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हरियाणा के इस गांव में लोग घर के अंदर ही दफनाते हैं लाशें, वजह परेशान कर देगी

Haryana के गुडाना गांव में मुस्लिम परिवार अपने परिजनों के शव को अपने घर के परिसर में दफनाने को मजबूर हैं. क्योंकि यहां Graveyard नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि वे कब्रिस्तान के लिए नेताओं और अधिकारियों से गुहार लगाकर थक चुके हैं.

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27 दिसंबर 2024 (पब्लिश्ड: 10:01 AM IST)
Haryana Charkhi Dadri gudana village muslim graveyard
हरियाना के गुडाना गांव में घर के परिसर में शव दफनाना पड़ रहा है. (इंडिया टुडे)
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हरियाणा (Haryana) के चरखी दादरी जिले में एक गांव है गुडाना. यहां 50 के करीब मुस्लिम परिवार हैं. लेकिन गांव में क्रबिस्तान (Graveyard) नहीं है. जिसके चलते लोग अपने परिजनों के शव को अपने घर के परिसर में ही दफनाने को मजबूर हैं. गांव वाले अधिकारियों और मंत्रियों से कई बार क्रबिस्तान की जमीन के लिए गुहार लगा चुके हैं. लेकिन हर बार उनके हिस्से बस आश्वासन आता है. आश्वासनों से आजिज आकर मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध का एक ऐसा तरीका निकाला है. जिससे अधिकारियों को काफी परेशानी आने वाली है.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्लिम समाज के लोगों ने फैसला किया है कि अब यदि उनके परिवार में किसी की मृत्यु होती है तो वे शव को लेकर अधिकारियों के दरवाजे पर प्रदर्शन करेंगे. मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि घर के परिसर में कब्रों के बीच रहना उनके लिए मानसिक तनाव का कारण बन गया है. अब्दुल रहीम नाम के एक ग्रामीण ने बताया, 

 हाल ही में एक बुजुर्ग महिला का शव तीन दिन तक पड़ा रहा. क्योंकि उसको दफनाने के लिए जगह नहीं मिली. आखिरकार उसे घर के परिसर में ही दफनाया गया. अब तक इस प्लॉट में दर्जनभर शव दफनाए जा चुके हैं. 

जमीन का मामला हाईकोर्ट में लंबित

गांव के सरपंच रविंद्र कुमार ने बताया कि गांव में जमीन की चकबंदी नहीं हुई है. यह मामला चार साल से हाईकोर्ट में लंबित है. और कोर्ट में सुनवाई की अगली तारीख फरवरी 2025 है. रविंद्र कुमार ने आगे बताया, 

 गांव में क्रबिस्तान के अलावा श्मशान के लिए भी जमीन आवंटित नहीं हो पा  रही है. जिसके चलते मुस्लिम समुदाय के अलावा दूसरे ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. और जल्द ही इसको लेकर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

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वहीं खंड विकास और पंचायत अधिकारी स्वाति अग्रवाल ने बताया कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है. इसलिए फिलहाल कोई स्थाई समाधान नहीं हो सकता. कोर्ट का निर्णय आने पर ही इसका स्थायी समाधान होगा.

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