दिल्ली में खुले सीवर में गिरकर शख्स की मौत, एक हफ्ते में दूसरी ऐसी घटना, चश्मदीद ने सब बताया
दिल्ली के रोहिणी इलाके में खुले सीवर में एक शख्स की गिरकर मौत हो गई. कुछ ही दिन पहले शख्स मज़दूरी के लिए बिहार से दिल्ली आया था. पीड़ित के साथी ने उस रात की पूरी कहानी सुनाई. बीते 3 महीने में दिल्ली-NCR में ये इस तरह की तीसरी घटना है.

दिल्ली में एक खुले सीवर में गिरने से एक शख्स की मौत हो गई. 9 फरवरी की रात दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 32 में यह हादसा हुआ. मृतक की पहचान 30 साल के बिरजू कुमार के तौर पर हुई है. बिरजू अपने साथी बुधन के साथ घर की तरफ जा रहे थे. उसी समय वो सीवर में गिर गए. बीते 5 दिनों में इस तरह की यह दूसरी जानलेवा घटना है.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधन ने बताया कि वो नशे में थे. उन्हें कुछ समझ नहीं आया और वो अकेले ही आगे बढ़ गए. अगले दिन जब होश संभाला तो उन्होंने अपने दूसरे साथी आमिर हुसैन को इस घटना की जानकारी दी. 10 फरवरी को दोपहर करीब ढाई बजे आमिर ने PCR कॉल के ज़रिए पुलिस को घटना की जानकारी दी. आमिर ने कहा,
कल रात करीब 7.30 बजे मेरा दोस्त बुधन दास और बिरजू कुमार झुग्गी की तरफ लौट रहे थे. तभी बिरजू मैनहोल में गिर गया. बुधन नशे में था इसलिए उस रात उसने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी.
आमिर की शिकायत के बाद पुलिस और फायर डिपार्टमेंट ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. कई घंटों बाद 10 फरवरी की रात को बिरजू को बाहर निकाला गया. उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए लेकिन उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी.
रिपोर्ट के मुताबिक, बिरजू बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले थे. और, कुछ दिन पहले ही मजदूरी करने दिल्ली आए थे. खबर के मुताबिक़, सीवर DDA की ज़मीन पर बना हुआ था. बुधन ने कहा कि उसने बिरजू को आवाज़ दी थी, लेकिन आवाज़ उस तक नहीं पहुंची.
राजनीतिक बहस तेज़ हुईघटना के बाद आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधा है. उन्होंने अपने X पर लिखा,
एक महीने में तीसरी मौतये शर्मनाक है. रेखा गुप्ता की सरकार सिर्फ़ फोटोबाज़ी और भाषणबाज़ी की नाकारा सरकार है. इनको सरकार नहीं चलानी, सिर्फ़ सर्कस चलाना है. रोज़ नया सर्कस.
बीते एक महीने में सिस्टम की लापरवाही का दिल्ली-NCR में यह तीसरा मामला है. 5 फरवरी की रात दिल्ली के जनकपुरी में कमल ध्यानी नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी. वो ऑफिस से घर लौट रहे थे. पूरी रात उनके घरवाले उनको ढूंढते रहे. अगले दिन पुलिस को उनका शव एक गड्ढे के अंदर मिला था.
इससे पहले 16 जनवरी को नोएडा के सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी. देर रात वो कार से अपने घर की तरफ आ रहे थे. तभी उनकी कार पानी भरे खाली प्लॉट में गिर गई थी. मदद की गुहार लगाते हुए उनकी मौत हो गई थी. जिस गड्ढे में उनकी कार गिरी थी, वहां ना तो कोई बाउंड्री बनाई गई थी, और ना ही उसे कवर किया गया था. इसके बाद अब ये तीसरी घटना है.
वीडियो: दिल्ली के एक खुले नाले में शख्स की गिरने से मौत, 4 दिन पहले ही दिल्ली आया था

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