जी परमेश्वर के ट्रस्ट ने भरा रान्या राव का 40 लाख का बिल, डीके शिवकुमार ने 'शादी का तोहफा' बता दिया
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को पुष्टि की है कि गृह मंत्री जी परमेश्वर की संस्था और सोना तस्करी मामले में मुख्य आरोपी अभिनेत्री रान्या राव के बीच पैसों का लेन-देन हुआ था. हालांकि, उन्होंने इसे शादी का गिफ्ट बताया है.
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कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव से जुड़े सोना तस्करी मामले (Ranya Rao Gold Smuggling Case) में 22 मई को नया ट्विस्ट आया है. कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने माना है कि सिद्दारमैया सरकार में गृह मंत्री जी. परमेश्वर के ट्रस्ट और रान्या राव के बीच पैसों का लेन-देन हुआ था. परमेश्वर से मुलाकात के बाद डीके शिवकुमार ने कहा कि यह रान्या राव को ‘शादी के लिए दिया गया गिफ्ट’ था और इसमें कुछ गलत नहीं है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, डीके शिवकुमार ने कहा,
गृह मंत्री का बचाव करते हुए डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा,
शिवकुमार ने आगे कहा कि सोनिया गांधी के मामले में भी ‘अन्याय’ देखा गया. अगर जरूरत पड़ी तो कांग्रेस के लोग पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन करेंगे.
वहीं रान्या राव को लेकर डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी किया है, वह गलत है. उस पर कानून अपना काम करेगा.
क्या है मामला?दरअसल, ईडी ने इसी साल 3 मार्च को रान्या राव को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर करोड़ों रुपये के सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था. बाद में ईडी ने दावा किया कि कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर से जुड़े संस्थान ने रान्या राव के क्रेडिट कार्ड के बिल के रूप में 40 लाख रुपये का भुगतान किया है. इसके बाद ईडी ने परमेश्वर से जुड़े कई संस्थानों में छापेमारी की.
इस मुद्दे ने कर्नाटक में सियासी माहौल गरमा दिया है. सीएम सिद्दारमैया ने बुधवार को ईडी की कार्रवाई को ‘राजनीति से प्रेरित’ और ‘जातिवादी’ बताया. उन्होंने कहा कि परमेश्वर एक प्रमुख दलित नेता हैं, इसलिए राजनीतिक बदले के कारण उन पर कार्रवाई हुई है. सीएम ने पूछा कि क्या येदियुरप्पा, बीवाई विजयेंद्र और एचडी कुमारस्वामी बहुत ईमानदार हैं? उनके खिलाफ छापे क्यों नहीं मारे जा रहे हैं?
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