भारत ने बांग्लादेश को 2860 लोगों की लिस्ट भेजकर पूछा- 'ये किसके नागरिक?', क्या जवाब आया?
Indian Ministry of External Affairs ने बांग्लादेशी सरकार से अवैध प्रवासियों के संबंध में जानकारी मांगी है. इसकी जानकारी खुद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दी.

पश्चिम बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई हो रही है. इन्हें लेकर भारत ने पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश सरकार से करीब 2860 नागरिकों की नागरिकता को लेकर सवाल किया है. ताकि, इन नागरिकों को उनके देश वापस भेजा जा सके. दरअसल, इन दोनों राज्यों में BJP की सरकार बनने के बाद हाल-फिलहाल में सैकड़ों बांग्लादेशी प्रवासी बांग्लादेश बॉर्डर पर जमा हो गए थे. इनके बारे में कहा जाता है कि ये लोग अवैध ढंग से भारत में रह रहे थे.
बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार अवैध प्रवासियों को लेकर ‘पहचानो, हटाओ और वापस भेजो’ पॉलिसी पर काम कर रही है. इसी बीच इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि मंत्रालय ने बांग्लादेश से 2860 से अधिक लोगों की नागरिकता की पुष्टि करने के लिए कहा है, जिनके बारे में भारत का विचार है कि वो बांग्लादेशी नागरिक हैं और भारत में अवैध तरीके से रह रहे हैं.

जायसवाल ने यह भी बताया कि अब तक इस मामले में बांग्लादेश की सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है. शुक्रवार, 5 जून को रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग की. इस दौरान उन्होंने कहा,
भारत में मौजूद सभी विदेशी नागरिक जिसमें बांग्लादेश के आए लोग भी शामिल हैं, अगर वो अवैध तौर पर रह रहे हैं तो उनसे निपटने के लिए हमारे पास कानून हैं. ऐसे लोगों से उसी तरह से निपटा जाएगा.
जायसवाल ने आगे कहा कि जहां तक इन लोगों को वापस उनके देश भेजने की बात है तो इसके लिए हमारे पास एक द्विपक्षीय व्यवस्था भी मौजूद है. ऐसे मामलों को हम बांग्लादेशी पक्ष के पास भेजते हैं, ताकि वो लोग इनकी नागरिकता की पुष्टि करें ताकि बाद में उन्हें वापस भेजने का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा सके.
काम तेजी से होने की उम्मीदमंत्रालय के प्रवक्ता ने ब्रीफिंग में बताया कि भारत के पास ऐसे कई अनुरोध हैं, जो अभी तक बांग्लादेश में रुके हुए हैं. उन पर जवाब नहीं आया है. उन्हें उम्मीद है कि जल्द से जल्द इस काम में तेजी लाई जाएगी. ताकि भारत में रहने वाले अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को वापस सकुशल उनके देश भेजा जा सके. बता दें कि अब तक सरकार ने करीब 400 बांग्लादेशी प्रवासियों को अपने डिटेंशन सेंटरों में हिरासत में लिया है क्योंकि, उनके पास जरूरी डॉक्यूमेंट्स नहीं थे. एक तरह से इसे प्रदेश में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया का भी नतीजा माना जा रहा है, जिससे बॉर्डर वाले इलाकों में रहने वाले अवैध प्रवासियों के बीच हलचल तेज हो गई है.
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