'अब जीना नामुमकिन...', आखिरी कॉल पर जज अमन शर्मा ने पिता से क्या बताया था?
अमन ने आत्महत्या करने से ठीक 2 दिन पहले अपने पिता को फोन किया था. फोन पर बताया कि वो अब नहीं जीना चाहते हैं. और ये उनकी आखिरी कॉल है. अमन से ये बाते सुनने के बाद उनके पिता प्रेम कुमार फौरन दिल्ली के लिए रवाना हो गए. वहीं, अमन के रिश्तेदार राजेश ने बताया कि उन्होंने कहा था ‘उनके लिए अब जीना नामुमकिन हो गया है.’

‘अब जीना नामुमकिन है.’ ये जज अमन शर्मा के अंतिम शब्द हैं, जो उन्होंने अपने पिता से आखिरी बार फोन पर बात करते हुए कहा था. अमन ने बीती 2 मई को दिल्ली के अपने घर में ही आत्महत्या कर ली. बताया गया कि अमन की पत्नी उनके सामने उनके (अमन) पिता का अपमान करती थी, जो वो सहन नहीं कर पाए. कथित तौर पर इसी वजह से वो आत्महत्या करने पर मजबूर हुए.
अमन राजस्थान के अलवर के रहने वाले थे. उनकी मौत के बाद शव को अलवर लाया गया, जहां उनके वकील पिता प्रेम कुमार ने चिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, परिजन ने बताया कि अमन की पत्नी स्वाती उनके पिता का अपमान करती थी. दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे. इसी बात से अमन बहुत ज्यादा परेशान थे और उन्होंने तंग आकर आत्महत्या कर ली. अमन ने आत्महत्या करने से ठीक 2 दिन पहले अपने पिता को फोन किया था.
अमन ने फोन पर बताया था कि ‘वो अब नहीं जीना चाहते और ये उनकी आखिरी कॉल है’. अमन की ये बातें सुनने के बाद पिता प्रेम कुमार फौरन दिल्ली के लिए रवाना हो गए. अमन के रिश्तेदार राजेश ने बताया कि अमन कहते थे कि उनके लिए अब जीना नामुमकिन हो गया है.
अमन के परिवार ने उनकी पत्नी स्वाती पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का आरोप है कि अमन को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. साथ ही घर में चल रहे आपसी झगड़ों के कारण स्थिति और भी बिगड़ गई थी. उन्होंने दावा किया कि स्वाती की भाभी जम्मू में तैनात एक IAS ऑफिसर हैं. उन्होंने स्वाती को उकसाया और घर में तनाव बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई. अमन के पिता ने बताया कि वो उस वक्त वहीं मौजूद थे, जब अमन और स्वाती के बीच झगड़ा हो रहा था. कमरे के अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई दे रही थीं. इसके बाद दोनों दो कमरों में चले गए. अमन के दिखाई न देने पर उन्होंने फोन लगाया. घंटी बाथरूम में बजी. दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो देखा कि स्वाती की चुन्नी से लटकर अमन ने आत्महत्या कर ली थी.
अमन के परिवार ने बताया कि इस घटना के बाद स्वाती अपने दोनों बच्चों के लेकर वहां से चली गई. यहां तक कि अंतिम संस्कार में भी अमन के ससुराल पक्ष से कोई भी शामिल नहीं हुआ. जबकि, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान कैडर के कई सीनीयर जज उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अलवर पहुंचे थे. परिवार ने अमन की मौत को एक गंभीर अपराध बताया. साथ ही निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग भी की.
परिवार का कहना है कि इस ऐसी घटना एक ऐसी घटना एक ऐसे व्यक्ति के साथ हो सकती है, जो न्याय दिलाता है, तो फिर किसी के भी साथ हो सकती हैं. अमन के पिता ने आगे बताया कि वो उनकी शादी अपने दोस्त की बेटी से कराने चाहते थे लेकिन अमन ने अपनी बैचमेट से शादी करने का फैसला लिया था. इसलिए परिवार वालों ने उनके फैसले को माना और दोनों की शादी कराई. उन्होंने आगे बताया की अमन कभी भी अपने पर्सनल लाइफ के बारे में कोई बात नहीं करते थे. पिता ने बताया कि वो स्वभाव से शांत थे और हमेशा दूसरों की रिस्पेक्ट करते थे.
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