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ध्रुव राठी पर मानहानि केस करने वाले बीजेपी नेता पर कोर्ट ने जुर्माना क्यों ठोका?

बीेजेपी नेता सुरेश नाखुआ ने जुलाई 2024 में ध्रुव राठी के एक YouTube वीडियो पर मानहानि का केस किया था. इस मामले में उन्हीं पर कोर्ट ने जुर्माना लगा दिया.

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5 दिसंबर 2025 (पब्लिश्ड: 04:26 PM IST)
Dhruv Rathi
बाएं से दाहिने. सुरेश नखुआ और ध्रुव राठी. (India Today/FB)
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ध्रुव राठी पर मानहानि का केस करने वाले बीजेपी नेता सुरेश नाखुआ पर दिल्ली की एक अदालत ने 4 दिसंबर को 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया. नाखुआ के वकील ने उनके द्वारा यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ दायर मानहानि मामले में फिर से तारीख बढ़ाने की मांग की थी. इसके बाद अदालत ने यह आदेश दिया. बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक यह आदेश जिला जज प्रीतम सिंह ने पारित किया.

नाखुआ ने जुलाई 2024 में ध्रुव राठी के एक YouTube वीडियो पर मानहानि का केस किया था. उनका आरोप है कि राठी ने वीडियो में उन्हें ‘हिंसक और गाली देने वाले ट्रोल्स’ से जोड़ा था, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ.

दरअसल, 1 जून 2024 को एल्विश यादव ने 'Exposing Dhruv Rathee And His Anti-India Propaganda' टाइटल से यूट्यूब पर एक वीडियो अपलोड किया था. 7 जुलाई को एल्विश के आरोपों का जवाब भी ध्रुव राठी ने एक वीडियो से ही दिया. आरोप है कि इस वीडियो में ध्रुव राठी ने नखुआ पर भी टिप्पणियां की थीं. बदले में नखुआ ने राठी पर मानहानि का मुकदमा कर दिया.

हालांकि दायर होने के बाद से इस केस में कई समस्याएं आ चुकी हैं. सितंबर 2024 की सुनवाई में अदालत ने नाखुआ के हलफनामे में गड़बड़ी पाई थी और उसे दोबारा ठीक करके दाखिल करने को कहा था. नाखुआ ने नया हलफनामा दाखिल भी किया, लेकिन राठी के वकीलों ने उसमें भी गलतियां निकाल दीं. इसके बाद अदालत ने उस नोटरी को तलब किया जिसने हलफनामे पर दस्तखत किए थे. लेकिन वह अब तक पेश नहीं हुआ. बताया गया कि उनकी हड्डी फ्रैक्चर हो गई है.

4 दिसंबर की सुनवाई में नाखुआ की तरफ से एक नए वकील जगदीश त्रिवेदी उपस्थित हुए. उन्होंने कहा कि उनका वकालतनामा अदालत में दाखिल करना है, इसलिए तारीख बढ़ाई जाए. लेकिन ध्रुव राठी के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता सात्विक वर्मा ने इसका विरोध किया और कहा कि नाखुआ की तरफ से लगातार लापरवाही हो रही है. वर्मा ने कहा कि लगभग दो साल से यह मामला चल रहा है, और नाखुआ बार-बार गलत हलफनामे दाखिल कर रहे हैं, कभी वकील बदल रहे हैं और अदालत की प्रक्रिया को हल्के में ले रहे हैं. उनके अनुसार, इस तरह की गलतियों को देखते हुए मामला खारिज कर देना चाहिए.

अदालत ने फिर भी नाखुआ को एक आखिरी मौका दिया, लेकिन 5,000 रुपये के जुर्माने के साथ. अब यह मामला 11 मार्च 2026 को सुना जाएगा.

वीडियो: एल्विश यादव विवाद के बीच ध्रुव राठी को कोर्ट से बुलाया क्यों आ गया?

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