दिल्ली के इस इलाके में ठेले पर लगानी होगी नेमप्लेट, अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी शरणार्थी बने वजह
Delhi के नजफगढ़ की मंडी एसोसिएशन ने स्थानीय बीजेपी पार्षद के साथ बैठक में एक निर्णय किया. जिसके तहत यहां के बाजार में सामान बेचने वाले सभी Street Vendors को अपने ठेले पर नेमप्लेट लगाना होगा.

दिल्ली के नजफगढ़ (Delhi Najafgarh) सब्जी मंडी में सामान बेचने वालों को अपने ठेले पर नेमप्लेट (Nameplate) लगाना होगा. और उस पर अपना मोबाइल नंबर भी लिखना होगा. स्थानीय पार्षद और मंडी एसोसिएशन ने ये फरमान जारी किया है. एसोसिएशन का दावा है कि उनके इस कदम का उद्देश्य अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों को बाजार में उनके उत्पाद बेचने से रोकने का है.
स्थानीय मंडी एसोसिएशन सभी स्ट्रीट वेंडर्स के लिए एक विशिष्ट ठेला नंबर भी जारी करेगी. जिसे उन्हें अपने ठेले पर नेमप्लेट और फोन नंबर के साथ लगाना होगा. इस योजना को लागू करने का फैसला इस महीने की शुरुआत में स्थानीय पार्षद के साथ मंडी एसोसिएशन की बैठक में लिया गया था. इस बैठक में अज्ञात विक्रेताओं द्वारा मंडी में उत्पाद बेचने की शिकायत मिली थी. जिन पर बांग्लादेश और म्यांमार का अवैध प्रवासी होने का संदेह जताया गया था.
स्थानीय भाजपा पार्षद अमित खरखरी ने बताया कि यह कदम किसी व्यक्ति या किसी विशेष समुदाय के खिलाफ भेदभाव करने के लिए नहीं बल्कि सुरक्षा के लिए उठाया गया है. और इस कार्रवाई को लागू करने का निर्णय उनके कार्यालय में एक बैठक के दौरान बाजार एसोसिएशन और स्थानीय लोगों के द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया.
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नजफगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष संतोष राजपूत ने पीटीआई भाषा को बताया कि क्षेत्र के सभी रेहड़ी-पटरी वालों से सत्यापन के लिए आधार या फिर कोई और दस्तावेज जमा करने को कहा गया है. इस सत्यापन प्रक्रिया को 20 नवंबर तक पूरी करने की योजना है.
उन्होंने आगे बताया,
संतोष राजपूत ने कहा कि जिस किसी के पास नेमप्लेट नहीं होगी. उसे बाजार में अपने प्रोडक्ट बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी. मंडी एसोसिएशन के मुताबिक नजफगढ़ मंडी में लगभग 300 स्ट्रीट वेंडर्स अपने कृषि उत्पाद बेचते हैं.
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