपने दोस्तों व छोटे भाई के लिए मजबूत सहारा. बेहद दुख की बात है कि उसे जिन मुश्किलों का सामना करना पड़ा, उनका बोझ उसके लिए असहनीय हो गया. उसके सपने अधूरे ही रह गए और भारत में उसका परिवार इस नुकसान से पूरी तरह टूट चुका है." 

महज दो दिनों के अंदर ही 76,500 अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की रकम जमा हो चुकी है. इस अतिरिक्त रकम का इस्तेमाल चंदू के बकाया पढ़ाई के कर्ज को चुकाने में परिवार की मदद करने के लिए किया जाएगा.

नागरिक उड्डयन मंत्री ने मदद का हाथ बढ़ाया

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री नारा लोकेश को टैग करके चंदू को घर वापस लाने में मदद मांगी. इस पोस्ट पर ध्यान देते हुए, लोकेश ने संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा,

"मैं राम मोहन नायडू (केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री) से अनुरोध करता हूं कि वे कृपया पार्थिव शरीर वापस लाने में मदद करें."

Andhra man suicide in US
(फोटो: X)

इसके जवाब में, नायडू ने कहा कि उन्होंने उस सोशल मीडिया यूजर से बात की है और इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए संबंधित लोगों के साथ कोऑर्डिनेट कर रहे हैं.

वीडियो: मध्य प्रदेश में कांस्टेबल ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में भ्रष्टाचार को ठहराया जिम्मेदार

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