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सीरिया में रह रहे 75 भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

India ने मंगलवार 10 दिसंबर को Syria से 75 भारतीय नागरिकों को निकाला है. इसमें से 44 लोग जम्मू-कश्मीर से थे.

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11 दिसंबर 2024 (पब्लिश्ड: 09:03 AM IST)
Evacuation of 75 Indian Nationals from Syria
सीरिया में विद्रोही गुटों का कब्जा है (फोटो- रॉयटर्स)
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10 दिसंबर को भारत के विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस नोट जारी किया है. इस नोट में बताया गया की मंगलवार 10 दिसंबर की की देर रात सीरिया से 75 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. इन 75 लोगों में से 44 लोग जम्मू-कश्मीर से थे. ये सभी Saida Zainab में फंसे थे. प्रेस नोट में कहा गया है की इन सभी नागरिकों को सुरक्षित लेबनान पहुचा दिया गया है. साथ ही ये जानकारी दी गई की इस रेस्क्यू को दामिश्क और लेबनान की राजधानी बेरूत स्थित भारतीय दूतावास ने अंजाम दिया. इन दोनों दूतावासों को सीरिया में स्थिति बिगड़ने के साथ ही एक्टिव रहने को कह दिया गया था.

इस बीच विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी प्रेस नोट में सीरिया में रह रहे भारतीयों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी की गई है. साथ ही सीरिया में भारतीयों से कहा गया है कि वो दमिश्क़ स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें. सरकार लगातार वहां की स्थिति पर नज़र बनाए हुए है.

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भारत ने जिन 75 लोगों को निकाला है उनमें से 44 लोग जम्मू-कश्मीर के 'ज़ायरीन' थे. ये सभी लोग दामिश्क़ के पास स्थित Sayyidah Zaynab Mosque में धार्मिक यात्रा पर गए हुए थे. इस्लाम धर्म में इस जगह को पवित्र माना जाता है. यहां Zaynab Bint Ali की क़ब्र है जो हज़रत अली और बीबी फातिमा की बेटी थीं.

Sayyidah Zaynab Mosque
Sayyidah Zaynab Mosque (PHOTO-Wikipedia)

बीते रविवार, 8 दिसंबर को सीरिया में विद्रोही गुटों ने राजधानी दमिश्क़ पर कब्ज़ा कर लिया था. दमिश्क़ से पहले ही विद्रोही गुट सीरिया के सारे बड़े शहरों को जीत चुके थे. जैसे ही विद्रोही गुटों के दमिश्क़ पहुंचने की खबर आई, साल 2000 से सत्ता पर काबिज़ राष्ट्रपति बशर-अल-असद देश छोड़कर भाग गए. उनके भागने के साथ ही 1971 से सीरिया पर चला आ रहा असद परिवार का शासन ख़त्म हो गया. उनके देश छोड़कर भागने के बाद विद्रोही गुट हयात-तहरीर-अल-शाम (HTS) ने राजधानी दमिश्क़ का कंट्रोल अपने हाथों में ले लिया. पहले बस ये ख़बरें आईं कि बशर-अल-असद ने देश छोड़ दिया है. बाद में रूसी मीडिया ने बताया कि बशर-अल-असद रूस में हैं और उन्हें राजनीतिक शरण दी गई है.

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