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सुप्रीम कोर्ट ने बांग्लादेशी घुसपैठिये को बेल दी, कहा- 'सीमा पार करना आतंकवाद नहीं'

आरोपी बांग्लादेश का नागरिक है. उस पर आरोप है कि वो गलत तरीके से भारत आया और म्यांमार से भारत में मानव तस्करी करने वाले एक इंटरनेशनल गैंग का हिस्सा है. 7 नवंबर, 2023 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. तभी से जेल में बंद था. अब कोर्ट ने उसको जमानत दे दी है.

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मानस राज
| अनीषा माथुर
8 मई 2026 (पब्लिश्ड: 04:33 PM IST)
crossing border does not mean act of terrorism said supreme court granting bail to bangladeshi national
भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर अवैध रूप से लोग सीमा पार करते हैं (PHOTO-AajTak)
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सुप्रीम कोर्ट ने बांग्लादेशी प्रवासियों को भारत में एंट्री दिलाने के आरोपी बांग्लादेशी व्यक्ति को जमानत दे दी है. कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि किसी मामले में यह संकेत मिल सकता है कि सीमा पार आवाजाही अवैध गतिविधियों के लिए है, लेकिन इस आधार पर यह दावा नहीं किया जा सकता कि याचिकाकर्ता किसी आतंकी संगठन से जुड़ा है. मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि आरोपी बीते 10 साल से बेंगलुरू में रह रहा है. जांच में उसके किसी आतंकी संगटन से जुड़े होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं. 

क्या है पूरा मामला?

आरोपी बांग्लादेश का नागरिक है. उस पर आरोप है कि वो गलत तरीके से भारत आया और म्यांमार से भारत में मानव तस्करी करने वाले एक इंटरनेशनल गैंग का हिस्सा है. 7 नवंबर, 2023 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. तभी से जेल में बंद था. अब कोर्ट ने उसको जमानत दे दी है. लेकिन आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश भी दिया.

सह-आरोपी को पहले ही मिल गई जमानत

मामले में याचिकाकर्ता के अलावा एक और आरोपी भी है. उसने भी जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का ही दरवाजा खटखटाया था. मई 2025 में कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी. लेकिन वो व्यक्ति मुख्य नहीं बल्कि सह-आरोपी था. 

इंडिया टुडे से जुड़ीं अनीषा माथुर की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य आरोपी का मामला पहले वाले से अलग है. उसका स्थायी यानी परमानेंट निवास भारत में नहीं है. यही वजह है कि उसे जमानत देते हुए कोर्ट ने कुछ कड़ी शर्तें लगाई हैं.

  • याचिकाकर्ता को अपने रहने की जगह का पता अपने लोकल NIA ऑफिस में प्रस्तुत करना होगा. NIA उसके दिए हुए पते की जांच करेगी. साथ ही NIA उसके मकान मालिक का बयान भी दर्ज करेगी. 
  • याचिकाकर्ता को हर शनिवार NIA ऑफिस में हाजिरी लगानी होगी. ऐसा उसे तब तक करना होगा, जब तक कि बेंगलुरु में मौजूद NIA का सर्वोच्च अधिकारी उसे छूट न दे दे.
अवैध घुसपैठ पर लगातार एक्शन

भारत में अवैध घुसपैठ बड़ी समस्या है. पड़ोसी देशों, खासकर बांग्लादेश से बड़ी संख्या में लोग अवैध रूप से भारत आते हैं. इस घुसपैठ को रोकने के लिए अलग-अलग सरकारें और तमाम एजेंसियां लगातार उन्हें ट्रैक करने की कोशिश करती हैं. एजेंसियों का फोकस उन संगठित सिंडिकेट्स पर है, जो बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत में अवैध रूप से एंट्री दिलाने, ठहराने और उन्हें फर्जी दस्तावेज दिलाने में मदद कर रहीं है.

वीडियो: भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर पहुंच रहे हिंदू, BSF जवान ने क्या बताया?

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