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राजा वडिंग की बढ़ी मुश्किलें, बूटा सिंह पर 'जाति सूचक' टिप्पणी करने पर बेटे ने कराई FIR

एक रैली के दौरान Amarinder Singh Raja Warring ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय Buta Singh पर कथित तौर पर जाति सूचक टिप्पणी की थी. इस पर बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह सिद्धू ने आपत्ति जताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

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5 नवंबर 2025 (अपडेटेड: 5 नवंबर 2025, 03:08 PM IST)
FIR against Raja Warring Buta Singh casteist remark
पूर्व गृह मंत्री बूटा सिंह (दाएं) और कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वडिंग (बाएं). (Photo: X/INC)
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पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग (Raja Warring) के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. एक रैली के दौरान उन्होंने पूर्व गृहमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय बूटा सिंह (Buta Singh) पर कथित तौर पर जाति सूचक टिप्पणी की थी. इस पर बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह सिद्धू ने आपत्ति जताई और कपूरथला जिले के साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, अपनी शिकायत में, सरबजोत सिंह ने राजा वडिंग के बयान को ‘बेहद आपत्तिजनक और जातिवादी’ बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि राजा वडिंग का बयान न केवल गलत था, बल्कि यह ‘मजहबी सिख समुदाय’ से ताल्लुक रखने वाले एक नेता का सीधा अपमान भी था. उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा, 

राजा वडिंग ने जानबूझकर अपमानजनक संदर्भ में 'ब्लैक सिख' शब्द का इस्तेमाल किया. यह स्पष्ट रूप से 'बॉडी शेमिंग' की तरह है. इन टिप्पणियों से राज्य में जाति-आधारित तनाव भड़कने की आशंका है. ये टिप्पणियां एक ऐसे राष्ट्रीय नेता की विरासत का अपमान करती हैं, जिन्होंने देश की विशिष्ट सेवा की.

मंगलवार, 4 नवंबर को दर्ज FIR के मुताबिक, लुधियाना के सांसद राजा वडिंग पर SC/ST (अत्याचार निवारण) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (धर्म, जाति के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

राजा वडिंग ने क्या कहा था?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पंजाब के तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के कैंपेन के दौरान एक रैली में बूटा सिंह को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. कथित तौर पर उन्होंने कहा था,

बूटा सिंह, जो सिख धर्म से थे और बाल्मीकि समुदाय से आते थे, उनका रंग सांवला था और उनका बैकग्राउंड भी आम आदमी का था. इसके बावजूद, कांग्रेस ने उनकी योग्यता और सेवा को मान्यता देते हुए उन्हें देश का गृह मंत्री बनाया. गुरबाणी में भी लिखा है - “रंगरेटे गुरु के बेटे”, जो बताता है कि समर्पण और कर्म ही असली पहचान है, न कि जाति या रंग.

उनके इस बयान पर विपक्षी पार्टियों ने आपत्ति जताई और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पार्टी से निकालने की मांग की. वहीं, पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने भी एक्शन लेते हुए अमरिंदर सिंह को नोटिस भेजा और उनसे 6 नवंबर तक लिखित में जवाब मांगा. 

मामला बढ़ता देख राजा वडिंग ने ‘बिना शर्त माफी’ मांगी और कहा कि उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता बूटा सिंह उनके लिए पिता समान हैं.

ये भी पढ़ें: 'बाल्मीकि समुदाय से थे, रंग सांवला था फिर भी कांग्रेस ने... ', बूटा सिंह की बात कर फंस गए राजा वडिंग

कौन थे बूटा सिंह?

बूटा सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रमुख दलित चेहरा थे. वे राजीव गांधी और इंदिरा गांधी के करीबी माने जाते थे. बूटा सिंह 1986 से 1989 तक देश के गृह मंत्री थे. वहीं 2004 से 2006 तक बिहार के राज्यपाल थे. इसके अलावा 2007 से 2010 तक वह राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रहे. 2 जनवरी 2021 को उनका निधन हुआ था.

वीडियो: पंजाब: कांग्रेस के अमरिंदर सिंह ने बूटा सिंह पर जातिसूचक टिप्पणी की, हंगामा हुआ तो माफी मांग ली

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