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फर्जी आधार, उस्तरा लिया और DU प्रोफेसर को मार दिया... पति-पत्नी की चालाकी ऐसे पकड़ी

DU Professor Murder: CCTV फुटेज में आरोपी दिखे तो पुलिस को जांच में पहली बढ़त मिली. एक अलग फुटेज में तीनों को लिफ्ट से बाहर निकलते देखा गया. बंगाल से दिल्ली आए पति-पत्नी और उनके नाबालिग बेटे ने मास्क पहन रखा था. पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए ऐसा किया.

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8 जून 2026 (अपडेटेड: 8 जून 2026, 12:10 PM IST)
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दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल (सबसे दाएं) की हत्या के आरोपी CCTV में कैद हुए. (ITG)
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दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या के आरोपी परिवार को दिल्ली पुलिस ने पकड़ लिया है. प्रोफेसर की हत्या प्रॉपर्टी विवाद में हुई थी. आरोपी परिवार पश्चिम बंगाल के बर्धमान से दिल्ली आया था और कथित तौर पर देबोस्मिता पॉल की हत्या कर दी. चंद घंटो में ही उन्होंने वारदात को अंजाम दिया और बंगाल भाग गए. मामला दो राज्यों से जुड़ा होने से पुलिस के सामने आरोपियों को पकड़ना एक बड़ी चुनौती थी. कई CCTV, फोन और ट्रेन रिकॉर्ड खंगालने के बाद पुलिस 7 जून को तीनों आरोपियों को पकड़ने में कामयाब रही.

बुधवार, 3 जून को DU के शिवाजी कॉलेज के इंग्लिश डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या की गई थी. उनके मर्डर की आरोपी फैमिली में पति-पत्नी और उनका नाबालिग बेटा है. इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, CCTV फुटेज में तीनों आरोपी प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की पूर्वी दिल्ली स्थित रेजिडेंशियल बिल्डिंग में दाखिल होते दिखे. यहीं उनकी हत्या की गई थी.

मास्क पहने थे आरोपी

पुलिस ने बताया कि देबोस्मिता पॉल के फ्लैट में आरोपियों के जबरदस्ती दाखिल होने या चोरी के सबूत नहीं मिले. इससे पुलिस को शक हुआ कि मृतक प्रोफेसर के किसी जानकारी या करीबी ने ही हत्या की है. CCTV फुटेज में आरोपी दिखे तो पुलिस को जांच में पहली बढ़त मिली. एक अलग फुटेज में तीनों को लिफ्ट से बाहर निकलते देखा गया. पति-पत्नी ने मास्क पहना था. पुलिस का मानना है कि ये आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए ऐसा किया.

आरोपी फ्लैट की तरफ बढ़ते दिखते हैं और जुर्म करने के बाद वापस लिफ्ट की तरफ आते हैं और चले जाते हैं. आरोपियों की पहचान रामप्रसाद दास (42 साल) और बनश्री दास (36 साल) और उनके नाबालिग बेटे के तौर पर हुई है.

आरोपियों की फरारी, CCTV फुटेज खंगाली

पुलिस तफ्तीश में हाउसिंग कॉम्प्लैक्स और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले गए. इससे आरोपियों की मूवमेंट का पता लगाया गया. इनमें आरोपी चेहरा छिपाते, बदले हुए कपड़ों और सीढ़ी और लिफ्ट का इस्तेमाल करते नजर आए, ताकि पहचाना ना जा सके.

आधार कार्ड से फर्जीवाड़ा

मर्डर के बाद उन्होंने फ्लैट को बाहर से लॉक कर दिया और टैक्सी और ऑटोरिक्शा लेकर फरार हो गए. पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने 3 जून को ही प्रोफेसर के मर्डर का प्लान बना लिया था. वे दिल्ली में मयूर विहार के दल्लूपुरा के एक गेस्ट हाउज में दूसरे लोगों के आधार कार्ड का इस्तेमाल करके ठहरे.

जांच के दौरान, गेस्ट हाउस के रिकॉर्ड से बिहार के नवादा के रहने वाले शख्स और पश्चिम बंगाल के बर्धमान के रहने वाले व्यक्ति के नाम के दो आधार कार्ड मिले. इनसे लिंक्ड मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर रखा गया. जांच से पता चला कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने और पकड़े जाने से बचने के लिए दूसरे लोगों के आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था.

उधर, दिल्ली में क्राइम करके आरोपी फैमिली आनंद विहार पहुंची. 3 जून को ही शाम 5:40 मिनट पर उन्होंने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बर्धमान के लिए पूर्वा एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी. पुलिस भी फुल तैयारी में थी.

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टेक्निकल सर्विलांस और दिल्ली और पश्चिम बंगाल के CCTV की ट्रैकिंग के दम पर पुलिस को आरोपियों के बारे में पुख्ता जानकारियां मिल गई थीं. 6 जून को ही पुलिस बर्धमान पहुंच गई. आरोपियों को ट्रेन से उतरने के बाद ट्रेस किया गया और बाद में उन्हें एक ठिकाने पर पाया गया. तीनों 7 जून को गिरफ्तार कर लिए गए.

फोन, उस्तरा और क्या बरामद हुआ?

पुलिस के मुताबिक, मृतक प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल का सैमसंग मोबाइल फोन, क्राइम में इस्तेमाल हुआ उस्तरा, वारदात के वक्त पहने कपड़े और कैप, बैग, ट्रेन टिकट और अन्य ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स बरामद किए गए हैं. इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज हुआ है.

49 साल की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल का आरोपी फैमिली के साथ प्रॉपर्टी को लेकर विवाद था. 2023 से आरोपी परिवार देबोस्मिता की बर्धमान स्थित पैतृक प्रॉपर्टी में किराए पर रह रहा था. प्रोफेसर देबोस्मिता इस प्रॉपर्टी को खाली करने के लिए बोल रही थीं. इस कारण दोनों पक्षों में विवाद काफी बढ़ गया था. पुलिस के मुताबिक, प्रोफेसर की आखिरी चेतावनी के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें खत्म करने की साजिश रची थी और उनका मर्डर कर दिया.

वीडियो: कानपुर पुलिस ने बुर्के में आरोपी को कैसे पहचान लिया?

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