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'हमने बीजेपी के लिए भी काम किया', रेड के बाद I-PAC का पहला बयान आया

I-PAC का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई कई गंभीर सवाल खड़े करती है और असहज करने वाली मिसाल कायम करती है.

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प्रतीक जैन के आवास के बाहर मीडियाकर्मी. (PTI)
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सौरभ
9 जनवरी 2026 (Published: 11:43 PM IST)
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के बाद पहली बार I-PAC का बयान आया है. 8 जनवरी को कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी I-PAC के दफ्तर और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की गई. अब I-PAC ने इस छापेमारी को अपने जैसे एक पेशेवर संगठन के लिए एक ‘कठिन और दुर्भाग्यपूर्ण दिन’ बताया है.

बयान में कहा गया, “I-PAC का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई कई गंभीर सवाल खड़े करती है और असहज करने वाली मिसाल कायम करती है. इसके बावजूद संस्था ने जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया है और आगे भी कानून के दायरे में रहते हुए, पूरी जिम्मेदारी और सम्मान के साथ जांच प्रक्रिया में सहयोग करती रहेगी.”

I-PAC ने यह भी कहा कि वह हमेशा अपने काम में पेशेवर ईमानदारी के उच्चतम मानकों पर कायम रही है. कंपनी ने कहा कि को जो कुछ भी हुआ, उसके बावजूद संस्था बिना डरे और विचलित हुए अपने काम को उसी निरंतरता और जवाबदेही के साथ जारी रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिस उद्देश्य के साथ उसने शुरुआत की थी.

अपने बयान में I-PAC ने यह भी रेखांकित किया कि उसने देश की अलग-अलग विचारधाराओं और क्षेत्रों की कई राजनीतिक पार्टियों के साथ काम किया है. इनमें भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, YSR कांग्रेस, तेलंगाना राष्ट्र समिति (अब BRS), जनता दल (U) और शिवसेना शामिल हैं.

संस्था ने स्पष्ट किया कि वह न तो चुनाव लड़ती है और न ही किसी राजनीतिक पद पर है. उसका काम केवल पारदर्शी और पेशेवर राजनीतिक सलाह देने तक सीमित है और यह किसी भी राजनीतिक विचारधारा से प्रभावित नहीं होता.

I-PAC के दफ्तर और प्रतीक जैन के घर पर हुई ED की छापेमारी, उसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जैन के घर पहुंचना और फिर छापेमारी के दौरान I-PAC के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय का दौरा करना, इन सब घटनाओं ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. राज्य में कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में इस पूरे मामले ने राजनीतिक हलचल और तेज कर दी है.

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