दिल्ली का नर्क...8 महीनों से गलियां में भरा है सीवर का पानी, कोई सुनने वाला नहीं
Delhi के Kirari के हालात पर जवाबदेही से सब बच रहे हैं. AAP, BJP पर हमलावर है, तो BJP, AAP के पैर खींच रही है. जवाबदेही 'शून्य' है. बस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं. Rahul Gandhi ने भी इस मुद्दे को उठाया है.

दिल्ली के किराड़ी के जलभराव का मामला तूल पकड़ रहा है. पत्रकार शरद शर्मा ने किराड़ी के शर्मा एनक्लेव में खुद पानी में उतरकर सरकारी लापरवाही की पोल खोली. उनकी ग्राउंड रिपोर्ट में लोगों का गुस्सा और दर्द साफ नजर आया. कॉलोनी के लोग बस किसी तरह इस जलभराव से छुटकारा पाना चाहते हैं. लेकिन ये काम करेगा कौन? सरकार? पूरा मामला भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच झूल रहा है.
किराड़ी में यह हालात तब हैं जब केंद्र से लेकर निगर निगम तक BJP काबिज है. केंद्र में BJP के नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं. दिल्ली सरकार में BJP की रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री हैं. दिल्ली सरकार के मुख्य कर्ता-धर्ता उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना हैं. दिल्ली नगर निगम पर BJP काबिज है. DDA खुद केंद्र सरकार के अधीन है. हां, किराड़ी विधानसभा पर जरूर AAP का कब्जा है. AAP के अनिल झा किराड़ी के विधायक हैं.
वीडियो में शर्मा एनक्लेव के घरों, गली, रास्तों, जहां तक नजर डालें वहां गंदा पानी भरा नजर आता है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, वे बीते आठ महीनों से इसी तरह जलभराव में रहने को मजबूर हैं. बच्चों का कहना है कि घर और रास्ते में गंदा पानी भरा होने की वजह से उनका स्कूल जाना मुश्किल है. कई लोग अपना घर छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं.
घर में पानी, बाहर निकलें तो रास्ते में पानी. जनवरी की ठंड में भी शर्मा एनक्लेव के लोग गंदे और बदबूदार पानी के बीच जीने के लिए मजबूर हैं. कॉलोनी वालों का कहना है कि सांसद, विधायक और पार्षद में से कोई भी जलभराव की समस्या नहीं सुलझा रहा है.
कॉलोनी वालों का दावा किया है कि दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने एक प्लॉट में कूड़ा डाल दिया है, जिसकी वजह से पानी की निकासी बंद हो गई. इसकी वजह से कॉलोनी गंदे पानी से लबालब है. शरद शर्मा की रिपोर्ट में एक बुजुर्ग महिला ने बताया,
"टॉयलेट का वेस्ट इसी गंदे पानी में ही मिक्स हो रहा है... बाथरूम का, टॉयलेट का, नहाना-धोना, सब इसी में मिक्स हो रहा है."
शरद शर्मा एक छठी क्लास की बच्ची से बात करते हैं. उससे स्कूल ना जाने का कारण पूछते हैं. बच्ची कहती है,
"सिक्स्थ क्लास में हूं. छुट्टी नहीं है. स्कूल नहीं गई. इस पानी की वजह से आज हमारे घर में तीन बच्चों की छुट्टियां हो गईं. इस पानी में जूतों में पानी भर रहा है. ड्रेस भीग रही है."
तभी छोटे बच्चे को गोद में उठाए एक महिला बोलती है,
"इसी पानी की वजह से बच्चों को निमोनिया भी हो गया है. बच्चे जाते हैं, भीग जाते हैं. सॉक्स (जुराब) पहनकर भी जाना है. स्कूल के जूते पहनकर जाना पड़ता है. (स्कूल की) मैम तो सुनेंगी नहीं कि पानी भरा है. बच्चों को ज्यादा दिक्कत हो रही है. पूरी गली में बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे. बस की फीस यूं ही जा रही है. स्कूल की फीस यूं ही जा रही है. एक महीने से बच्चे ऐसे ही घर में पड़े हैं.
टॉयलेट का पानी बाथरूम का पानी सब इसी में आ रहा है. कोई सुनवाई नहीं कर रहा. इन बच्चों का क्या फ्यूचर होगा? क्या ये बच्चे नेता, विधायक के ऊपर विश्वास करेंगे? बिल्कुल नहीं करेंगे. बच्चे के बचपन में दिमाग में जो बैठ जाएगा, ये वोट डालने भी नहीं जाएंगे. इनके दिमाग में बैठ जाएगा कि नेता विधायक ऐसे ही होते हैं.
योगेंद्र चंदोलिया (उत्तर-पश्चिम दिल्ली से BJP सांसद) ने भी बोला था कि आऊंगा. बोलने के बाद भी वे नहीं आए... कोई सुनवाई नहीं है... हम भी इंसान है. मरने के लिए छोड़ दिया है... इससे अच्छा जहर दे दो सबको. इतनी गंदी सरकार होने के बाद भी जहर दे दो ना. इन लोगों की नजर में इंसान की कोई कीमत नहीं है."
इंसान तो इंसान, इसके बाद एक कुत्ता भी किसी तरह पनाह लेकर छिपा बैठा दिखता है. लोग गम-बूट पहनकर आना-जाना कर रहे हैं. शरद शर्मा का सवाल है,
"यह समस्या किसी मुख्यमंत्री के यहां, प्रधानमंत्री के यहां क्यों नहीं होती है? हमेशा आम लोग ही इस तरह की समस्या से क्यों जूझ रहे होते हैं?"
यह सवाल वाजिब है. किराड़ी के हालात पर जवाबदेही से सब बच रहे हैं. AAP, BJP पर हमलावर है, तो BJP, AAP के पैर खींच रही है. जवाबदेही 'शून्य' है. बस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं.
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा. बुधवार, 21 जनवरी को उन्होंने शरद शर्मा का वीडियो X पर शेयर किया और शर्मा एनक्लेव के घरों, गली और रास्तों में भरे गंदे पानी की तुलना 'नर्क' से की.
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा,
"हर आम भारतीय की जिंदगी आज ऐसी ही नर्क की यातना बन गई है.
सिस्टम सत्ता के सामने बिक चुका है. सब एक-दूसरे की पीठ थपथपाते हैं और मिलकर जनता को रौंदते हैं.
देश में लालच की महामारी फैल चुकी है, शहरी सड़न जिसका सबसे डरावना चेहरा है.
हमारा समाज इसलिए मर रहा है, क्योंकि हमने इस सड़न को 'न्यू नॉर्मल; मान लिया है - सुन्न, निशब्द, बेपरवाह.
जवाबदेही की मांग करो, वरना यह सड़न हर दरवाजे तक पहुंचेगी."

