गलगोटिया यूनिवर्सिटी के पूरे विवाद पर सरकार का रिएक्शन आया, कहा- 'ऐसी हरकत... '
AI Impact Summit 2026: Galgotias University ने भी पूरे मामले पर सफाई पेश की है और माफी मांगी है. ये भी कहा कि हमारी एक प्रतिनिधि को प्रोडक्ट की तकनीकी जानकारी नहीं थी और कैमरे पर आने के उत्साह में उन्होंने गलत जानकारी दे दी.

AI Impact Summit में गलगोटिया यूनिवर्सिटी को लेकर हुए पूरे विवाद पर अब सरकार की भी प्रतिक्रिया आई है. सरकार ने कहा है कि समिट में असली काम दिखाना चाहिए. गलत जानकारी को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता. साथ ही सरकार का कहना है कि वह समिट को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद नहीं चाहती है. सरकार ने यह भी कहा है कि विवाद को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी से स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया था, न कि उसके दावों पर जजमेंट देने के लिए.
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने पूरे विवाद पर जवाब देते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
इसके बाद अधिकारी से पूछा गया कि क्या किसी मॉडल को प्रदर्शनी में रखने से पहले चेक किया जाता है कि इसे बनाया कैसे गया है. इस पर एस कृष्णन ने कहा कि समिट कोई सर्टिफ़िकेशन प्लेटफ़ॉर्म नहीं था. उन्होंने कहा,
क्या है विवाद?बताते चलें कि AI Summit में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की ओर से एक रोबोटिक डॉग दिखाया गया था. इस पर विवाद शुरू हो गया था. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने आरोप लगाया कि यह रोबोट चीन से खरीदा गया है और यूनिवर्सिटी ने इसे अपना बनाया हुआ बताकर समिट में पेश किया. विवाद बढ़ा तो जानकारी आई थी कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट से अपना स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया था.
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बाद में यूनिवर्सिटी ने पूरे विवाद पर सफाई जारी की और माफी भी मांगी. गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने 18 फरवरी को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि हम हाल ही में आयोजित AI समिट में हुई कंफ्यूजन के लिए तहे दिल से माफी मांगते हैं. पवेलियन में मौजूद हमारी एक प्रतिनिधि को प्रोडक्ट की तकनीकी जानकारी नहीं थी और कैमरे पर आने के उत्साह में उन्होंने गलत जानकारी दे दी. जबकि उन्हें प्रेस से बात करने का अधिकार नहीं था.
वीडियो: गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने रोबोटिक डॉग पर क्या सफाई दी?

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