गुजरात में चूहे पकड़ने के लिए पांच लोग गिरफ्तार, ये कानून हर किसी को जान लेना चाहिए
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत ग्लू ट्रैप का उपयोग या बिक्री प्रतिबंधित है. अगर, इसका उल्लंघन होता है तो भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी. इसलिए इन पांच आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया. हालांकि, बाद में इन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.
.webp?width=210)
गुजरात के मेहसाणा में चूहे पकड़ना पांच लोगों को बहुत भारी पड़ गया. पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने चूहे पकड़ने के लिए ग्लू ट्रैप का इस्तेमाल किया था. दरअसल, चूहे पकड़ने के लिए ग्लू ट्रैप का इस्तेमाल करना एक अपराध है.
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत ग्लू ट्रैप का उपयोग या बिक्री प्रतिबंधित है. अगर, इसका उल्लंघन होता है तो भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी. इसलिए इन पांच आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया. हालांकि, बाद में इन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.
यहां हम आपको बताते चलें कि ग्लू ट्रैप असल में एक गत्ते का टुकड़ा होता है. इसकी सतह पर काफ़ी तेज चिपचिपी गोंद लगी होती है. चूहे पकड़ने के लिए लोग इस पर खाने की किसी चीज को रख देते हैं. और फिर इसे घर के किसी कोने में रख देते हैं. जब चूहे इस गत्ते के टुकड़े पर उस खाने की चीज को देखकर आते हैं तो उनके पैर और शरीर इस गोंद से चिपक जाते हैं. और फिर तमाम कोशिश के बाद भी वो खुद को छुड़ा नहीं पाते हैं. तड़प-तड़प कर उनकी जान चली जाती है. इस तरह ग्लू ट्रैप में फंसने से चूहे की क्रूर मौत होती है, जो बेहद अमानवीय है.
यह भी पढ़ें - कूड़ा ना खिलाओ तो फूट-फूट कर रोता है ये कूड़ेदान, पीछे पड़ जाता है, वीडियो वायरल
गुजरात हाई कोर्ट में इस मामले में एक रिट याचिका दाखिल हुई थी. 18 मई, 2024 को हाई कोर्ट ने मौखिक ऑर्डर दिया था कि प्राणी क्रूरता निवारणअधिनियम का सख्ती से पालन किया जाए. इस अधिनियम की धारा 11 के तहत किसी भी जानवर को पीड़ा या दर्द देना अनैतिक है. और इसी को लागू करने के लिए मेहसाणा ज़िला कलेक्टर ने नोटिफिकेशन ज़ारी किया है. इसमें बताया गया है कि जो भी चूहों (या अन्य छोटे जीवों को पकड़ने के लिए) ग्लू ट्रैप का इस्तेमाल करेगा उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.
इंडिया टुडे के पत्रकार मनीष मिस्त्री के रिपोर्ट के मुताबिक़ मेहसाणा ज़िले के डिप्टी एसपी मिलाप पटेल ने इस मामले पर कहा, “कई संस्थाओं ने यह आग्रह किया था कि प्राणी अत्याचार नहीं होना चाहिए. इसी को ध्यान में रखते हुए 5 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई है. ग्लू ट्रैप के मामले में नोटिफिकेशन जारी किया गया था. ग्लू ट्रैप की बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित है."
पुलिस अधिकारी ने जनता से भी अपील की है कि ग्लू ट्रैप का उपयोग चूहे पकड़ने के लिए ना करे.
वीडियो: डॉक्टर महिला को 10 दिनों तक रखा डिजिटल गिरफ्तारी में, ठगे 3.99 करोड़

