वोटर आईडी लिंक होगा Aadhaar से, इस पर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से क्या मांग कर दी?
UIDAI और भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई. इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अलावा UIDAI के सीईओ शामिल थे. बैठक में यह तय किया गया कि सभी कानूनों और कोर्ट के निर्दशों का पालन करते हुए मतदाता फोटो पहचान पत्र को आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा.

वोटर आईडी कार्ड और आधार कार्ड को लिंक करने की कवायद जल्द ही शुरू होने वाली है. यह बात निर्वाचन आयोग और यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के अधिकारियों के बीच हुई बैठक से निकलकर आई है. चुनाव आयोग ने इस संबंध में एक पत्र जारी किया है. इसके बाद इस मसले पर राजनीति तेज हो गई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बीजेपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं.
चुनाव आयोग ने क्या कहा?UIDAI और भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के अधिकारियों के बीच नई दिल्ली में 18 मार्च को एक बैठक हुई. बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अलावा UIDAI के सीईओ शामिल थे. इस बैठक में यह तय किया गया कि सभी कानूनों और कोर्ट के निर्दशों का पालन करते हुए मतदाता फोटो पहचान पत्र को आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा. इस बात की जानकारी आयोग के एक पत्र से निकलकर आई है. पत्र में लिखा गया है,
इस मसले पर UIDAI और ECI के एक्सपर्ट के बीच तकनीकी परामर्श जल्द ही शुरू होने वाला है.
राहुल गांधी के पोस्ट पर अमित मालवीय की प्रतिक्रियाचुनाव आयोग के पत्र जारी करने के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ‘एक्स’ हैंडल से एक पोस्ट किया है. उन्होंने कहा,
राहुल ने आगे लिखा,
इसके साथ ही राहुल ने मांग की कि महाराष्ट्र 2024 विधानसभा और लोकसभा चुनावों की पूरी वोटर लिस्ट को सार्वजनिक रूप से साझा करके, नाम जोड़ने और हटाने के मुद्दे पर भी प्रकाश डालना चाहिए.
बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने राहुल गांधी के पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा,
उन्होंने आगे लिखा,
मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी को INDIA गठबंधन की कभी सहयोगी रहीं ममता बनर्जी की पार्टी की ज्यादा चिंता करनी चाहिए क्योंकि TMC के सामने अपने कोर वोटर बेस अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या को खोने का खतरा है जो फर्जी वोटर कार्ड के जरिए मतदान करते आए हैं.
बता दें, यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिव सेना (UBT) समेत कई राजनीतिक दलों ने एक ही मतदाता पहचान पत्र नंबर वाले वोटर्स का मुद्दा उठाया है. राहुल गांधी ने बीते दिनों महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में गड़बड़ियों का आरोप लगाया था. उनका दावा था कि पांच महीने के भीतर राज्य की मतदाता सूची में 39 लाख से ज्यादा वोटर जोड़े गए. उन्होंने आयोग से फाइनल लिस्ट की मांग की थी.
चुनाव आयोग ने माना था कि कुछ राज्यों में खराब अल्फान्यूमेरिक सीरीज के कारण गलती हुई थी. इससे एक ही नंबर दोबारा जारी हो गए थे, लेकिन इसे फर्जीवाड़ा नहीं कहा जा सकता.
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