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ट्रेन में आधी सीटें खाली, फिर भी ऐप पर 'नो-रूम'? जानिए टीटीई के टैबलेट का असली खेल!

Indian Railways: गर्मियों की छुट्टियों में ट्रेन के भीतर सीटें खाली दिखने के बावजूद आईआरसीटीसी ऐप पर 'नो-रूम' क्यों दिखाता है? समझिए टीटीई के 'हैंडहेल्ड टर्मिनल्स' (HPT टैबलेट) को जानबूझकर ऑफलाइन करने का वो पूरा खेल, जिस पर अब रेलवे बोर्ड के विजिलेंस विंग ने कड़ा एक्शन शुरू कर दिया है.

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9 जून 2026 (पब्लिश्ड: 11:07 AM IST)
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समर सीजन में खाली सीटों की ब्लैक-मार्केटिंग पर आई बड़ी रिपोर्ट (फोटो- PTI)

Story Summary

वीडियो: रेलवे ने बदला टिकट कैंसिल का नियम, अश्विनी वैष्णव ने क्या बताया?

सामान्य प्रश्न

टीटीई को दिए गए हैंडहेल्ड टर्मिनल (HPT) का असली काम क्या है?

एचपीटी टैबलेट का काम चलती ट्रेन में चार्टिंग को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है. इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेन में खाली बची सीटों का डेटा तुरंत सेंट्रल सिस्टम पर भेजना है ताकि वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को ऑटोमैटिक सीट अलॉट हो सके.

अगर ट्रेन में सीटें खाली होने पर भी टीटीई सीट न दे या पैसे मांगे तो क्या करें?

ऐसी स्थिति में यात्री को तुरंत रेलवे की आधिकारिक 'RailMadad' ऐप, वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर 139 पर अपने पीएनआर नंबर के साथ शिकायत दर्ज करानी चाहिए. सोशल मीडिया (ट्विटर) पर रेल मंत्रालय को टैग करना भी बेहद असरदार होता है.

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