डिजिटल अरेस्ट के 'टेरर फंडिंग' जाल में फंसा सीनियर वकील, देशद्रोही के ठप्पे के डर में जान दे दी
वकील ने सुसाइड नोट में लिखा कि 1984 की भोपाल गैस त्रासदी में उन्होंने सैकड़ों शवों का अंतिम संस्कार किया था. जिसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने उन्हें एम्बुलेंस उपलब्ध कराई थी.
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वकील वर्मा की पत्नी और बेटी घटना के वक्त दिल्ली में थींं. (फोटो- इंडिया टुडे)
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