हंसराज कॉलेज में प्रिंसिपल के बेटे की शादी, छात्र भड़के, DU बोला- 'कुछ गलत नहीं'
Hansraj College Wedding Protest: DU के हंसराज कॉलेज में हर साल होने वाले 'खेलो हंसराज' स्पोर्ट्स टूर्नामेंट रद्द होने से छात्रों की नाराजगी और ज्यादा बढ़ गई. यह टूर्नामेंट 4 फरवरी से 27 फरवरी तक चलने वाला था.

Hansraj College Wedding Controversy: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) का नॉर्थ कैंपस इन दिनों पढ़ाई से ज्यादा एक शादी को लेकर चर्चा में है. मामला हंसराज कॉलेज का है, जहां प्रिंसिपल रमा शर्मा के बेटे की शादी कैंपस परिसर में किए जाने पर छात्र भड़के हुए हैं. यूनिवर्सिटी से लेकर सोशल मीडिया तक यह बहस का मुद्दा बना हुआ है. इस मामले में दिल्ली यूनिवर्सिटी ने सफाई दी है.
इंडिया टुडे से जुड़ीं अपूर्वा आनंद की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 फरवरी को हंसराज कॉलेज के सजे-धजे कैंपस में यह शादी हुई. कॉलेज में लगे पिंक और वाइट टेंट के फोटो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं. विरोध तब भड़का जब सोशल मीडिया पर एक डिजिटल वेडिंग कार्ड दिखा. इसमें 'गेट नंबर 5, हंसराज कॉलेज, दिल्ली-110007' वेडिंग वेन्यू था. कार्ड में दूल्हे के रूप में कॉलेज की प्रिंसिपल के बेटे का नाम था. बस, यहीं से विवाद ने तूल पकड़ लिया.
हंसराज कॉलेज में प्रिंसिपल के बेटे की शादीछात्रों का कहना है कि कॉलेज एक पब्लिक एजुकेशनल इंस्टीट्यूट है, कोई निजी बैंक्वेट हॉल नहीं. सोमवार, 9 फरवरी को जब छात्र कॉलेज पहुंचे तो उन्होंने देखा कि कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है. छात्रों ने आरोप लगाया कि बिना पहले सूचना दिए स्पोर्ट्स ग्राउंड बंद कर दिया गया. लॉन में टेंट लगे थे और लाइटिंग और कैटरिंग की तैयारियां चल रही थीं. कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल के आसपास के हिस्सों का इस्तेमाल मेहमानों के ठहरने के लिए किया जा रहा है.
हंसराज कॉलेज में हर साल होने वाले 'खेलो हंसराज' स्पोर्ट्स टूर्नामेंट रद्द होने से छात्रों की नाराजगी और ज्यादा बढ़ गई. यह टूर्नामेंट 4 फरवरी से 27 फरवरी तक चलने वाला था. छात्रों का कहना है कि जिस मैदान में प्रतियोगिता होनी थी, वही अब शादी की तैयारियों में लगा दिया गया है.
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के नेतृत्व में करीब 200 से ज्यादा छात्र कॉलेज परिसर में प्रदर्शन कर चुके हैं. उनका कहना है कि बिना छात्रों को बताए कैंपस के सार्वजनिक हिस्सों को शादी के लिए इस्तेमाल करना गलत है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी का क्या कहना है?
विवाद बढ़ने पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने सफाई दी है. उनका कहना है कि प्रिंसिपल कॉलेज एक आवंटित आवास में रहती हैं और वहां निजी समारोह करना उनका अधिकार है. उन्होंने कहा,
"यह पहली बार नहीं है जब ऐसा इवेंट हुआ है. इसमें यूनिवर्सिटी का कोई फंड इस्तेमाल नहीं हुआ है और इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं है."
रजिस्ट्रार का यह भी कहना है कि यूनिवर्सिटी के नियमों में साफ तौर पर रेजिडेंशियल कैंपस एरिया में प्राइवेट इवेंट पर रोक नहीं है. ऐसे फैसले हालात के मद्देनजर लिए जाते हैं. माने, केस टू केस बेसिस पर फैसले होते हैं.
वीडियो: दिल्ली में खुले सीवर में गिरने से शख्स की मौत, चश्मदीद ने क्या बताया?

.webp?width=60)

