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लद्दाख में क्रैश हुआ चीता हेलीकॉप्टर, 'विक्ट्री' पोज वाली जवानों की सेल्फी वायरल हो गई

यह हादसा पूर्वी लद्दाख के श्योक नदी क्षेत्र में 'लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल' (LAC) के पास हुई थी. यह इलाका चीन की सीमा से सटा हुआ है. हादसे के वक्त दो पायलट और एक डिवीजन कमांडर मेजर जनरल सचिन मेहता घायल हो गए थे, लेकिन अब वे सुरक्षित हैं.

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23 मई 2026 (अपडेटेड: 23 मई 2026, 08:34 PM IST)
Cheetah, Indian Army
इंडियन आर्मी का हेलीकॉप्टर लद्दाख सेक्टर में क्रैश. (फोटो- इंडिया टुडे)
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इंडियन आर्मी के एविएशन कोर का एक हेलीकॉप्टर लद्दाख सेक्टर में क्रैश हो गया. जब ये हादसा हुआ उस समय हेलीकॉप्टर में 2 पायलट समेत सेना के एक मेजर जनरल सवार थे. हादसे में तीनों अधिकारी सुरक्षित बच गए हैं, लेकिन उन्हें मामूली चोटें आईं हैं. इसकी वजह से तीनों को हॉस्पिटल में एडमिट कर इलाज किया जा रहा है. घटना के बाद सेना के जवानों की एक सेल्फी वायरल हो रही है, जो हादसे के बाद उन्होंने ली थी. घटना की जांच के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ (CoI) का आदेश भी दिया गया है.

20 मई 2026 को हेलीकॉप्टर ‘चीता’ उड़ान (Sortie) पर निकला था, तभी हादसे का शिकार हो गया. यह भारतीय सेना का एक लाइटवेट हेलीकॉप्टर है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रैश हुआ हेलीकॉप्टर चीता का ही एक नया वेरिएंट है, जिसमें TM333B इंजन लगा है. हेलिकॉप्टर के साथ ये हादसा पूर्वी लद्दाख के श्योक नदी क्षेत्र में 'लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल' (LAC) के पास हुआ. यह इलाका चीन की सीमा से सटा है. हादसे के वक्त दो पायलट और एक डिवीजन कमांडर मेजर जनरल सचिन मेहता घायल हो गए.

इस हादसे से जुड़ी एक सेल्फी सोशल मीडिया पर वायरल है, जो हेलीकॉप्टर में सवार मेजर जनरल मेहता ने अपने साथियों के साथ ली थी. सेल्फी में तीनों अधिकारी पहाड़ी की ढलान पर ‘विक्ट्री’ की साइन के साथ नजर आ रहे हैं. इस फोटो में क्रैश हेलीकॉप्टर भी दिखाई दे रहा है.

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चीता हेलीकॉप्टर. (फोटो-Indian Army)
चीता हेलिकॉप्टर के बारे में

चीता हेलीकॉप्टर के बारे में बात करें तो यह फ्रांसीसी मूल के 'एयरोस्पेशियल एलौएट III' की डिजाइन से प्रेरित है. सेना इसका इस्तेमाल लद्दाख, सियाचिन और अरुणाचल प्रदेश जैसे ऊंचे पहाड़ी इलाकों में करती है. इसे सेना का रीढ़ माना जाता है. हेलिकॉप्टर के हादसे का शिकार होने की वजह अधिक पहाड़ी ऊंचाई है. ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में हवा पतली होती है. ऐसे क्षेत्रों में भारी भरकम हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने में समस्या होती है. हालांकि, चीता हेलीकॉप्टर खराब मौसम में भी उड़ान भरने में सक्षम होता है. 

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