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'कॉकरोच जनता पार्टी' की शुरुआत, मैनिफेस्टो पढ़कर नेता, अफसर, जज सब कांप उठेंगे!

Cockroach Janta Party: कॉकरोच जनता पार्टी बनाने के 2 दिन बाद 18 मई को अभिजीत ने दावा किया कि पार्टी से 50 हजार लोग जुड़ चुके हैं. अभिजीत का कहना है कि उनकी पार्टी एक धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक और जाति-विरोधी संगठन हैं.

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19 मई 2026 (पब्लिश्ड: 04:53 PM IST)
Cockroach Janta Party 5 point manifesto
कॉकरोच जनता पार्टी को अभिजीत दिपके ने बनाया है. (फोटो-इंडिया टुडे)
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जब सिस्टम की सफाई की जगह सड़ांध ले लेती है, तो अंधेरी रातों में, सुनसान राहों पर एक ‘मसीहा’ निकलता है, जिसे लोग शहंशाह नहीं, ‘कॉकरोच’ कहते हैं. कॉकरोच का जिक्र इसलिए कि नई पार्टी बन गई है. नाम है 'कॉकरोच जनता पार्टी'.

किसने बनाई कॉकरोच जनता पार्टी?

जिस दिन CJI सूर्यकांत ने कॉकरोच वाली टिप्पणी की, उसी दिन यानी 16 मई को अभिजीत डिपके ने X पर लोगों से कॉकरोच जनता पार्टी में रजिस्टर करने की अपील की. हालांकि, CJI सूर्यकांत ने कॉकरोच वाले विवाद पर बाद में साफ किया कि उनकी मौखिक टिप्पणी फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल करके कानून और मीडिया जैसे पेशों में एंट्री करने वालों के लिए थी, ना कि बेरोजगार युवाओं के लिए. फिर भी इस टिप्पणी ने ऑनलाइन सनसनी मचा दी. 

अब पार्टी में शामिल होने की शर्तें बताते हैं. लेकिन उससे पहले साफ कर दें कि इस पार्टी का मकसद चुनाव लड़ना नहीं है. ये व्यंग्य करने वाला एक पॉलिटिकल आउटफिट है. 

कॉकरोच जनता पार्टी में शामिल होने की योग्याताएं

पहली- बेरोजगारी.

दूसरी- आलसी होना यानी डले रहो, पड़े रहो.

तीसरी- एक लत है, लत ऑनलाइन रहने की. 

चौथी- प्रोफेशनली तरीके से भड़ास निकालने की क्षमता.

कॉकरोच जनता पार्टी बनाने वाले अभिजीत अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की मास्टर डिग्री कर रहे हैं. वो 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम में वॉलंटियर भी रह चुके हैं. द हिंदू अखबार से बात करते हुए अभिजीत ने कहा,

"कॉकरोच जनता पार्टी माननीय मुख्य न्यायाधीश (सूर्यकांत) के उस बयान के खिलाफ युवाओं की असहमति है, जिसमें उन्होंने युवाओं को कॉकरोच और परजीवी करार दिया था. भारत जैसे लोकतंत्र में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता, जहां संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संरक्षक माने जाने वाले सुप्रीम कोर्ट के CJI युवाओं की आलोचना कर उनका अपमान करते हैं. "

अभिजीत आगे कहते हैं कि अगर युवाओं की अपनी आवाज पहुंचाने के लिए कॉकरोच बनना पड़े तो हम इस पहचान को अपनाते हैं. इसीलिए हमने नाम रखा है कॉकरोच जनता पार्टी.

हमने आपको पहले ही बताया कि ये एक सटैरिकल पॉलिटिकल पार्टी है. पार्टी के मिशन और विजन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट पर लिखा है,

“हम यहां ना तो एक और पीएम केयर्स योजना शुरू करने आए हैं, ना ही टैक्स पेयर्स की सैलरी पर दावोस में छुट्टियां मनाने आए हैं. ना ही भ्रष्टचार को 'रणनीतिक खर्च' के तौर पर रीब्रांड करने आए हैं. हम यहां ये पूछने आए हैं, जोर से, बार-बार, लिखित रूप में, कि पैसा गया कहां?”

पार्टी की टैगलाइन है- आलसी और बेरोजगारों की आवाज. पार्टी का दावा है कि वो उन लोगों को रिप्रजेंट करती है, जिनको सिस्टम गिनना भूल गया है. पार्टी एक बड़ा जिद्दी झुंड है जिसका कोई स्पॉन्सर नहीं है. बस हैं तो सिर्फ 5 चीजें जो सरकार में आने पर लागू की जाएंगी.

कॉकरोच जनता पार्टी के मैनिफेस्टो में 5 वादे

1- अगर CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी सरकार में आती है तो किसी रिटायरमेंट के बाद किसी भी CJI को राज्यसभा जाने का रिवॉर्ड नहीं मिलेगा.

2- अगर कोई वैध वोट डिलीट किया जाएगा, चाहे उस राज्य में CJP की सरकार हो या विपक्ष की, CEC को UAPA में गिरफ्तार किया जाएगा क्योंकि किसी के वोटिंग का अधिकार छीनना आतंकवाद से कम नहीं.

3- महिलाओं के लिए 50% का आरक्षण होगा, न कि 33%. और इसके लिए सांसदों की संख्या भी नहीं बढ़ाई जाएगी. कैबिनेट में भी महिलाओं के लिए 50% आरक्षण होगा.

4- बड़ी कॉपोर्रेट कंपनियों के चैनलों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और उनके एंकर्स के बैंक अकाउंट्स की जांच होगी.

5- अगर कोई विधायक या सांसद दूसरी पार्टी में पाला बदलकर जाता है तो उसके चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाई जाएगी. और उसे अगले 20 साल तक किसी भी पब्लिक ऑफिस में कोई पद नहीं दिया जाएगा.

कॉकरोच जनता पार्टी बनाने के 2 दिन बाद 18 मई को अभिजीत ने दावा किया कि पार्टी से 50 हजार लोग जुड़ चुके हैं. अभिजीत का कहना है कि उनकी पार्टी एक धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक और जाति-विरोधी संगठन हैं.

अभिजीत का कहना है, 

“हमारी विचारधारा गांधी, आंबेडकर और नेहरू से प्रेरित है. हम देश से यह वास्तविकता स्वीकार करने का आग्रह कर रहे हैं कि आज के युवा व्यवस्था से अपना भरोसा खो रहे हैं. क्योंकि यह अब उनकी सेवा नहीं कर रही है, उनकी बात नहीं सुन रही है और उन्हें देख भी नहीं रही है. और व्यवस्था जितनी देर तक इस बात को नजरअंदाज करती रहेगी, निराशा उतनी ही बढ़ती जाएगी.”

अभिजीत के मुताबिक ‘कॉकरोच’ बताता है कि वो हालात के हिसाब से खुद को ढाल लेता है, ये देश की लोकतांत्रिक संगठनों के कामकाज को लेकर बढ़ रही फस्ट्रेशन का लक्षण है. हमें कॉकरोच होने पर गर्व है. क्योंकि सोसायटी बहुत टची है इसलिए फिर से याद दिला रहा हूं कि CJP व्यंग्य करने वाला आउटफिट है. यानी अपनी समझ के हिसाब से आनंद लें और आनंद के पीछे छिपे मर्म को भी समझें.

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