The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Fire incident calls to Delhi Fire Service more than 2700

ढाई महीने में दिल्ली में 2700 अग्निकांड, ज्यादातर के पीछे ये एक वजह

Fire incident calls DFS: 1 जनवरी से 15 मार्च तक दिल्ली में ही आग लगने की 2716 कॉल पर कार्रवाई की है. माने डिपार्टमेंट को एक-एक दिन में ही आग की घटना से जुड़ी करीब 36 कॉल मिली हैं. इनमें 13 लोगों की मौत हो गई और 111 लोग अलग-अलग तरह से घायल हो गए.

Advertisement
Fire incident calls DFS
पालम हादसे की एक तस्वीर. (फोटो- PTI)
pic
रितिका
19 मार्च 2026 (अपडेटेड: 19 मार्च 2026, 11:04 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

गर्मी अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई है और जानलेवा अग्निकांड होने लगे हैं. दिल्ली के पालम इलाके में एक बहुमंजिला बिल्डिंग में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई और तीन लोग बुरी तरह से झुलस गए. आग लगने की खबर इंदौर से भी सामने आई, जहां एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई.   

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने 1 जनवरी से 15 मार्च तक दिल्ली में ही आग लगने की 2716 कॉल पर कार्रवाई की है. माने डिपार्टमेंट को एक-एक दिन में ही आग की घटना से जुड़ी करीब 36 कॉल मिली हैं. इनमें 13 लोगों की मौत हो गई और 111 लोग अलग-अलग तरह से घायल हो गए.

इन घटनाओं की असल वजह बिजली की खराबी बताई गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, सर्दियों में कई महीनों तक कई इलेक्ट्रिक डिवाइस इस्तेमाल नहीं होते. ऐसे में जब उन्हें बिना सर्विस या जांच के अचानक दोबारा से चालू किया जाता है, तो वो खतरनाक साबित हो सकता है. 

एक फायर ऑफिसर ने अखबार को बताया कि जरूरी रखरखाव को नजरअंदाज करते हुए अगर अचानक से बिजली चालू की जाती है, तो उससे शॉर्ट सर्किट हो सकता है. डिवाइस खराब हो सकते हैं या आग लगने का खतरा भी पैदा हो सकता है.

एक अन्य अधिकारी ने माना की आग लगने की लगभग 85% घटनाओं की वजह बिजली की खराबी है. उन्होंने कहा,

Embed

उन्होंने कहा कि पुराने इलेक्ट्रिकल सिस्टम और ज्वलनशील चीजों का यह मेल आग के तेजी से फैलने का खतरा काफी बढ़ा देता है. अधिकारी ने ये भी कहा कि इमारतों में कांच का इस्तेमाल अग्निशमन कर्मियों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी करता है. क्योंकि इससे अंदर जाने में रुकावट आ सकती है. आग जल्द बढ़ सकती है. बचाव कार्यों में ये बाधा बन सकते हैं.

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 7312 आग की घटनाएं ऐसी इमारतों में हुईं, जो बिना फायर NOC के चल रही थीं. रिहायशी इमारतों में आग लगने की 5506 घटनाएं हुईं. इनमें से सिर्फ 12 के पास ही वैध फायर NOC था. बाकी 5494 बिल्डिंग्स बिना NOC के ही चल रही थीं.

वीडियो: भारत में छिपे यूक्रेनी नागरिकों को NIA ने किया गिरफ्तार, यूक्रेन ने क्या कहा?

Advertisement

Advertisement

()