'सीजफायर की बातचीत में अमेरिका से कारोबार का जिक्र तक नहीं हुआ... ' ट्रंप तो बड़ा झूठ बोल गए
ये पहला मौका नहीं है, जब Donald Trump ने इस तरह के दावे किए हैं. साल 2019 में उन्होंने दावा किया कि PM Narendra Modi ने उनसे Jammu-Kashmir पर मध्यस्थता करने के लिए कहा है. लेकिन भारत सरकार ने जब इस दावे का खंडन किया तो ट्रंप अपनी बात से पलट गए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 12 मई को दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान (India Pakistan ceasefire) पर सीजफायर के लिए दबाव बनाया था. ट्रंप ने बताया कि उन्होंने दोनों देशों को संघर्ष रोकने के बदले अमेरिका के साथ ट्रेड (व्यापार) बढ़ाने का ऑफर दिया था. हालांकि भारत ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज किया है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉनल्ड ट्रंप के दावे का खंडन करते हुए भारत सरकार से जुड़े सूत्रों ने स्पष्ट तौर पर बताया,
ये पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह के दावे किए हैं. साल 2019 में उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने उनसे जम्मू-कश्मीर पर मध्यस्थता करने के लिए कहा है. भारत ने उनके दावे का खंडन करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया है. इसके बाद ट्रंप ने अपने दावे से पलटी मारते हुए कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान दोनों चाहे तो अमेरिका मध्यस्थता के लिए तैयार है.
ट्रंप ने क्या दावे किए हैं?डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने सीजफायर नहीं करने की स्थिति में दोनों देशों से ट्रेड खत्म करने की धमकी दी थी. उन्होंने कहा,
दरअसल, 6-7 मई की दरम्यानी रात भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों को मिसाइल हमला कर तबाह कर दिया था. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष शुरू हो गया.
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इस बीच शनिवार, 10 मई को डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करते हुए भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर का एलान किया. इसके बाद शाम को भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में भी पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष रोकने की जानकारी दी गई.
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