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चंडीगढ़ की महिला ने किया IDFC घोटाला? खाते में आए 100 करोड़, भाई के साथ हुई गायब

IDFC First Bank Scam: चंडीगढ़ की एक महिला और उसके भाई के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी किया गया है. जांच में सामने आया कि 100 करोड़ रुपये उनकी कंपनी के खाते में संदिग्ध रूप से ट्रासंफर किए गए.

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आसिफ़ असरार
| शुभम कुमार
25 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 10:09 AM IST)
idfc first bank scam lookout circular
IDFC First Bank स्कैम में दो लोगों के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी किया गया. (फोटो-ITG)
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हरियाणा में IDFC First Bank से जुड़े करीब 590 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच तेज हो गई है. एंटी करप्शन ब्यूरो और स्टेट विजिलेंस साथ मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं. अधिकारियों ने चंडीगढ़ की एक महिला और उसके भाई के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी कर दिया है. बताया गया कि महिला और उसके भाई की कंपनी के खाते में करीब 100 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांसफर का पता चला है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, IDFC First Bank की चंडीगढ़ ब्रांच के एक पूर्व मैनेजर के खिलाफ भी लुक-आउट सर्कुलर जारी किया गया है. अधिकारियों ने बातचीत में बताया,

हम महिला और उसके भाई को तलाश कर रहे हैं. लुक-आउट सर्कुलर जारी करने का मकसद एयरपोर्ट और समुद्री बंदरगाहों पर अलर्ट रखना है, ताकि वे देश से बाहर न जा सकें.

रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पंचकूला में रहने वाले बैंक के पूर्व मैनेजर भी जांच के घेरे में है. आशंका है कि वो करीब छह महीने पहले ही नौकरी छोड़ चुके हैं. बैंक ने अपने बयान में कहा, 

शुरुआती जांच में पता चला है कि ब्रांच के कुछ कर्मचारियों ने जाली दस्तावेज और और गलत पेमेंट निर्देशों को सही बताकर पास कर दिया. इसमें बाहरी लोगों की मिलीभगत की भी आशंका है.

जांच में अब तक क्या मिला?

जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो ने SIT बनाई है. टीम को DSP रैंक के अधिकारी लीड कर रहे हैं और SP रैंक के अधिकारी इसकी देखरेख कर रहे हैं. कई संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है, हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है.  

रिपोर्ट के मुताबिक़, हरियाणा सरकार के अलग-अलग विभाग से बैंक खातों में 590 करोड़ रुपये जमा किए गए थे. लेकिन बाद में बड़ी रकम दूसरी जगह भेजी गई. बीते कुछ महीनों में 170 से ज्यादा बैंक खातों में हुए कम से कम 391 संदिग्ध लेनदेन भी सामने आए हैं. इन खातों में हरियाणा सरकार के अहम विभागों, बैंक कर्मचारियों और चार सीन‍ियर IAS अधिकारियों के खाते भी शामिल हैं.

जांच में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या बैंक कर्मचारियों ने किसी सरकारी विभाग की लिखित मंजूरी दिखाकर पैसा ट्रांसफर किया, या अपने स्तर पर किया? अगर ऑथोराइजेशन लेटर के ज़रिए किया गया है, तो जिस अधिकारी ने मंजूरी दी, क्या उसे इतना बड़ा फैसला लेने का अधिकार था? 

इस मामले में IDFC First Bank, AU Small Finance Bank और अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. FIR 23 फरवरी को पंचकूला के ACB थाने में दर्ज की गई थी. ये कार्रवाई हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की जानकारी के बाद हुई. एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच के लिए एंटी करप्शन लॉ की धारा 13(2) लगाई गई है. इसके अलावा criminal breach of trust, साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराएं भी लगाई गई हैं.

वीडियो: खर्चा-पानी: IDFC फर्स्ट बैंक केस की परतें खुलीं, 24 घंटे में 556 करोड़ रुपये हुए रिकवर

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