भारतीयों को वीजा, एवोकैडो, वाइन भी सस्ते, भारत-न्यूजीलैंड FTA की बड़ी बातें
भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हो गया है. न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे पीढ़ियों में एक बार होने वाला समझौता बताया है. वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों का 'लैंडमार्क मोमेंट' बताया है.

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया है. भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने भारत मंडपम में ट्रेड एग्रीमेंट पर सिग्नेचर किए. दोनों देशों ने सिर्फ 9 महीनों के भीतर इस समझौते को अंजाम तक पहुंचाया है.
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे ‘पीढ़ियों में एक बार होने वाला समझौता’ बताया है. वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों का 'लैंडमार्क मोमेंट' बताया है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट इस साल के अंत तक लागू होने की उम्मीद है. इस पर न्यूजीलैंड के संसद की मुहर लगनी बाकी है. संसद की विदेश, रक्षा और व्यापार समिति (FADTC) इसकी समीक्षा करेगी. इसमें जनता से भी राय ली जाएगी.
इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट संसद में पेश करेगी. जहां इस पर मुहर लगाई जाएगी. इस प्रक्रिया में कम से कम छह महीने लगने की उम्मीद है.
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूजीलैंड और भारत ने लगभग एक दशक बाद मार्च 2025 में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बात शुरू की और दिसंबर 2025 तक दोनों देश समझौते पर एकमत हो गए. सबसे जरूरी बात, न्यूजीलैंड के सभी महत्वपूर्ण राजनीतिक दल इस समझौते के पक्ष में हैं. केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया,
इस FTA पर पिछले साल 16 मार्च को बातचीत शुरू हुई और रिकॉर्ड 9 महीने में इसे पूरा कर लिया गया. भारत को न्यूजीलैंड के 118 सेक्टर्स तक पहुंच मिलेगी, जबकि 139 सेक्टर्स में 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' का दर्जा मिलेगा. ये समझौता किसानों, मैन्युफैक्चरिंग (MSMEs), महिलाओं, प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगा.
FTA के तहत न्यूजीलैंड भारत को अपने बाजार में टैरिफ फ्री एंट्री देगा. यानी भारत के एक्सपोर्ट पर जीरो टैरिफ. वहीं भारत न्यूजीलैंड से आने वाले लगभग 95 प्रतिशत प्रोडक्ट्स पर टैरिफ में बड़ी कटौती करेगा या छूट देगा. इसमें ऊन, लकड़ी, सी फूड और कुछ विशेष फल (एवोकैडो, चेरी) शामिल हैं.
इस डील का टारगेट दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 5 अरब डॉलर तक ले जाना है. वहीं न्यूजीलैंड अगले 15 साल में भारत में 20 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा. इस समझौते के तहत भारतीय टेक्सटाइल, लेदर, कालीन और ऑटोमोबाइल सेक्टर के प्रोडक्ट्स को न्यूजीलैंड में जीरो टैरिफ पर एंट्री मिलेगी.
5 हजार भारतीय प्रोफेशनल्स को वर्किंग वीजा
सर्विस सेक्टर में भारत को न्यूजीलैंड के एजुकेशन, सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और टूरिज्म जैसे हाई वैल्यू सेक्टर्स में पहुंच मिलेगी. समझौते के तहत AYUSH, योगा इंस्ट्रक्टर्स, इंडियन शेफ और म्यूजिक टीचर्स के लिए भी रास्ते खुलेंगे. FTA में एक नया टेम्पररी एम्प्लॉयमेंट एंट्री वीजा का रास्ता बनाया गया है. इसके तहत हर साल 5,000 स्किल्ड भारतीय प्रोफेशनल्स न्यूजीलैंड में 3 साल तक काम कर सकेंगे. इसके अलावा वर्किंग हॉलिडे वीजा के तहत 1,000 भारतीय स्टूडेंट साल भर के लिए न्यूजीलैंड जा सकेंगे और वहां काम कर सकेंगे.
