पाकिस्तान के F-16 के सामने अभिनंदन को MiG-21 से क्यों भेजा गया? पूर्व IAF चीफ धनोआ ने बता दिया
पूर्व IAF चीफ Birender Singh Dhanoa ने बताया कि Balakot Airstrike के बाद भारतीय वायुसेना का पहला मकसद पाकिस्तान के हवाई हमले को डिफेंड करना था. उन्होंने कहा कि उस समय भारतीय वायुसेना ने वही विमान इस्तेमाल किए, जो उस क्षेत्र में उपलब्ध और तैनात थे.

भारत और पाकिस्तान की वायुसेना की बीच डॉग-फाइट की बात होती है, तो इंडियन एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान का जिक्र जरूर होता है. 2019 बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान को रोकने के दौरान अभिनंदन ने अपने MiG-21 बाइसन से पाकिस्तान के एडवांस F-16 फाइटर जेट को मार गिराया था. हालांकि, उन्हें पाकिस्तान ने पकड़ लिया था, लेकिन बाद में रिहा कर दिया था.
इस घटना ने उस समय के विंग कमांडर अभिनंदन को राष्ट्रीय नायक बना दिया. हालांकि, इसके साथ ही एक सवाल लगातार उठता रहा कि जब पाकिस्तान के पास F-16 जैसे एडवांस फाइटर जेट थे, तो भारतीय वायुसेना ने पुराने माने जाने वाले MiG-21 का इस्तेमाल क्यों किया था?
दी लल्लनटॉप के 'गेस्ट इन दी न्यूजरूम' शो में भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ मेहमान थे. उन्होंने खुलकर इस सवाल का जवाब दिया. उन्होंने साफ कहा कि यह फैसला उस समय के हालात के मद्देनजर लिया गया था.
पूर्व वायुसेना प्रमुख ने बताया कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारतीय वायुसेना का पहला मकसद पाकिस्तान के हवाई हमले को डिफेंड करना था. उन्होंने कहा कि उस समय भारतीय वायुसेना ने वही विमान इस्तेमाल किए, जो उस क्षेत्र में उपलब्ध और तैनात थे. जब उनसे पूछा गया कि MiG-21 से बेहतर विमान क्यों नहीं भेजा गया, तो उन्होंने सीधा सवाल वापस किया, “कौन सा बेहतर प्लेन?”
पूर्व IAF चीफ बीरेंद्र सिंह धनोआ ने जवाब देते हुए कहा,
उन्होंने आगे कहा कि वहां MiG-21 इसलिए उड़ रहा था, क्योंकि हमारे पास कोई और विकल्प नहीं था. फिर उन्होंने कहा,
पूर्व वायुसेना प्रमुख ने अपनी बात को समझाते हुए कहा,
एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ ने 31 दिसंबर 2016 को चीफ ऑफ द एयर स्टाफ का पद संभाला था. उन्हें जून 1978 में एक फाइटर पायलट के तौर पर IAF में कमीशन मिला था. वे राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज, नेशनल डिफेंस एकेडमी और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन के पूर्व छात्र हैं.
वीडियो: पहलगाम अटैक में लोगों की जान बचाने वाले हीरो को सरकार ने क्या सम्मान दिया?

.webp?width=60)

