The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Engines break down repeatedly Two months before Narmada bargi dam cruise tragedy MP government got a warning

जबलपुर क्रूज हादसे में बड़ा खुलासा, अफसरों को पता था बोट खराब है, फिर भी कुछ नहीं किया

Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident: जबलपुर के बरगी बांध में 30 अप्रैल को हुए भीषण क्रूज हादसे के बाद अब ऐसा खुलासा सामने आया है, जिसने पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बोट की मरम्मत से जुड़ी कंपनी, हैदराबाद बोट बिल्डर्स ने यूनिट को ईमेल के जरिए बताया कि इंजन बहुत पुराने हो गए हैं और उनके स्पेयर पार्ट्स अब मार्केट में मौजूद नहीं हैं.

Advertisement
pic
14 मई 2026 (अपडेटेड: 14 मई 2026, 12:24 PM IST)
Engines break down repeatedly Two months before Narmada bargi dam cruise tragedy MP government got a warning
क्रूज हादसे में 13 लोगों की जान चली गई थी (PHOTO-AajTak)
Quick AI Highlights
Click here to view more

30 अप्रैल को मध्य प्रदेश के बरगी डैम में जो क्रूज हादसा हुआ वो अफसरों की लापरवाही से हुआ था. अफसरों को पता था कि वो जो लापरवाही कर रहे हैं उससे लोगों की मौत हो सकती है, लेकिन फिर भी एक्शन लेने की जहमत नहीं उठाई गई. अफसरों की टेबल पर वो फाइलें मौजूद थीं, वो हादसे के लिए आगाह कर रही  थीं, लेकिन उन फाइलों को पलटना तो दूर उन पर नजरें तक नहीं फेरी गईं. अगर उन फाइलों की धूल साफ कर उनमें लिखी रिपोर्ट को पढ़ लिया जाता तो आज वो 13 लोग जिंदा होते. 

लगातार इंजन खराब होने की शिकायत

जबलपुर के बरगी बांध में 30 अप्रैल को हुए भीषण क्रूज हादसे के बाद अब ऐसा खुलासा सामने आया है, जिसने पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्रूज बोट पलटने से दो महीने पहले, बोट को चलाने वाले सरकारी रिसॉर्ट के अधिकारियों ने सीनियर अधिकारियों को औपचारिक रूप से चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि पुराने हो चुके क्रूज के इंजन बार-बार खराब हो रहे हैं और उन्हें तुरंत बदलने की जरूरत है. लेकिन सीनियर अधिकारियों ने इस शिकायत की सुध नहीं ली.

'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक 1 मार्च, 2026 के एक अंदरूनी लेटर से पता चलता है कि मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के तहत, आने वाले मैकल रिसॉर्ट और वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अधिकारियों ने बरगी बांध पर चलने वाली दोनों क्रूज बोट के बारे में चिंता जताई थी. इसके बावजूद विभाग के लेवल पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इस लेटर में खास तौर पर 14 जनवरी, 2025 की एक घटना का जिक्र है. इस घटना में 'रीवा' क्रूज बोट के दोनों इंजन राउंड के दौरान बंद हो गए थे.

बोट खराब, लेकिन मार्केट में पार्ट्स नहीं

पर्यटन विभाग को लिखे गए लेटर के अनुसार, बोट की मरम्मत से जुड़ी कंपनी, हैदराबाद बोट बिल्डर्स ने यूनिट को ईमेल के जरिए बताया कि इंजन बहुत पुराने हो गए हैं और उनके स्पेयर पार्ट्स अब मार्केट में मौजूद नहीं हैं. इसलिए सुझाव दिया गया कि कि "दोनों इंजनों को बदल दिया जाना चाहिए". यह चेतावनी दूसरी बोट 'मैकल सुता' पर भी लागू होती है जो 30 अप्रैल को हादसे का शिकार हुई. 

जबलपुर में पर्यटन निगम के रीजनल मैनेजर को लिखे इस लेटर में कहा गया था कि दोनों क्रूज बोट की कई बार मरम्मत की गई थी, लेकिन उनमें इंजन की बार-बार आने वाली समस्याएं बनी रहीं. उनमें से एक क्रूज बोट 'मैकल सुता' 2006 में और दूसरी बोट 'रीवा' 2007 में शुरू हुई थी. लेटर में ये भी जोड़ा गया कि अधिकारियों को "लेटर लिख-लिख कर कई बार" इस ​​बारे में जानकारी दी गई थी. शिकायत के साथ लेटर में अधिकारियों से आग्रह भी किया गया था कि वे पर्यटकों का सीजन जोर पकड़ने से पहले मरम्मत का काम पूरा कर लें या इंजन बदल दें.

लेकिन इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया. 30 अप्रैल को हुए क्रूज हादसे में 13 टूर‍िस्ट को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. वहीं 28 टूरिस्ट्स को सकुशल बचा लिया गया था. इसके बाद राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए थे. सुरक्षा समीक्षा पूरी होने तक पूरे मध्य प्रदेश में इसी तरह के क्रूज संचालन पर रोक लगा दी गई थी.  

टूरिज्म डिपार्टमेंट की कार्रवाई

घटना के बाद जबलपुर में पर्यटन निगम के रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को हटाकर उन्हें पर्यटन विभाग के भोपाल मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है. इसके अलावा सरकार ने रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग बनाया गया है, जिसे 3 महीने में रिपोर्ट देनी है. क्रूज के पायलट, हेल्पर और टिकट प्रभारी को बर्खास्त कर दिया गया, जबकि मैनेजर को सस्पेंड किया गया है. जबलपुर हाईकोर्ट ने क्रू मेंबर्स पर FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं. साथ ही प्रदेश में क्रूज संचालन पर अस्थायी रोक लगाकर घाटों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है.  

लेकिन सवाल अब भी वही है कि जब खतरे की जानकारी पहले से थी, तो पुराने और खराब क्रूज को पर्यटकों के साथ पानी में क्यों उतारा गया. सिर्फ क्रूज चालक पर कार्रवाई करने के बजाय उन अधिकारियों की जिम्मेदारी क्यों नहीं तय की जा रही है, जिन्होंने चेतावनी मिलने के बाद भी संचालन जारी रखने की अनुमति दी. 

वीडियो: जबलपुर क्रूज हादसे में जीवित बचे यात्रियों ने क्या बताया?

Advertisement

Advertisement

()