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ऑनलाइन दोस्ती-ऑफलाइन मुसीबत, नाबालिग से मिलने आया विदेशी, बंगाल में पकड़ा गया

West Bengal: सोशल मीडिया के जरिए दोनों की मुलाकात हुई. विदेशी नागरिक का दावा है कि उसे पता नहीं था कि लड़की नाबालिग है. उनकी दोस्ती इतनी बढ़ गई कि उसने लड़की से मिलने का फैसला किया और वह Netherlands से भारत के लिए निकल पड़ा. फिर क्या हुआ?

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Dutch citizen came to west bengal from Netherlands meet his friend police suspect
हेनरिक नीदरलैंड के एम्सटर्डम का रहने वाला है (फोटो: इंडिया टुडे)
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अर्पित कटियार
27 जून 2025 (Updated: 27 जून 2025, 10:09 AM IST)
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पश्चिम बंगाल में एक डच नागरिक को पुलिस ने संदिग्ध समझकर उठा लिया. विदेशी शख्स नीदरलैंड से अपनी दोस्त से मिलने के लिए आया था. दोनों की दोस्ती सोशल मीडिया के जरिए हुई थी. स्थानीय लोगों ने न ही उसे लड़की से मिलने की अनुमति दी, बल्कि उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई.

क्या है पूरा मामला?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, हेनरिक (37) नाम का शख्स नीदरलैंड के एम्सटर्डम का रहने वाला है. जिसकी दोस्ती पश्चिम बंगाल के नादिया जिले की रहने वाली एक नाबालिग लड़की से हो गई थी. सोशल मीडिया के जरिए दोनों की मुलाकात हुई. हेनरिक का दावा है कि उसे पता नहीं था कि वह नाबालिग है. उनकी दोस्ती इतनी बढ़ गई कि हेनरिक ने लड़की से मिलने का फैसला किया और वह एम्सटर्डम से भारत के लिए निकल पड़ा. वह एम्सटर्डम से फ्लाइट लेकर कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरा और सड़क मार्ग से नदिया जिले के मायापुर पहुंचा. 

लेकिन अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद हेनरिक उस लड़की से नहीं मिल पाया और लगभग पांच से छह घंटे तक नादिया के तेहट्टा इलाके में घूमता रहा. चूंकि उसके पास लड़की का पता नहीं था, इसलिए वह आस-पड़ोस में घूमता रहा. वह एक हाई स्कूल के सामने घंटों खड़ा रहकर लड़की का इंतजार करता रहा, और यहीं से गलतफहमियां शुरू हुईं. 

दरअसल, तेहट्टा नादिया का एक ग्रामीण इलाका है. जहां आमतौर पर विदेशी नहीं दिखते. इंडिया टुडे को एक सूत्र ने बताया कि एक विदेशी को करीब पांच से छह घंटे तक संदिग्ध रूप से घूमते हुए देखा गया. जिसके बाद स्थानीय लोगों को शक हुआ और उन्होंने उससे पूछताछ शुरू कर दी. उनमें से कुछ ने तेहट्टा पुलिस स्टेशन को सूचना दी.

इस दौरान हेनरिक ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों ने उनसे फालतू के सवाल पूछे और उन्हें परेशान किया. इंडिया टुडे से खास बातचीत में हेनरिक ने कहा, 

मुझे अपमानित महसूस हुआ और स्थानीय लोग निर्दयी हैं. जो बिना सोचे-समझे किसी नतीजे पर पहुंच जाते हैं.

एक अधिकारी ने बताया, इस बीच नाबालिग लड़की के पिता ने स्थानीय पुलिस से मामले में हस्तक्षेप की मांग की. इसके बाद हेनरिक को पूछताछ के लिए तेहट्टा पुलिस स्टेशन ले जाया गया.

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'कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया'

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान हेनरिक ने अपने सभी दस्तावेज दिखाए. जिसमें उसका वैध वीजा और पासपोर्ट भी शामिल था. उसने अपनी यात्रा का उद्देश्य भी बताया और छात्रा का सोशल मीडिया प्रोफाइल भी पुलिस को दिखाया. एक अधिकारी ने कहा, 

पूछताछ के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया जा सका. एक विदेशी नागरिक होने के नाते हमने उनका पूरा सम्मान किया. लेकिन नाबालिग लड़की के पिता उन्हें अपनी बेटी से मिलने की अनुमति देने को तैयार नहीं थे. इसलिए हम उनकी मदद नहीं कर सकते, क्योंकि लड़की नाबालिग है. इसलिए, वेरीफिकेशन पूरी करने के बाद हमने उन्हें सम्मान के साथ जाने दिया.

वहीं, डच नागरिक ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई. हेनरिक ने कहा कि उसका यह अनुभव बेहद अपमानजनक हो गया है. इंडिया टुडे से बात करते हुए उसने कहा कि मैं जल्द ही भारत छोड़ दूंगा और भविष्य में यहां वापस कभी नहीं आऊंगा.

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