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"कोई और तय नहीं करेगा कि सुप्रीम कोर्ट क्या सुनवाई करे..." संजय राउत के बयान पर डीवाई चंद्रचूड़ का जवाब

Maharashtra की कुल 288 विधानसभा सीटों में से महा विकास अघाड़ी को केवल 49 पर जीत मिली है. इस चुनावी हार के लिए Sanjay Raut ने पूर्व CJI DY Chandrachud को जिम्मेदार ठहराया था.

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27 नवंबर 2024 (पब्लिश्ड: 11:19 AM IST)
DY Chandrachud
पूर्व CJI ने संजय राउत की टिप्पणी का जवाब दिया है. (फाइल फोटो: PTI)
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भारत के पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) ने कहा है कि कोई एक पार्टी या व्यक्ति ये तय नहीं कर सकता कि सुप्रीम कोर्ट को किन मामलों पर विचार करना चाहिए. चंद्रचूड़ की ये टिप्पणी शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत (Sanjay Raut) के आरोपों के बाद आई है. राउत ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी की हार के लिए पूर्व CJI को जिम्मेदार ठहराया था.

चंद्रचूड़ ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा,

“इस पूरे साल में हम संवैधानिक के मौलिक मामलों, 9 न्यायाधीशों की पीठ के फैसलों, 7 न्यायाधीशों की पीठ के फैसलों, 5 न्यायाधीशों की पीठ के फैसलों से निपट रहे थे. अब क्या किसी एक पक्ष या व्यक्ति को ये तय करना चाहिए कि सर्वोच्च न्यायालय को किस मामले की सुनवाई करनी चाहिए. माफ कीजिए, ये विकल्प CJI के पास है.”

Sanjay Raut ने क्या कहा?

शिवसेना (UBT), कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP की इस चुनाव में बुरी हार हुई है. राज्य की कुल 288 विधानसभा सीटों में से महा विकास अघाड़ी को केवल 49 पर जीत मिली है. इस चुनावी हार के बाद संजय राउत ने कहा था कि डीवाई चंद्रचूड़ ने विधायकों की अयोग्यता संबंधी याचिकाओं पर फैसला नहीं किया. इसके कारण राजनेताओं से कानून का डर खत्म हो गया. और फिर राजनीतिक दलबदल हुए. संजय राउत ने दावा किया कि इसी कारण से महा विकास अघाड़ी की हार हुई.

ये भी पढ़ें: CJI चंद्रचूड़ ने अपनी विदाई में क्या-क्या कहा? आखिरी दिन उनके कई 'राज' सबको पता चल गए

साल 2022 में क्या हुआ था?

साल 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना टूट गई. इसके कारण उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार गिर गई और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार का गठन हुआ. इसके बाद ठाकरे ने एकनाथ शिंदे के साथ पार्टी से अलग हुए विधायकों की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. शिंदे गुट ने भी जवाबी याचिका दायर की. सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को इन याचिकाओं पर फैसला करने को कहा. इस साल जनवरी में स्पीकर ने शिंदे गुट को ‘असली’ शिवसेना घोषित किया.

राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व CJI ने कहा कि लगभग 20 सालों से कई संवैधानिक मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं. उन्होंने कहा,

"आपने हमें बताया कि हमें जो समय दिया गया है, उसमें से हम एक मिनट भी कम नहीं कर रहे हैं. और ऐसी आलोचना जायज है. सुप्रीम कोर्ट में 20 साल से महत्वपूर्ण संवैधानिक मामले लंबित हैं. सुप्रीम कोर्ट इन 20 साल पुराने मामलों को क्यों नहीं ले रहा है और कुछ हालिया मामलों पर विचार क्यों नहीं कर रहा है? और फिर अगर आप पुराने मामलों को लेते हैं, तो आपको बताया जाता है कि आपने इस विशेष मामले को नहीं लिया. खैर, आपके पास सीमित जनशक्ति है और आपके पास न्यायाधीशों की एक निश्चित संख्या है. आपको संतुलन बनाना होगा."

उन्होंने आगे कहा,

“असली समस्या ये है कि राजनीति का एक खास वर्ग ये महसूस करता है कि अगर आप मेरे एजेंडे का पालन करते हैं तो आप स्वतंत्र हैं… इसके बारे में मुझे लगता है कि आपको ही फैसला करना चाहिए.”

डीवाई चंद्रचूड़ अपने दो साल के कार्यकाल के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद से 10 नवंबर को रिटायर हुए.

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