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गाय के दूध का प्रसाद खाया, अब भाग-भागकर जा रहे हैं अस्पताल, क्यों दहशत में हैं इस गांव के लोग?

Gorakhpur News: गांव में कुछ दिनों पहले पूजा हुई थी, उसमें प्रसाद उसी गाय के दूध से बना था. अब जिस-जिस ने यह प्रसाद खाया है, वह दहशत में है कि उसकी जान पर बन आई है. तीन से छह महीने पहले तक गाय का दूध पीने वाले लोग भी अस्पताल जा रहे हैं.

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18 नवंबर 2025 (पब्लिश्ड: 02:39 PM IST)
Gorakhpur villagers in panic after They ate cow milk prasad know why
गांव के लोग प्राथमिक उपचार केंद्र पर जा-जाकर इंजेक्शन लगवा रहे हैं. (Photo: File/ITG)
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गोरखपुर के रामडीह गांव में पिछले कुछ दिनों से अफरा-तफरी मची हुई है. लोग दहशत में जी रहे हैं. भाग-भागकर पास के प्राथमिक उपचार केंद्र में जा रहे हैं. खासकर कि जिस-जिस ने गांव में कुछ हफ्ते पहले हुई पूजा का प्रसाद खाया था, वह तो और डर में है. इन सबकी वजह है एक गाय की मौत.

इंडियन एक्स्पप्रेस ने गांव के प्रधान के हवाले से बताया कि करीब एक हफ्ते पहले उनके एक रिश्तेदार के घर पर एक गाय बीमार पड़ गई. जानवरों के डॉक्टर को बुलाया गया. डॉक्टर ने आशंका जताई की गाय को रेबीज है. डॉक्टर ने कहा कि ऐसा लगता है कि गाय को किसी कुत्ते ने काटा है. फिर डॉक्टर ने गाय का वीडियो बनाकर अपने सीनियर को भेजा. सीनियर ने भी कंफर्म किया कि यह लक्षण रेबीज के ही हैं. उन्होंने चेतावनी भी दी कि गाय कुछ दिनों में अजीब बर्ताव करना शुरू कर सकती है.

डॉक्टर ने इंजेक्शन लगवाने को कहा

इसके बाद डॉक्टर ने कहा कि जिस-जिस ने गाय का दूध पिया है, वह एहतियात के तौर पर रेबीज का इंजेक्शन लगवा ले. प्रधान ने यह जानकारी बाकी गांव वालों को दी. पता चला कि 29 अक्टूबर और 2 नवंबर को गांव में पूजा हुई थी. उस पूजा में जो प्रसाद बना था, वह इसी गाय के दूध से बना था. इसी बीच डॉक्टर के बताए अनुसार गाय ने भी अजीब बर्ताव करना शुरू कर दिया. इससे गांव वालों के बीच दहशत फैल गई. डर तक और बढ़ गया, जब चार दिन पहले, शनिवार, 15 नवंबर को गाय की मौत हो गई.

इसके बाद गांव वालों ने कुछ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद प्राथमिक उपचार केंद्र की ओर भागना शुरू किया. लोग लाइनों में लगकर रेबीज का इंजेक्शन लगा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 100 से ज्यादा लोगों को रेबीज के इंजेक्शन की पहली डोज दी जा चुकी है. जिन लोगों ने तीन से छह महीने पहले भी गाय का दूध पिया था, वह भी PHC जाकर इंजेक्शन लगवा रहे हैं. क्योंकि किसी को नहीं पता कि गाय को कुत्ते ने कब काटा था.

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स्वास्थ्य विभाग ने लगाया मेडिकल कैंप

गांव के लोगों की परेशानी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार, 17 नवंबर को एक खास मेडिकल कैंप भी लगाया. इसमें लोगों को रेबीज की डोज दी गई. PHC के मेडिकल ऑफिसर डॉ. जय प्रकाश तिवारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि अब तक किसी भी ग्रामीण में रेबीज के लक्षण नहीं मिले हैं. उन्होंने कहा कि अब तक इसके भी सबूत नहीं मिले हैं कि जानवर का दूध पीने से भी रेबीज हो सकता है, न ही लैब में यह साबित हुआ है कि गाय को सच में रेबीज ही था. उन्होंने कहा कि गांव के लोगों को समझाया जा रहा है कि बेवजह घबराएं नहीं. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.

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