रोलेक्स से मैकबुक तक, PM-मंत्रियों के 'विलायती' तोहफे सरकार बेच रही, आप भी खरीद सकते हैं
विदेश मंत्रालय अपने अधिकारियों को विदेश दौरे पर मिले तोहफों की नीलामी कर रहा है. इस नीलामी में लग्जरी रोलेक्स घड़ियों से लेकर सोने के ज्वेलरी, चांदी के सजावटी सामान और विदेशी स्मृति चिह्न तक शामिल हैं. विदेश मंत्रालय की ये नीलामी सबके लिए खुली है. यानी जो भी ज्यादा बोली लगाएगा वह इन चीजों को खरीद पाएगा.

देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री और अधिकारी जब सरकार के प्रतिनिध के तौर पर विदेश यात्रा पर जाते हैं तो उन्हें तमाम तरह के गिफ्ट मिलते हैं. लेकिन ये गिफ्ट उनके प्राइवेट कलेक्शन में नहीं जाते. इसे सरकारी तोशाखाना में भेजा जाता है. विदेश मंत्रालय ने सचिव समेत अपने अधिकारियों को मिले ऐसे ही 300 बेशकीमती तोहफों की ई-नीलामी करने का फैसला किया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस नीलामी में लग्जरी रोलेक्स घड़ियों से लेकर सोने के ज्वेलरी, चांदी के सजावटी सामान और विदेशी स्मृति चिह्न तक शामिल हैं.
विदेश मंत्रालय की ये नीलामी सबके लिए खुली है. यानी जो भी ज्यादा बोली लगाएगा वह इन चीजों को खरीद पाएगा. अगर आप भी इन तोहफों को अपने कलेक्शन में शामिल करना चाहते हैं तो 30 जून तक ऑनलाइन बोली लगा सकते हैं. विदेश मंत्रालय ने इसके लिए एक ऑनलाइन ई-ऑक्शन पोर्टल लॉन्च किया है. इस पोर्टल पर कोई भी एलिजिबल शख्स घर बैठे बोली लगा सकता है. ये पहल संशोधित Toshakhana Rules, 2024 के तहत शुरू की गई है.
रोलेक्स घड़ियां, चांदी के खंजर, गोल्ड ज्वेलरी सेट
नीलामी में करीब 300 तोहफे शामिल किए गए हैं, जिनकी शुरुआती कीमत 2,385 रुपये से लेकर लगभग 17 लाख रुपये तक रखी गई है. सबसे ज्यादा चर्चा रोलेक्स के यॉट मास्टर कलेक्शन की दो घड़ियों की हो रही है. इनकी शुरुआती कीमत करीब 16.5 लाख रुपये प्रति घड़ी रखी गई है. वहीं कुवैत के Al Arbash ब्रांड का गोल्ड ज्वेलरी सेट, जिसमें नेकलेस, ब्रेसलेट और ईयररिंग्स शामिल हैं, उसकी शुरुआती कीमत करीब 9.5 लाख रुपये तय की गई है.
एंटीक सिल्वर बॉक्स सबसे ज्यादा चर्चा में
नीलामी में केवल घड़ियां और ज्वेलरी ही नहीं है. ओमान की पारंपरिक चांदी की खंजर, लंदन में बना स्टर्लिंग सिल्वर टी-सेट, चांदी के सजावटी बॉक्स, स्विट्जरलैंड के Argor Heraeus ब्रांड का 20 ग्राम गोल्ड बिस्किट वाला डेकोरेटिव बॉक्स और एप्पल मैकबुक प्रो जैसे कई तोहफे भी ऑक्शन लिस्ट में हैं. नीलामी का सबसे बड़ा आकर्षण 1980 के दशक का एक एंटीक सिल्वर बॉक्स है. इसे लग्जरी सिगार या सिगरेट केस के तौर पर डिजाइन किया गया था. इसकी शुरुआती कीमत 12,030 रुपये रखी गई थी. उस पर कई बोलियां मिल चुकी हैं. वहीं गोल्ड प्लेटेड ड्रैगन वाले डेकोरेटिव सिल्वर बॉक्स पर भी बोली बढ़ती जा रही है.
तोशाखाना के तोहफों की नीलामी विदेश मंत्रालय के एस्टेब्लिशमेंट डिवीजन का तोशाखाना सेक्शन कर रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी तोहफों की रिजर्व प्राइस एक वैल्यूएशन कमेटी तय करती है. इसमें पैकिंग और शिपिंग का खर्च भी जोड़ा जाता है.
30 जून तक चलेगी ई-नीलामी
यह ई-नीलामी 30 जून तक चलेगी. सफल बोली लगाने वालों को सामान बिना किसी डिलीवरी चार्ज के भेजा जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, पहली बार तोशाखाना के तोहफों की पब्लिकली नीलामी हो रही है. इससे पहले एक बार साल 1983 में नीलामी हुई थी. लेकिन इसमें सिर्फ विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों को हिस्सा लेने की इजाजत थी. इन तोहफों को बेचकर मिलने वाली रकम भारत सरकार के कंसोलिडेटेड फंड (Consolidated Fund of India) में जमा की जाएगी.
इस ई-नीलामी में सिर्फ वे तोहफे शामिल हैं जो विदेश मंत्रालय के सरकारी अधिकारियों को मिले हैं. इसमें विदेश सचिव और उनसे नीचे के अधिकारियों को मिले गिफ्ट शामिल किए गए हैं. विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य की नीलामी में वे तोहफे भी शामिल किए जाएंगे जो अलग-अलग समय पर विदेश मंत्रियों को मिले थे.
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तोशाखाना क्या होता है?
तोशाखाना एक फारसी शब्द है. इसका अर्थ खजाने का घर या भंडार गृह होता है. यह एक आधिकारिक जमाखाना होता है, जहां भारतीय राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों, मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों को विदेशी दौरे या मेहमानों से मिलने वाले गिफ्ट्स को सुरक्षित रखा जाता है.
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