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म्यांमार जा रहे एयरफोर्स के विमान पर साइबर अटैक, GPS हुआ फेल, पायलट ने ऐसे टाला हादसा

भूकंप से प्रभावित म्यांमार में मदद लेकर गए भारतीय वायुसेना के विमान पर साइबर हमला हुआ है. इस हमले को GPS स्पूफिंग अटैक कहते हैं, जिसमें विमान के जीपीएस सिस्टम को गुमराह कर दिया जाता है. हालांकि, इंटर्नल नेविगेशन सिस्टम पर स्विच होकर पायलट ने इस अटैक को विफल कर दिया.

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14 अप्रैल 2025 (पब्लिश्ड: 08:10 AM IST)
Indian Airforce
म्यांमार की सीमा में भारतीय वायुसेना के विमान पर हुआ साइबर अटैक (Photo: India Today)
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भूकंप प्रभावित म्यांमार (Myanmar Earthquake)  की मदद में लगे भारतीय हेलिकॉप्टर पर साइबर हमला (Cyber Attack) हुआ है. रक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि भारतीय एयरफोर्स का विमान C-130J राहत सामग्री लेकर म्यांमार जा रहा था. इसी दौरान जीपीएस स्पूफिंग अटैक की वजह से एयरक्राफ्ट का नेविगेशन सिस्टम गड़बड़ हो गया. इसके बाद पायलट ने तुरंत समझदारी दिखाई और इंटरनल नेविगेशन सिस्टम पर स्विच हो गए. इससे बड़ा हादसा होने से बच गया.

बता दें कि बीती 28 मार्च को म्यांमार में 7.7 की तीव्रता का भूकंप आया था. इसमें 3 हजार 649 लोगों की जान चली गई थी. 5 हजार से ज्यादा लोग इस प्राकृतिक आपदा में घायल हुए थे. पड़ोसी देश में भारी तबाही को देखते हुए भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया और ऑपरेशन ब्रह्मा (Operation Brahma) लॉन्च किया. इसके जरिए भारत ने सर्च एंड ऑपरेशन (SAR), मानवीय सहायता, आपदा राहत और मेडिकल सेवाओं जैसी मदद म्यांमार के लिए भेजी थी. भारतीय एयरफोर्स का विमान ऐसी ही मदद लेकर म्यांमार जा रहा था.

रक्षा सूत्रों ने बताया कि विमान जैसे ही म्यांमार की सीमा में घुसा, पायलट को शक हुआ कि उन्हें जो को-ऑर्डिनेट्स (Co Ordinates) मिल रहे हैं, वो गड़बड़ हैं. इस स्थिति को जीपीएस स्पूफिंग अटैक (GPS Spoofing Attack) कहा जाता है. ऐसी स्थिति में विमान का जीपीएस सिस्टम गड़बड़ हो जाता है, जिससे विमान की दशा-दिशा को लेकर भ्रम पैदा हो जाता है. ऐसा होने पर पायलट अपनी बैकअप प्रणाली का इस्तेमाल करते हैं. इस विमान के पायलट ने भी वही किया और स्पूफिंग अटैक की जानकारी होते ही तुरंत इंटर्नल नेविगेशन सिस्टम पर स्विच हो गए. ये ऐसा सिस्टम है, जिसमें पायलट बाहरी सिग्नल पर निर्भर नहीं करता है. विमान की दिशा और स्थिति का आकलन खुद करता है. 

भारतीय वायुसेना के विमान पर स्पूफिंग अटैक किसने किया, यह पता नहीं चल पाया. घटना भी विदेशी सीमा में हुई है. ऐसे में इसकी जांच हो पाना भी मुश्किल है. एयरफोर्स की ओर से अभी तक इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है.

क्या होता है जीपीएस स्पूफिंग अटैक

जीपीएस स्पूफिंग एक तरह का साइबर अटैक होता है, जिसमें गलत और ताकतवर सिग्नल भेजकर विमान के जीपीएस सिस्टम को भ्रमित किया जाता है. इसमें जहाज को लगता है कि वह किसी दूसरी जगह पर है. सैन्य संवेदनशील इलाकों में इस तरह के हमले अक्सर देखे जाते हैं. भारत और पाकिस्तान की सीमा पर भी ऐसी घटनाएं कई बार हुई हैं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 2023 से अभी तक अमृतसर और जम्मू में 465 ऐसे मामले देखे गए हैं.

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