'अपनी दुल्हन को गोवा में बेचने वाला था', शादी में 15 लाख कैश लेने वाला फर्जी IAS अरेस्ट
Gorakhpur Fake IAS Oficer: लड़की के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 'निषाद विवाह ग्रुप' नाम के वॉट्सऐप ग्रुप से उन्हें प्रीतम निषाद का बायोडाटा मिला था. पीड़ित ने बताया कि बेटी की शादी के लिए बात की, तो प्रीतम ने खुद को IAS अधिकारी बताया था.

प्रीतम निषाद का IAS अफसर बनने का सपना था, लेकिन कभी UPSC का एग्जाम नहीं दिया. सपना पूरा हुआ नहीं, तो आरोप है कि प्रीतम नकली IAS बनकर ही भौकाल मचाने लगा. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक लड़की से शादी भी कर ली. पहले कहा कि दहेज नहीं लूंगा, फिर कथित तौर पर लड़की के परिवार से दो बार में 15 लाख रुपये कैश भी ले लिए. प्रीतम की पोल खुली, तो लड़की के पिता ने उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई. 24 मार्च को पुलिस ने प्रीतम को जालौन से गिरफ्तार कर लिया.
आजतक से जुड़े गजेंद्र त्रिपाठी की रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी प्रीतम उनकी बेटी को गोवा में बेचने की फिराक में था. पुलिस इस आरोप की भी जांच कर रही है. पुलिस की पूछताछ में प्रीतम ने बताया कि वो B.Sc. तक पढ़ा है. उसने कभी यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) का सिविल सर्विस एग्जाम नहीं दिया. इस एग्जाम को पास करके ही इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) और इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) अधिकारी बनते हैं.
गोरखपुर के एडिशनल पुलिस सुपरिटेंडेंट (सिटी) निमिष पाटिल ने बताया कि इस मामले में शिकायतकर्ता ने थाना कैंट में एक FIR दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि प्रीतम ने UPSC का रिजल्ट एडिट करके उसमें अपना नाम जोड़ दिया. उन्होंने आगे बताया,
"शिकायतकर्ता ने FIR में बताया था कि प्रीतम निषाद नाम के व्यक्ति ने फर्जी IAS बनकर उनकी बेटी के साथ शादी कर ली है. इसी सूचना का संज्ञान लेते हुए सुसंगत धाराओं में FIR पंजीकृत की गई थी. और आरोपी को पकड़ने के लिए प्रयास किए गए. आज (24 मार्च) मुख्य आरोपी प्रीतम निषाद उर्फ अर्जुन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी ने पूछताछ में बताया गया कि उसने कभी UPSC का एग्जाम क्लियर नहीं किया. आरोपी अपने आपको मणिपुर कैडर का IAS अधिकारी बताता था. आरोपी का एजुकेशनल बैकग्राउंड B.Sc का रहा है."
एडिशनल SP (सिटी) निमिष पाटिल ने यह भी बताया कि आरोपी ने दो महिलाओं के साथ शादी करने की बात कबूल की है. एक महिला का तो जिक्र मौजूदा मामले की FIR में है ही, इससे पहले भी आरोपी एक अन्य महिला के साथ शादी कर चुका है. पुलिस ने कहा कि आरोपी ने खुद को फर्जी IAS बताकर कई लोगों के साथ फ्रॉड किया है.
लड़की के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 'निषाद विवाह ग्रुप' नाम के वॉट्सऐप ग्रुप से उन्हें प्रीतम निषाद का बायोडाटा मिला था. प्रीतम इटावा के लुधियात स्थित इकदिल मोहल्ले का रहने वाला है. उसके पिता का नाम शिवपाल सिंह निषाद है. पीड़ित ने बताया कि बेटी की शादी के लिए बात की, तो प्रीतम ने खुद को IAS अधिकारी बताया.
लड़की पक्ष का आरोप है कि प्रीतम ने उन्हें भरोसा दिलाने के लिए न्यूज चैनल पर दिए गए कथित इंटरव्यू, ऑफिस और कुछ नेताओं के साथ अपनी फोटो-वीडियो भी भेजे. फोटो भेजने के बाद फर्जी IAS प्रीतम ने कहा कि वह बिना दहेज के शादी करेगा, लेकिन लड़की पसंद आनी चाहिए.
बात बन गई और शादी के लिए 11 मार्च की तारीख तय कर दी गई. आरोप है कि शादी से पहले प्रीतम ने लड़की वालों से खर्च के नाम पर 15 लाख रुपये मांगे. पुलिस को दी शिकायत में बताया गया कि लड़की वालों ने प्रीतम को सगाई के दिन 10 लाख रुपये और बाकी 5 लाख रुपये शादी के दिन तिलक में दिए.
11 मार्च को शादी हुई और 12 मार्च को बारात विदा कर दी गई. बारात विदा होने के बाद एक व्यक्ति से पता चला कि दूल्हा IAS अधिकारी नहीं है. आरोपी की पोल खुलने पर लड़की का परिवार उसके बताए पते पर पहुंचा. वहां एक छोटे से कमरे में उनकी बेटी मिली. आरोप है कि प्रीतम और उसकी बहन उन्हें देखते ही मौके से फरार हो गए.
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