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रेखा गुप्ता पहली बार की विधायक फिर सीधे मुख्यमंत्री, BJP ये काम बार-बार करती है

Delhi CM Rekha Gupta: भाजपा ने इससे पहले भी पहली बार के विधायक को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना है. कई मौकों पर उन्होंने उनके नाम की घोषणा सीएम पद के दावेदारों से ही करवाई है.

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20 फ़रवरी 2025 (पब्लिश्ड: 02:04 PM IST)
Rekha Gupta Bhupinder Patel and Bhajan Lal Sharma
रेखा गुप्ता, भूपेंद्र पटेल और भजनलाल शर्मा. (फाइल फोटो: एजेंसी)
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रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) पहली बार विधायक बनीं और दिल्ली की मुख्यमंत्री भी बन गईं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ये इकलौता उदाहरण पेश नहीं किया है. इससे पहले गुजरात और राजस्थान में भी ऐसा ही हुआ. साल 2021 में गुजरात में भूपेंद्र पटेल और 2023 में भजनलाल शर्मा जब मुख्यमंत्री बने, तब वो भी पहली बार के विधायक थे. हालांकि, ऐसा नहीं था कि वो राजनीति में सक्रिय नहीं थे. रेखा गुप्ता भी पिछले कई सालों से चुनाव लड़ रही थीं.

क्या साधना चाहती है भाजपा?

वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई इस मसले पर लिखते हैं,

मैसेज क्लीयर है. भाजपा पीढ़ीगत बदलाव लाना चाहती है. दिग्गजों को काबू में रखना चाहती है. ‘नए’ मुख्यमंत्रियों पर पूरा कंट्रोल सुनिश्चित करना चाहती है, जो पूरी तरह से 'हाईकमान' पर निर्भर रहते हैं. इनमें से कई के RSS से मजबूत संबंध हैं. पिछली बार ऐसा 1980 में इंदिरा गांधी के दूसरे कार्यकाल में हुआ था. ये बात भी ना भूलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2001 में जब गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, तब वो विधायक भी नहीं थे. आज वो तीन बार के प्रधानमंत्री हैं. 

  • 2021- गुजरात- भूपेंद्र पटेल- विजय रूपाणी (प्रस्तावक)
  • 2023- राजस्थान- भजनलाल शर्मा- वसुंधरा राजे (प्रस्तावक)
  • 2025- दिल्ली- रेखा गुप्ता- प्रवेश वर्मा (प्रस्तावक)

ये भी पढ़ें: रेखा गुप्ता कैबिनेट के सभी मंत्रियों के बारे में विस्तार से जानें

‘डार्क हॉर्स’ CM Bhupendra Patel

11 सितंबर, 2021 की बात है. गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पद से इस्तीफा दे दिया. 12 सितंबर को गांधीनगर में विधायक दलों की बैठक हुई. विधायक दल के नेता के तौर पर जैसे ही भूपेंद्र पटेल के नाम की घोषणा हुई तो कई लोग आश्चर्य से भर गए. उनके नाम का एलान खुद विजय रूपाणी ने किया.

भूपेंद्र राजनीति में एक्टिव थे. नगरपालिका का चुनाव जीतते रहे थे. लेकिन विधायक पहली बार के थे. 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में उनको घाटलोडिया विधानसभा सीट से जीत मिली थी. इसके बाद उनको मुख्यमंत्री रहते हुए 2022 में भी यहीं से जीत मिली.

राजस्थान में Bhajan Lal Sharma की सरकार बनी

2023 के आखिरी महीने में राजस्थान विधानसभा चुनाव के परिणाम आए. सरकार बनाने की बारी भाजपा की थी. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इस पद की सबसे मजबूत दावेदार थीं. विधायक दल की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजे को एक पर्ची थमाई. उस पर्ची पर आगामी मुख्यमंत्री का नाम लिखा था. राजे ने पर्ची खोला और चौंक गई. पर्ची पर भजनलाल शर्मा का नाम लिखा था जो मुख्यमंत्री बनने जा रहे थे. इसकी घोषणा खुद वसुंधरा राजे को करनी थी.

भजनलाल ABVP से और RSS से जुड़े रहे थे. 90 के दशक में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का भी हिस्सा रहे. इसके बाद भाजपा में आए. 2023 में पहली बार सांगानेर विधानसभा सीट से विधायक बने और पहले ही टर्म में मुख्यमंत्री भी.

CM पद के दावेदार ने ही नए CM की घोषणा की

19 फरवरी को दिल्ली में भी कुछ ऐसा ही हुआ. विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही CM पद के लिए कुछ नामों की खूब चर्चा चल रही थी. इस रेस में सबसे आगे परवेश सिंह वर्मा चल रहे थे. वो दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं. उन्होंने इस चुनाव में नई दिल्ली सीट पर अरविंद केजरीवाल को हराया.

विधायक दल की बैठक में भाजपा ने परवेश को ही प्रस्तावक बना दिया. यानी कि उन्हीं को अगले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करनी थी. वो नाम था रेखा गुप्ता का. वो ABVP से भी जुड़ी रही हैं. DUSU की अध्यक्ष भी रही हैं. रेखा गुप्ता अब दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं. दिल्ली के रामलीला मैदान में उन्होंने शपथ ग्रहण कर लिया है. एक विधायक के तौर पर भी ये पहला मौका है जब उनको सफलता मिली है. वो शालीमार बाग विधानसभा सीट से 2015 से चुनाव लड़ रह रही हैं. इस बार उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) की लगातार तीन बार की सीटिंग MLA बंदना कुमारी को 29 हजार से अधिक वोटों से हराया है. 

वीडियो: Delhi: रेखा गुप्ता के साथ शपथ लेने वाले मंत्री कौन हैं?

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