The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • ED attached hyderabad cricket association immovable property worth 51.29 lakh

क्रिकेट की बॉल और स्टेडियम की कुर्सियों तक में घोटाला, हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन पर ED का शिकंजा

ED ने फंड गबन के आरोप में Hyderabad Cricket Association से जुड़े पदाधिकारियों पर PMLA के तहत एक्शन लिया है. ईडी की जांच में पता चला कि पदाधिकारियों ने क्रिकेट बॉल, बकेट चेयर और जिम उपकरण की आपूर्ति के लिए तीन फर्मों को ऊंची कीमत पर ठेके दिए थे.

Advertisement
Hyderabad cricket association money laundering
हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन में घोटाले का मामला सामने आया है. (Pixabay)
pic
आनंद कुमार
20 मार्च 2025 (पब्लिश्ड: 08:13 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

ED ने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) के पदाधिकारियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई HCA के पदाधिकारियों पर फंड के गबन के आरोप में की है. ED ने मामले में 51.29 लाख रुपये की अचल संपत्ति को अस्थायी तौर पर कुर्क किया है. HCA के पदाधिकारियों पर क्रिकेट बॉल, कुर्सियाँ और जिम उपकरण खरीदने में कथित तौर पर धन के दुरुपयोग का आरोप है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, HCA ने अपने पदाधिकारियों के खिलाफ हैदराबाद के उप्पल में स्थित राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण और उपकरण खरीदने के लिए मंजूर किए गए पैसे के कथित दुरुपयोग के लिए FIR दर्ज कराई थी. ED ने HCA द्वारा दर्ज कराई गई FIR के आधार पर जांच शुरू की है.

ED की जांच में पता चला कि पदाधिकारियों ने क्रिकेट बॉल, बकेट चेयर और जिम उपकरण की आपूर्ति के लिए तीन फर्मों को ऊंची कीमत पर ठेके दिए थे. इन कंपनियों में सारा स्पोर्ट्स, एक्सीलेंट एंटरप्राइजेज और बॉडी ड्रेंच इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं. ED ने बताया कि इन फर्मों से मिले वित्तीय लाभ HCA के पूर्व उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्यों को ट्रांसफर कर दिए गए.

सारा स्पोर्ट्स ने 17 लाख रुपये सुरेंद्र अग्रवाल की पत्नी की फर्म 'केबी ज्वेलर्स' और उनके बेटे अक्षित अग्रवाल के व्यक्तिगत बैंक खाते में भेजे. यह पैसे म्यूजिक शो और इवेंट मैनेजमेंट को प्रायोजित (स्पॉन्सर) करने के बहाने ट्रांसफर किए गए.

इसी तरह, एक्सीलेंट एंटरप्राइजेज ने अक्षित अग्रवाल के खाते में 21.86 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जिसे लोन और हीरे खरीदने के नाम पर दिया गया.

आरोपों के मुताबिक, तीसरी फर्म 'बॉडी ड्रेंच इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' ने 52 लाख रुपये सीधे सुरेंद्र अग्रवाल, उनकी बहू और 'केबी ज्वेलर्स' के खातों में ट्रांसफर किए.

ये भी पढ़ें - रोहित-विराट ने जिसे बुलंदियों पर पहुंचाया, उस इंडियन क्रिकेट की शुरुआत पारसियों ने की

ED की जांच में पता चला है कि सुरेंद्र अग्रवाल और उनके परिवार को कुल 90.86 लाख रुपये की अवैध कमाई हुई है. इसी सिलसिले में 51.29 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है. ED अधिकारियों ने बताया कि अभी इस मामले में आगे की जांच जारी है.

वीडियो: KKR टीम क्यों छोड़ी, श्रेयर अय्यर ने बता दिया

Advertisement

Advertisement

()