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दिल्ली में इतनी आग क्यों लगती है? 10 साल में मौतें 400% बढ़ीं

Delhi Government के डेटा के मुताबिक, साल 2014-15 में आग से 291 लोगों की मौत हुई थी. वहीं, 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,452 पहुंच गया. यानी एक दशक में इस संख्या में 398.96% की बढ़ोतरी हुई है.

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6 जून 2026 (पब्लिश्ड: 06:42 PM IST)
Delhi fire Death toll increased in a decade
दिल्ली होटल में लगी आग में मरने वालों में से ज्यादातर विदेशी नागरिक हैं. (फोटो: इंडिया टुडे)
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दिल्ली के मालवीय नगर में 3 जून की सुबह 'फ्लोरिश स्टे' होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. बीते एक साल में राजधानी में आग से जुड़े हादसों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. लेकिन इनसे सबक लेने में सरकार और प्रशासन पीछे रह जाते हैं. दिल्ली सरकार के डेटा के मुताबिक, साल 2014-15 में आग से 291 लोगों की मौत हुई थी. इसके 10 साल बाद यानी 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 1 हजार 452 पहुंच गया. यानी एक दशक में आग से होने वाली मौतों में 398.96 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आग लगने की घटनाओं में बढ़ोतरी के कई कारण हैं. इनमें आबादी का बढ़ना, घरों में लकड़ी, प्लास्टिक और वॉलपेपर का ज्यादा इस्तेमाल और फॉल्स सीलिंग का प्रयोग शामिल है. उन्होंने कहा कि आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चला रही है. एक अधिकारी ने बताया कि AC के इस्तेमाल में बढ़ोतरी और AC में इस्तेमाल होने वाली गैस में जो बदलाव (जो अब थोड़ी ज्वलनशील होती है) हुआ है, उससे भी आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं.

सरकार ने जारी किया जागरूकता लेटर

दिल्ली सरकार ने जागरूक करने के लिए सभी बिजली कंज्यूमर्स को एक लेटर जारी किया गया. इसमें कहा गया, 

हाल ही में आग लगने की घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए, लोगों की सावधानी और जागरूकता बहुत जरूरी है. दिल्ली में 15 मीटर तक ऊंची रिहायशी इमारतों और 17.5 मीटर तक ऊंची स्टिल्ट पार्किंग वाली इमारतों को फायर डिपार्टमेंट की NOC की जरूरत नहीं है. इसलिए, ऐसी इमारतों में रहने वालों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है.

लेटर के मुताबिक, भारी इक्विपमेंट चलाते समय बार-बार वोल्टेज में उतार-चढ़ाव और लाइट का कम होना वायरिंग में खराबी का संकेत हो सकता है. इसलिए लोगों को तुरंत किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन से सलाह लेनी चाहिए. पुरानी इमारतों में, बिजली के बढ़े हुए लोड को संभालने के लिए समय-समय पर वायरिंग और मीटर की जांच करवाएं और उन्हें अपग्रेड करवाएं.

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यह भी कहा गया कि घरों में सही रेटिंग वाले ELCB (अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर) या RCCB (रेजिड्यूअल करंट सर्किट ब्रेकर) और MCB (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) जरूर लगवाएं. MCB उपकरणों और बिजली के तारों को जलने से बचाता है. वहीं, ELCB/RCCB इंसानों को करंट लगने से बचाता है.

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