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शौक पूरे करने के लिए बना फर्जी IAS, 'भारत सरकार' वाली कार में घूमता था, काम- लोगों को लूटना

गुरुग्राम में एक फर्जी अफसर को पुलिस ने दबोच लिया है. 12वीं पास इस शख्स के कारनामे जानकर पुलिस के भी होश उड़ गए.

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11 अगस्त 2025 (अपडेटेड: 11 अगस्त 2025, 08:16 PM IST)
Gurugram Fake officer arrested
पुलिस ने गुरुग्राम में एक 'फर्जी अफसर' को गिरफ्तार किया है (India Today)
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गुरुग्राम पुलिस (Gurugram Police) ने एक ‘फर्जी अफसर’ को गिरफ्तार किया है. वह 12वीं पास है, लेकिन खुद को ‘गृह मंत्रालय का अफसर’ बताकर लोगों पर रौब जमाता था. अपने कनेक्शन का हवाला देकर लोगों से नौकरी, प्रमोशन या ट्रांसफर के बदले पैसे वसूल करता था. पुलिस को खबर मिली थी कि ‘सरकारी गाड़ी’ के साथ वह थाना पालम विहार इलाके में अपने किराये के मकान में रुका हुआ है. पुलिस ने छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से नकली दस्तावेज, फर्जी आईडी कार्ड, दो नीली बत्ती समेत लाखों का कैश बरामद किया गया है.

इंडिया टुडे से जुड़े नीरज वशिष्ठ की रिपोर्ट के मुताबिक, थाना पालम विहार इलाके की पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपने आप को ‘IAS’ बताकर लोगों से रुपये ऐंठता है. उसके पास एक फर्जी सरकारी गाड़ी भी है, जिस पर 'Government of India' लिखा है. फिलहाल वह अपने किराये के मकान में मौजूद है. सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा तो मकान के दूसरे फ्लोर के बरामदे में एक व्यक्ति खड़ा मिला. पुलिस टीम को आता देखकर वह छत की तरफ भागने लगा. 

पुलिस के जवानों ने दौड़ाकर उसे दबोच लिया. पूछताछ करने पर आरोपी की पहचान 31 साल के जय प्रकाश पाठक के रूप में हुई. वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के रघुईपुर गांव का रहने वाला है. उसने 12वीं तक पढ़ाई की है, लेकिन अपने आपको ‘गृह मंत्रालय का अफसर’ बताकर लोगों में खूब रौब गांठता था. 

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने उसके कमरे की तलाशी ली तो वहां कई ऐसी चीजें मिलीं जो उसके फर्जीवाड़े का सबूत हैं. मसलन,

- 2 आईडी कार्ड. एक पर गृह मंत्रालय लिखा है. 

- 1 चिट्ठी जो किसी पुलिस अधिकारी के ट्रांसफर से संबंधित है.

- 1 हथियार का फर्जी लाइसेंस.

- 6 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 1 वॉकी टॉकी सेट.

- 1 आयुष्मान कार्ड, 3 आधार कार्ड, 1 ATM कार्ड, 1 पैन कार्ड, 1 पासपोर्ट.

- 2 मोहर, 1 लाल और 1 नीली बत्ती.

- कुल 2 लाख 50 हजार रुपये कैश.

इसके अलावा आरोपी के घर के बाहर खड़ी एक कार भी बरामद की गई है जिसके आगे-पीछे भारत सरकार लिखा हुआ है.

जय प्रकाश को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे दो दिनों की रिमांड पर भेज दिया गया. इसके बाद पुलिस ने उससे सारी जानकारी उगलवाई तो पता चला कि वह खुद को गृह मंत्रालय का अधिकारी बताकर लोगों से पैसे वसूलता है. ये पैसे नौकरी लगवाने और ट्रांसफर करवाने के नाम पर लिए जाते हैं. इस पैसे से वह अपने और परिवार के शौक पूरे करता है.

पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ फर्जी अधिकारी और किसी बड़े अधिकारी का खास बनकर ठगी करने के संबंध में एक केस उत्तर प्रदेश में भी दर्ज है. 

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