कांग्रेस दिल्ली और किराड़ी में सत्ता से बाहर है, जबकि BJP और AAP जिम्मेदार पदों पर हैं. 20 जनवरी को AAP की दिल्ली यूनिट ने एक X पोस्ट में लिखा,
"दिल्ली को नर्क बना दिया है भाजपा सरकार ने. दिल्ली के शर्मा एनक्लेव में सीवर के गंदे पानी ने पूरे इलाके की सड़कों, गलियों को अपने अंदर समा लिया है. जनता साफ बता रही 8 महीने से ये हालात हैं. भाजपा के 4 इंजनों ने आम लोगों के जीवन को नर्क बना दिया है. लोग घर छोड़कर जा रहे."

मगर BJP को AAP का सवाल रास नहीं आया. पार्टी ने AAP पर भी इल्जाम लाद दिया. 21 जनवरी को दिल्ली सरकार में उद्योग, पर्यावरण, खाद्य एवं आपूर्ति, वन एवं वन्यजीव मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने AAP के पोस्ट पर पलटवार करते हुए लिखा,
"AAP वालों की बेशर्मी की हद देखिए !
किराड़ी विधानसभा, जहां AAP के विधायक अनिल झा हैं और पहले भी सालों तक AAP का ही कब्जा रहा. दिल्ली में आपकी निक्कमी सरकार ने 11 साल तक राज किया.
लेकिन किया क्या?
किराड़ी को नर्क जैसा बना दिया. अब खुद के किए हुए पाप को छिपाने के लिए दूसरों पर इल्जाम लगा रहे हैं.
अरविंद केजरीवाल जी, थोड़ी तो शर्म कर लीजिए! अच्छा है कि आप खुद वीडियो डालकर अपनी ही पोल खोल रहे हैं."

मनजिंदर सिंह सिरसा ने आगे लिखा कि AAP की दी हुई पुरानी समस्याओं को उनकी सरकार ठीक कर रही है. सिरसा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल के बयानों और कामों से जनता को साफ पता चल रहा है कि उन्होंने दिल्ली को किस तरह तबाह किया.
वीडियो: Patna Rape Case: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बारे में लोगों ने क्या बताया?

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