जनरल नरवणे की किताब छपी नहीं तो राहुल के पास कैसे पहुंची, पुलिस की जांच में क्या पता चला?
दिल्ली पुलिस ने इस मामले की छानबीन शुरू कर दी है. पुलिस ने Penguin Random House India Pvt Ltd को नोटिस जारी कर सफाई भी मांगी है. General MM Narvane की ये बुक Four Stars of Destiny आधिकारिक तौर पर रिलीज नहीं हुई है. लेकिन उसका कंटेंट सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से सर्कुलेट हो रहा है.
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पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे (General MM Narvane) की किताब - Four stars of Destiny लीक कैसे हुई? लीक करने वाला कौन है? मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की मंज़ूरी के बिना ये पॉसिबल कैसे हुआ? किताब इंटरनेशनल मार्केट में पहंची कैसे? ये वो सवाल हैं जिनके जवाब फिलहाल दिल्ली पुलिस ढूंढ रही है. और इसके लिए हाई लेवल जांच हो रही है. जांच का दायरा इंटरनेशनल लेवल पर पहुंच गया है क्योंकि ये किताब अब इंटरनेशनल मार्केट में भी मौजूद है.
जनरल नरवणे की ये बुक आधिकारिक तौर पर रिलीज नहीं हुई है. लेकिन उसका कंटेंट सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से सर्कुलेट हो रहा है. रूल ये है कि कोई सैन्य अधिकारी किताब लिखता है तो उसे रिलीज करने से पहले रक्षा मंत्रालय से सुरक्षा संबंधी मंजूरी लेनी होती है. ऐसा नहीं किया जाता है तो उसे सुरक्षा उल्लंघन माना जाता है. जनरल नरवणे की किताब को फिलहाल क्लीयरेंस नहीं मिला था. इससे पहले किताब का पीडीएफ कॉपी सर्कुलेट होने लगी. ग्लोबल मार्केट में भी अवेलेबल है. इसी सिलसिले में 3 फरवरी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आपराधिक साजिश की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. दिल्ली पुलिस ने अपने स्टेटमेंट में कहा,
जांच में ये पता चला है कि किताब की पीडीएफ कॉपी कई वेबसाइट पर मौजूद है. देखने में ये Penguin Random House India Pvt Ltd का तैयार किया हुआ लग रहा है. कुछ ऑनलाइन वेबसाइट्स इस किताब के कवर को ऐसे दिखा रही हैं जैसे कि किताब मार्केट में आ चुकी है और आप उसे अभी खरीद सकते हैं.
पुलिस ने इस मामले की छानबीन शुरू कर दी है. पुलिस ने Penguin Random House India Pvt Ltd को नोटिस जारी कर सफाई भी मांगी है. Penguin ने एक्स हैंडल पर पोस्ट में ये साफ किया है कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई. इसका कोई हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया. कंपनी ने कहा,
पब्लिशिंग के सभी राइट्स पेंगुइन के पास हैं. अब तक किताब की न तो कोई छपी हुई कॉपी आई है और न ही डिजिटल कॉपी सामने आई है.
पेंगुइन ने X पर एक पोस्ट में पब्लिश्ड बुक और प्री-ऑर्डर कॉपी के बीच का अंतर भी बताया है. पब्लिशर ने पोस्ट में लिखा कि बुक की प्लानिंग हो चुकी है लेकिन अभी ये बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है.
द हिंदू ने एक सीनियर अधिकारी के हवाले से छापा कि पब्लिशर पेंगुइन और जनरल नरवणे, दोनों को ही किताब के कंटेंट के बारे में पूरी जानकारी थी. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि,
- क्या किताब तब लीक हुई जब उसे एडिटिंग के लिए भेजा गया था? या,
- जब उसे जमा करने की प्रक्रिया चल रही थी?
किताब छपने की प्रक्रिया में बहुत सारे लोग शामिल होते हैं. इसलिए पुलिस को शक है कि कहीं पब्लिशिंग हाउस के अंदर से ही किसी ने लीक कर दी हो. इसी शक की वजह से पुलिस ने अब इस केस में 'आपराधिक साजिश' की धाराएं भी जोड़ दी हैं. इससे पहले पेंगुइन अपने पोस्ट में किताब के आने की घोषणा कर चुका था. पूर्व आर्मी चीफ ने इसे शेयर भी किया था. उन्होंने लिखा था मेरी किताब अब अवेलेबल है.
लेकिन जब विवाद हुआ तो पेंगुइन ने पोस्ट को डिलीट कर दिया. अब पेंगुइन की तरफ से जो सफाई आई है उसे अब पूर्व आर्मी चीफ ने शेयर किया है. और लिखा कि फिलहाल किताब को लेकर ये परिस्थिति बनी हुई है.
जनरल एमएम नरवणे की इस अनपब्लिश बुक में चीन के साथ भारतीय सेना की 2020 की गलवान घाटी में हुई झड़प और अग्निवीर योजना का रिव्यू किया गया है. 2 फरवरी को राहुल गांधी ने Carvaan मैगजीन में छपे एक आर्टिकल को पढ़ने की कोशिश की थी. उन्होंने दावा किया था कि इसमें एमएम नरवणे की बुक के अंश हैं. तब से ही ये किताब चर्चा में है.
वीडियो: राजधानी: चीन-अग्निवीर पर जनरल नरवणे ने किताब में क्या लिखा, जिससे सियासी बवाल मचा है?

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