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साइबर क्राइम का बढ़ता ग्राफ है डरावना, NCRB डेटा में आए चौंकाने वाले फैक्ट्स

Cyber Crime: NCRB के रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में कुल अपराध के मामले में 6% की गिरावट दर्ज हुई हैं, लेकिन साइबर अपराध 18% बढ़े हैं. ऑनलाइन फ्रॉड, डीपफेक , डिजिटल अरेस्ट और फेक कॉल के बढ़ते केस खतरे की घंटी हैं.

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7 मई 2026 (अपडेटेड: 7 मई 2026, 02:10 PM IST)
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साइबर क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा
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देश में पिछले कुछ सालों में साइबर क्राइम से जुड़े मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. डीपफेक, डिजिटल अरेस्ट और फेक कॉल से ठगी जैसे केस की बढ़ती संख्या के बाद बड़े पैमाने पर जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है. हालांकि, NCRB की 2024 रिपोर्ट में साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या और पैटर्न को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अपराध की संख्या में 6% की गिरावट देखने को मिली है, लेकिन साइबर अपराध तेजी से बढ़े हैं.

बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड के साथ ही आर्थिक अपराध और बच्चों के लापता होने के बढ़ते मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2024 रिपोर्ट ने देश में अपराध की बदलती तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में देशभर में कुल 58.8 लाख गंभीरअपराध दर्ज किए गए, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 62.4 लाख था। अपराध के मामलों में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। हालांकि, इस राहत भरी तस्वीर के बीच साइबर अपराध और आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में तेज बढ़ोतरी ने नई चिंता पैदा कर दी है।

Cyber Crime के मामलों में भारी उछाल

NCRB डेटा के मुताबिक, 2024 में साइबर अपराध के 1,01,928 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 के 86,420 मामलों के मुकाबले करीब 18 प्रतिशत ज्यादा हैं. रिपोर्ट बताती है कि साइबर अपराध का सबसे बड़ा मकसद पैसों की धोखाधड़ी करना रहा है. साइबर अपराधों में सबसे ज्यादा मामले ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े हैं, जिसमें फर्जी निवेश योजनाएं, OTP स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, बैंक फ्रॉड और सोशल मीडिया के जरिए ठगी के मामले शामिल हैं।

आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में भी बढ़ोतरी

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि आर्थिक अपराधों में 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है. वहीं बच्चों के लापता होने के केस भी बढ़े हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के लिए भी चिंता की बात है. NCRB के अनुसार, 2024 में 98,375 बच्चे लापता हुए, जबकि 2023 में यह संख्या 91,296 थी. यानी एक साल में बच्चों के गायब होने के मामलों में करीब 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, हत्या जैसे गंभीर अपराधों में कमी दर्ज हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में हत्या के मामलों में 2.4 प्रतिशत की गिरावट आई. महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी करीब 1.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत तेजी से डिजिटल हो रहा है, लेकिन साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है. NCRB की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि अपराध अब केवल सड़कों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब मोबाइल फोन और इंटरनेट अपराधियों के लिए एक नया हथियार बन चुके हैं. 

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