शौचालय में बन रहा था मिड-डे मील, इस सरकारी स्कूल में ऐसा क्यों हुआ?
MP Mid-day meals toilet complex: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित डोम दादर गांव से एक खबर सामने आई है. आरोप है कि प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का खाना शौचालय में बनाया जा रहा था. स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत भी की थी, जिनके आधार पर अधिकारी सरप्राइस इंस्पेक्शन पर पहुंचे थे.

सरकार ने सालों पहले मिड-डे-मील योजना शुरू की थी. ताकि स्कूल में आने वाले बच्चों को खाना मिल सके. पोषण मिल सके और उनकी अटेंडेस भी अच्छी हों. लेकिन मध्य प्रदेश से आई एक खबर यहां मिड डे मील बनाने के तरीके पर सवाल उठाती है. पूछती है कि क्या स्कूलों में मिलने वाला खाना वाकई में हेल्दी होता है?
घटना जबलपुर के एक गांव में प्राइमरी स्कूल की है. यहां कथित तौर पर शौचालय में मिड-डे-मील बनाया जा रहा था. स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत की थी, जिसके आधार पर 28 मार्च को अधिकारियों ने स्कूल में सरप्राइज इंस्पेक्शन किया. इसमें शिकायत सही पाई गई. अब पूरे मामले की जांच चल रही है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्कूल में लगभग 30 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. इन सभी बच्चों को दिसंबर 2025 से शौचालय परिसर में खाना बनाकर खिलाया जा रहा था. जिसकी जानकारी कथित तौर पर स्कूल के कर्मचारियों ने अधिकारियों से छुपाई. लेकिन जब बात गांव वालों के कानों में पहुंची, तो उन्होंने इसकी शिकायत की.
जिसके बाद शाहपुरा के प्रोजेक्ट ऑफिसर विपिन डहेरिया और ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (BRC) के ऑफिसर गुरु प्रसाद साहू शनिवार को अचानक इंस्पेक्शन करने स्कूल पहुंचे. तब उन्हें पता लगा कि लगभग तीन साल पहले पुराना रसोई शेड खराब हो गया था. जिसके बाद एक निजी मकान में बच्चों का खाना बनाया जाने लगा. नवंबर 2025 में वहां से दो LPG सिलेंडर चोरी हो गए थे.
रिपोर्ट के मुताबिक जब कोई और जगह नहीं मिली, तो स्कूल प्रबंधन ने रसोई के सामान को आंगनवाड़ी केंद्र के पास स्थित एक सैनिटेशन कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट करने का फैसला लिया. निरीक्षण के दौरान यह भी पता चला कि शौचालय का काम अधूरा था. मगर खाना बनाने की सुविधा के लिए उसे अंदर से बदल दिया गया था. आरोप है कि ये बदलाव सरपंच मनोज कुमार मार्को और सचिव बलराम सैयाम के निर्देशों पर किया गया था. जांच के दौरान सरपंच और सचिव भी मौके से गायब मिले.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में BRC अधिकारी ने शिक्षक और जनशिक्षक को कारण बताओं नोटिस भेजा है. अधिकारियों ने कहा कि जवाबदेही तय करने और इस तरह की व्यवस्था को जारी रहने देने में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी. फिलहाल, जांच के बाद मिड डे मील बनाने की व्यवस्था स्कूल की दूसरी बिल्डिंग में कर दी गई है.
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