न्यूजीलैंड को डेयरी प्रोडक्ट्स पर छूट नहीं
न्यूजीलैंड के 54 प्रतिशत से ज्यादा इम्पोर्ट पर भारत में जीरो ड्यूटी लगेगी. इसमें शीप मीट, ऊन, कोयला और फॉरेस्ट्री प्रोडक्ट्स शामिल हैं. सीफूड, आयरन, स्टील और एल्युमीनियम स्क्रैप पर टैरिफ को अगले 10 साल में धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा.
भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से डेयरी प्रोडक्ट्स को बाहर रखने में सफल रहा है. डेयरी प्रोडक्ट्स (दूध,क्रीम, दही और पनीर) को टैरिफ छूट की लिस्ट से बाहर रखा गया है. इसके अलावा भारत ने प्याज, चीनी, मसाले, खाद्य तेल, रबर, आर्म्स-अम्युनिशन और कुछ मेटल्स को भी इस समझौते से बाहर रखा है.
भारत में क्या-क्या सस्ता होने वाला है?
न्यूजीलैंड से आने वाले फल और ड्राई फ्रूट्स पर भारत ने ड्यूटी में बड़ी छूट दी है. एक लिमिट में ये फल बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के भारत में आ सकेंगे.
कीवी : इस पर कोटा बेस्ड टैरिफ में भारी कटौती की गई है. एक तय मात्रा तक कीवी अब बिना किसी एक्स्ट्रा टैक्स के भारत आ सकेगा.
सेब : न्यूजीलैंड के सेबों पर लगने वाले टैक्स में 50 प्रतिशत तक की कटौती की जाएगी. इसके अलावा एवोकैडो, ब्लूबेरी, चेरी और पर्सिमोन (Persimmons) जैसे प्रीमियम फ्रूट्स अब कम दामों पर उपलब्ध होंगे.
वाइन : न्यूजीलैंड की वाइन की मकबूलियत दुनिया भर में हैं. भारत अब तक इस पर 150 प्रतिशत टैरिफ लगाता था. इसे कम करके अब 25 से 50 प्रतिशत (वाइन की कीमत के आधार पर) के दायरे में लाया गया है. इससे भारतीय कद्रदानों को अच्छी क्वालिटी की वाइन सस्ते दाम पर मिलेगी.
सीफूड : अगर आप सीफूड के दीवाने हैं तो आपके लिए भी इस डील में अच्छी खबर है. न्यूजीलैंड से आने वाले सैल्मन (Salmon) और मसल्स (Mussels) जैसे सी फूड पर टैक्स कम से कम या फिर खत्म किया जा सकता है.
ऊन और लकड़ी सस्ते होने वाले हैं
भेड़ का मांस और ऊन : न्यूजीलैंड से आने वाले भेड़ के मांस और ऊन से तत्काल प्रभाव से टैरिफ खत्म कर दिया गया है. इससे सर्दियों के ऊनी कपड़े और कंबल सस्ते हो सकते हैं.
लकड़ी (Timber) : कंस्ट्रक्शन और फर्नीचर में इस्तेमाल होने वाली न्यूजीलैंड की लकड़ी और दूसरे फॉरेस्ट्री प्रोडक्ट्स पर लगने वाले टैरिफ में 95 प्रतिशत की कटौती की गई है.
इसके अलावा न्यूजीलैंड से आने वाले मनुका शहद (Manuka Honey), शिशु आहार (Bulk Infant Formula) और मिल्क एल्ब्यूमिन जैसे प्रोडक्ट्स पर भी टैरिफ में छूट दी गई है.
भारत ने फाइव आइज (FVEY) एलायंस के तीन सदस्यों -ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और न्यूजीलैंड के साथ ट्रेड डील फाइनल कर ली है. इससे पहले भारत यूएई, मॉरीशस और यूरोपीय यूनियन के साथ भी FTA समझौता कर चुका है. मौजूदा दौर में भारत और न्यूजीलैंड के बीच लगभग 2.4 अरब डॉलर का व्यापार है. इसे अगले कुछ सालों में 5 अरब डॉलर तक ले जाने की योजना है.
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