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पिता की तीन पत्नियां, लिव-इन पार्टनर की 2015 में गिरकर मौत... गाजियाबाद सुसाइड केस में नया मोड़

Ghaziabad Police ने बताया कि तीनों बहनों के पिता चेतन कुमार की एक लिव-इन पार्टनर भी थी, जिनकी साल 2015 में छत से गिरकर मौत हो गई थी. उस समय पुलिस ने इस मौत को संदिग्ध माना था, फिर आत्महत्या बताकर केस बंद कर दिया गया. और क्या पता चला है?

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8 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 02:09 PM IST)
Ghaziabad sisters suicide case
गाजियाबाद में ट्रिपल सुसाइड केस में नया मोड़ सामने आया है. (फाइल फोटो: आजतक)
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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है. पुलिस ने बताया कि तीन पत्नियों के अलावा पिता चेतन कुमार की एक लिव-इन पार्टनर भी थी, जिनकी साल 2015 में छत से गिरकर मौत हो गई थी. उस समय पुलिस ने इस मौत को संदिग्ध माना था, फिर आत्महत्या बताकर केस बंद कर दिया गया. अब पुलिस ने उस मामले को भी जांच के दायरे में रखा है.

3 और 4 फरवरी की दरमियानी रात तीन बहनों ने एक साथ अपनी जान दे दी थी. मृतक तीनों बहनें नाबालिग थीं, जिनकी पहचान निशिका (16 साल), प्राची (14 साल) और पाखी (12 साल) के तौर पर हुई है. मामला गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ के भारत सिटी का है. पुलिस ने बताया कि तीनों लड़कियां कोरियन कल्चर से बहुत प्रभावित थीं और इसे ही सुसाइड की एक बड़ी वजह माना जा रहा है.  

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, चेतन कुमार का फैमिली स्ट्रक्चर बहुत अजीब है. पुलिस सूत्रों ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ के बाद बताया कि चेतन की वर्तमान में तीन पत्नियां हैं- सुजाता, हीना और टीना. तीनों सगी बहनें हैं. सुजाता निशिका की मां हैं, जबकि हीना प्राची और पाखी की मां हैं.

इस बीच, डीसीपी (ट्रांस हिंडन) निमिश पाटिल ने बताया कि चेतन की लिव-इन पार्टनर की 2015 में साहिबाबाद पुलिस स्टेशन क्षेत्र के राजेंद्र नगर कॉलोनी में एक फ्लैट की छत से गिरने के बाद मौत हो गई थी. पाटिल ने कहा, 

शुरुआत में मौत को संदिग्ध माना गया था, लेकिन जांच के बाद इसे आत्महत्या घोषित कर दिया गया.

उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं है जो पहले के मामले को तीनों बहनों की मौत से जोड़ता हो. हालांकि, अब यह मामला जांच के दायरे में है. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या फैमिली स्ट्रक्चर और घरेलू वातावरण का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव पड़ा था. 

ये भी पढ़ें: 'ऑनलाइन गेम की वजह से नहीं...', गाजियाबाद सुसाइड केस में पुलिस का बड़ा खुलासा

सीनियर अधिकारियों ने कहा कि लड़कियों के कमरे से बरामद सुसाइड नोट से पता चलता है कि वे अपनी माताओं की तुलना में अपने पिता से भावनात्मक रूप से ज्यादा जुड़ी हुई थीं. एक अधिकारी ने बताया, 

लड़कियों ने खत में अपने पिता का जिक्र किया था और अपनी माताओं का जिक्र नहीं किया था.

कमरे से नौ पन्नों की एक छोटी डायरी भी जब्त की गई है, जिसकी जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिता चेतन ने तीनों बहनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए थे, जिसके बाद वे बहुत परेशान थीं. चेतन ने देखा कि लड़कियां कोरियन ऐप्स, ऑनलाइन गेम्स का बहुत ज्यादा इस्तेमाल कर रही थीं, जिसके बाद उनसे फोन छीन लिए गए. बाद में चेतन ने उन फोनों को बेच दिया.

डीसीपी पाटिल ने कहा, "हम मामले की हर एंगल से जांच कर रहे हैं और सभी दावों को वेरिफाई कर रहे हैं."

(नोट:- अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल, तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

वीडियो: गाजियाबाद में तीन बहनों की मौत पर अब क्या पता चला?

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