इमरान खान को भ्रष्टाचार के केस में 14 साल की सजा, पत्नी बुशरा बीबी को भी सात साल की जेल
Pakistan की एक कोर्ट ने 17 जनवरी को भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को सजा सुनाई है. दोनों पर राष्ट्रीय खजाने को 50 अरब पाकिस्तानी रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है.

पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (PM imran khan) को 14 साल के जेल की सजा सुनाई गई है. साथ ही उनकी पत्नी बुशरा बीबी (Bushra Bibi) को भी 7 साल की सजा हुई है. इन दोनों को ये सजा अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में हुई है. इमरान और बुशरा बीवी पर 190 मिलियन पाउंड (50 अरब पाकिस्तानी रुपये) का जुर्माना भी लगाया गया है.
इमरान खान और उनकी बीवी को अल-कादिर यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट ट्रस्ट बनाकर फंड के गबन और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में ये सजा सुनाई गई है. यह फैसला रावलपिंडी की अदियाला जेल अदालत ने सुनाया है. इमरान खान को अगस्त 2023 से इसी जेल में हिरासत में रखा गया है.
इस मामले में पाकिस्तानी अदालत ने दिसंबर 2024 में ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 17 जनवरी को फैसला सुनाए जाने से पहले तीन बार इसको टाला जा चुका है. इस फैसले के तुरंत बाद बुशरा बीवी को हिरासत में ले लिया गया है. इससे पहले 13 जनवरी को तीसरी बार इस फैसले को टाला गया था. तब इमरान खान अदालत के सामने पेश नहीं हुए थे. उन्होंने कार्यवाही को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया गया था. इमरान खान ने दावा किया कि फैसले में जानबूझकर देरी की जा रही है. ताकि उन पर दबाव डाला जा सके.
राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) ने दिसंबर 2023 में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी और छह दूसरे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जिसमें उन पर राष्ट्रीय कोष को 50 अरब रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था.
अल- कादिरा ट्रस्ट मामला क्या है?पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-कादिर ट्रस्ट मामले में इमरान खान, बुशरा बीबी और कुछ अन्य लोगों पर 50 अरब रुपये के गबन का आरोप लगाया गया है. यह पैसा उनके प्रधानमंत्री रहते बिट्रेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (NCA) ने पाकिस्तानी सरकार को भेजा था.
यह पैसा एक प्रॉपर्टी टायकून मलिक रियाज की संपत्ति से संबंधित है. इमरान खान के कार्यकाल के दौरान मलिक रियाज की 50 अरब रुपए की संपत्ति NCA ने जब्त की थी. पाकिस्तानी अधिकारियों और NCA के बीच हुए डील के तहत ये पैसे पाकिस्तान सरकार को मिलने थे.
राष्ट्रीय जवादेही ब्यूरो (NAB) का आरोप है कि इमरान खान ने इस समझौते से जु़ड़े डिटेल्स का खुलासा किए बिना इसको मंजूरी दे दी. डील के मुताबिक मलिक रियाज की संपत्ति सुप्रीम कोर्ट में जमा कराना था. लेकिन इस डील के कुछ सप्ताह बाद अल-कादिर ट्रस्ट की स्थापना की गई. जिसके उद्देश्य NCA से मिले ब्लैक मनी को वैध बनाना था.
पीटीआई नेता जुल्फी बुखारी, बाबर अवान, बुशरा बीबी और उनकी करीबी मित्र फरहत शहजादी उर्फ फराह गोगी को ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया.
भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी संस्था NAB ने इमरान खान के करीबी सहयोगी बुखारी पर समझौते को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के कुछ महीने बाद मलिक रियाज से लगभग 57 एकड़ जमीन प्राप्त करने का भी आरोप लगाया है. बाद में इस जमीन ट्रस्ट को ट्रांसफर दी गई. जो बुखारी और अवान के बाहर हो जाने के बाद अब इमरान खान, बुशरा और फराह के नाम पर रजिस्टर्ड है.
पिछले साल हुए चुनाव में PTI सबसे बड़ी पार्टीपाकिस्तान में 8 फरवरी 2024 को चुनाव हुए थे. जिसके बाद मार्च में शाहबाज शरीफ ने दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. इस चुनाव से पहले इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक- ए- इंसाफ (PTI) को बैन कर दिया गया था. उनका चुनाव चिन्ह भी छिन गया था. इसके बाद इमरान खान ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपने नेताओं को उतारा था. PTI समर्थित 97 निर्दलीय इस चुनाव में जीत गए. ये संख्या अन्य दलों के विजयी उम्मीदवारों के मुकाबले सबसे ज्यादा थी. हालांकि, आखिर में शाहबाज शरीफ के नेतृत्व में सरकार का गठन हुआ. क्योंकि बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी समेत तमाम बड़ी पार्टियां इनके साथ आ गई थीं. PTI ने इस चुनाव में 18 सीटों पर धांधली के आरोप भी लगाए थे.
वीडियो: पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थकों का उग्र प्रदर्शन, सड़क पर उतरे हजारों लोग

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