The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Greater Noida Engineer Death Yuvraj Mehta police arrested builder abhay kumar mg wishtown

Noida Engineer Death: प्रोजेक्ट के नाम पर 'मौत का गड्ढा' बनाया, आरोपी बिल्डर अभय गिरफ्तार

Greater Noida Engineer Death: अभय कुमार नॉलेज पार्क इलाके में स्थित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट MZ Wishtown के मालिकों में से एक हैं. यह गिरफ्तारी इंजीनियर Yuvraj Mehta की मौत के मामले में हुई. उनकी कार ग्रेटर नोएडा में पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी.

Advertisement
Yuvraj Mehta, Builder Arrest, Yuvraj Mehta builder, Yuvraj Mehta noida, engineer, builder abhay kumar, abhay kumar
इंजीनियर युवराज मेहता (गोले में) की मौत के मामले में बिल्डर अभय कुमार (दाएं) आरोपी है. (ITG)
pic
अरविंद ओझा
font-size
Small
Medium
Large
20 जनवरी 2026 (Updated: 20 जनवरी 2026, 04:54 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया है. गौतम बुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा के इस केस में बिल्डर का नाम बतौर आरोपी शामिल है. उसे नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन की टीम ने पकड़ा है.

अभय कुमार नॉलेज पार्क इलाके में स्थित एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट MZ विशटाउन के मालिकों में से एक हैं. इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम बुद्ध नगर ने अभय कुमार की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है. इसी सिलसिले में यह गिरफ्तारी हुई है.

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम बुद्ध नगर पुलिस को विशटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के एक अन्य मालिक मनीष कुमार की भी तलाश है. अभय कुमार भी इस कंपनी में मालिक हैं. नोएडा के सेक्टर 150 में 2021 में एक मॉल के बेसमेंट एरिया के कंस्ट्रक्शन के लिए 20 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, लेकिन उसके अगले साल से उसमें पानी भर गया था.

मेहता की मौत के बाद उनके पिता की शिकायत के आधार पर विशटाउन प्लानर्स और लोटस ग्रींस के खिलाफ FIR दर्ज की गई. लोटस ग्रींस ने बाद में दावा किया था कि उन्होंने 2019-2020 में नोएडा अथॉरिटी की मंजूरी से यह प्रोजेक्ट विशटाउन प्लानर्स और गृहप्रवेश ग्रुप को बेच दिया था.

शुक्रवार, 16 जनवरी की रात युवराज अपनी तेज रफ्तार ग्रैंड विटारा कार से गुरुग्राम में अपने ऑफिस से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में टाटा यूरेका पार्क स्थित अपने घर लौट रहे थे. तभी उनकी कार पानी से भरे गड्ढे में गिर गई. मदद के लिए बार-बार गुहार लगाने और अपने पिता राजकुमार मेहता की मौजूदगी में लंबे समय तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद इंजीनियर डूब गए थे.

पानी का लेवल बहुत ज्यादा था, जिसकी वजह से कार पलट गई और तैरने लगी. युवराज किसी तरह कार से बाहर निकले और अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन करके एक्सीडेंट के बारे में बताया. उनके पिता ने तुरंत डायल-112 पर कॉल किया और खुद भी मौके पर पहुंचे.

वे कई घंटों तक ठंडे पानी में फंसे रहे. उन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. कई घंटों तक तलाश करने के बाद रेस्क्यू टीम ने उनका शव बरामद किया. इस हादसे को लेकर प्रशासन के कामकाज पर गंभीर सवाल उठे. मामले ने तूल पकड़ा तो सोमवार, 19 जनवरी को उत्तर प्रदेश सरकार ने 2005 बैच के IAS अधिकारी नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम को हटा दिया.

लोकेश एम ने भी एक दिन पहले ही एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया था. इसके अलावा उन्होंने सेक्टर 150 में सड़क और ट्रैफिक से जुड़े कामों की देख-रेख के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे.

19 जनवरी को ही सरकार ने मौत की जांच के लिए 3 सदस्य स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) का भी गठन किया है, जिसे अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देने के लिए 5 दिन मिले हैं. इसमें ADG जोन मेरठ, मंडलायुक्त मेरठ और चीफ इंजीनियर PWD शामिल हैं.

20 जनवरी को नोएडा अथॉरिटी में SIT की मीटिंग हुई. SIT में शामिल ADG भानु भास्कर ने कहा कि अधिकारियों से पूछताछ की गई है. अब SIT मृतक के परिवार से भी बात करेगी. उन्होंने बताया कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी.

फिलहाल SIT की टीम घटनास्थल के निरीक्षण के लिए रवाना हो गई. कुछ और जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरने की आशंका है. SIT मृतक को दो घंटे तक मदद ना मिल पाने का कारण भी तलाश रही है. 

वीडियो: इंजीनियर की मौत के मामले पर यूपी सरकार की बड़ी कार्रवाई, नोएडा अथॉरिटी के CEO को किया सस्पेंड

Advertisement

Advertisement

()