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हरियाणा की महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना से सिर्फ 1100 रुपये डायरेक्ट मिलेंगे, बाकी 1000 रुपये का ये होगा

हरियाणा सरकार ने Deen Dayal Lado Lakshmi Yojna के तहत महिलाओं को दी जाने वाली 2100 रुपये की राशि को दो हिस्सों में बांटने का फैसला किया है.

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 Deen Dayal Lado Lakshmi Yojna nayab singh saini
हरियाणा सरकार ने फिर से लाडो लक्ष्मी योजना में बदलाव किया है. (वीडियोग्रैब)
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आनंद कुमार
2 जनवरी 2026 (Published: 11:11 PM IST)
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हरियाणा सरकार ने फिर से 'दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना' (Deen Dayal Lado Lakshmi Yojna) में बदलाव किया है. लाभार्थी महिलाओं को मिलने वाली 2100 रुपये की मासिक राशि को दो हिस्सों में बांट दिया गया है. 1100 रुपया सीधे महिलाओं के बचत खाते में जाएगा. जबकि 1 हजार रुपये सरकार द्वारा फिक्सड डिपॉजिट के रूप में जमा किए जाएंगे.

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि सरकारी बैंक अकाउंट का पैसा लाभार्थियों को कब ट्रांसफर किया जाएगा ये सरकार तय करेगी. मगर इसकी अवधि पांच साल से ज्यादा नहीं होगी. महिला की असामयिक मृत्यु की स्थिति में यह राशि उनके नॉमिनी को तुरंत मिल जाएगी.

और क्या-क्या बदलाव हुए?

‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ के तहत अब जिन परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हुए 10वीं और 12वीं क्लास में 80 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक लाते हैं तो उनकी माताओं को इस योजना का लाभ मिलेगा. 

वहीं केंद्र सरकार के मिशन के तहत क्लास 1 से क्लास 4 तक ग्रेड लेवल प्रोफिशिएंसी हासिल करने वाले बच्चों की माताएं भी इस योजना में शामिल होंगी. इसके अलावा पोषण ट्रैकर से जुड़े जो बच्चे कुपोषण या एनीमिया से ग्रस्त थे और अब पोषण सुधार के बाद ग्रीन जोन में आ गए हैं, उनकी माताओं को भी योजना का लाभ मिलेगा.

इन तीनों कैटेगरी में शामिल महिलाओं के लिए सरकार ने आय सीमा में भी छूट दी है. सामान्य लाभार्थियों के लिए जहां आय सीमा 1 लाख रुपये है, वहीं इनके लिए 1 लाख 80 हजार रुपये होगी.

विपक्ष ने बताया 'वादाखिलाफी'

'दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना' के तहत दिए जाने वाले 2100 रुपये को दो हिस्सों में बांटने पर विपक्ष ने कड़ी आलोचना की है. कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने इसे वादाखिलाफी बताया है. दिप्रिंट से बात करते हुए हुड्डा ने कहा,

चुनाव से पहले बड़े वादे करना और सत्ता में आने के बाद उनसे पलटना बीजेपी की पुरानी आदत है. सरकार ने योजना को लागू करने में एक साल लगा दिया और जब लागू किया तो ऐसी शर्तें लगा दीं कि एक करोड़ महिलाओं में से सिर्फ पांच लाख ही पात्र हो सकीं.

महिला अधिकार कार्यकर्ता जागमती सांगवान ने द प्रिंट से बातचीत में सरकार के बदलावों को सोची समझी रणनीति बताया, जिसका मकसद चुनाव से पहले माहौल बनाना है. उन्होंने कहा कि पांच साल की FD का मतलब है कि ये पैसे 2029 के चुनाव से ठीक पहले या उसी दौरान मिलेंगे.

पहले भी बदलाव कर चुकी है सरकार

बीजेपी ने 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले अपना संकल्प पत्र जारी किया था. इसमें हरियाणा की 18 साल से 60 साल की सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने का वादा किया था, जिनकी संख्या 80 लाख थी. लेकिन 15 सितंबर 2025 को जब योजना की अधिसूचना जारी हुई, तो इसका दायरा काफी सिमट चुका था. 

न्यूनतम उम्र सीमा 18 से बढ़ाकर 23 कर दी गई. परिवार की एक लाख रुपये की न्यूनतम आय सीमा तय कर दी गई. साथ ही योजना के लाभ के लिए हरियाणा का स्थायी निवासी या कम से कम 15 साल से राज्य में रहना जरूरी कर दिया गया. इसके अलावा सरकारी नौकरी या सामाजिक सुरक्षा पेंशन (विधवा भत्ता, दिव्यांग भत्ता, वृद्धावस्था पेंशन) योजनाओं का लाभ लेने वाली महिलाओं को भी योजना से बाहर कर दिया गया.

इन पाबंदियों के चलते केवल 20 लाख महिलाएं ही इस योजना के लिए पात्र रह गईं. नवंबर में जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहली किस्त जारी की तो केवल 5 लाख 22 हजार महिलाओं को ही पैसा मिला था. 1 जनवरी 2026 तक 10 लाख महिलाओं ने ही इस योजना के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है, जोकि राज्य की वयस्क महिला आबादी का सिर्फ 10 प्रतिशत है.

वीडियो: नायब सिंह सैनी ने 2100 रुपये, अनिल विज से झगड़े, केजरीवाल, सैलजा से दोस्ती पर सब बताया

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