'कोचिंग नहीं, हमारा भविष्य सील... ', 4 दिन बचे एग्जाम को और प्रशासन ने सेंटर बंद करवा दिए
Prayagraj में 3 coaching centres सील कर दिए गए. प्रशासन ने बताया कि जरूरी सर्टिफिकेट न होने के कारण ऐसा किया गया. वहीं, कोचिंग संचालको का तर्क है कि वे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, इसलिए उनपर ये कार्रवाई की गई है. इस घटना ने हज़ारों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है.

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 31 मई को तीन कोचिंग सेंटर - एग्जामपुर कोचिंग, सुपर क्लाइमैक्स कोचिंग और टारगेट ऑन कोचिंग - को सील कर दिया गया. प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी (PDA) ने आरोप लगाया कि इन्होंने अथॉरिटी के नियमों का उल्लंघन किया है. लेकिन दूसरी तरफ, कोचिंग संचालकों का कहना है कि उन्होंने 29 मई को एक प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है. ये प्रदर्शन देश में हो रहे पेपर लीक मुद्दे को लेकर था.
अब एक ओर प्रशासन के आरोप हैं और दूसरी ओर टीचर्स के. और इन दोनों के बीच पिस रहे हैं छात्र. वो छात्र जो 8-10 जून को होने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए इन कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे थे. छात्रों का कहना है कि कुछ ही दिन बचे हैं. ऐसे में हर एक घंटे की कीमत है. लेकिन जिस कोचिंग सेंटर में उन्होंने दाखिला लिया था. उसे प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी ने सील कर दिया है.
छात्रों ने क्या बताया?कोचिंग में पढ़ने वाले विनय नाम के छात्र ने आजतक से जुड़े पंकज श्रीवास्तव को बताया,
‘ये कोचिंग नहीं हमारा भविष्य सील हो गया है. हमारा 8, 9 और 10 जून को यूपी पुलिस का एग्जाम है. 4 से 5 घंटे में हमारा पूरा रिवीजन हो जाता था, लेकिन कोचिंग बंद होने की वजह से अब ये नहीं हो पा रहा है. इतनी जल्दी पूरा रिवीजन खुद से करना मुमकिन नहीं है.’
एक दूसरे छात्र आदर्श मिश्रा ने बताया,
‘हम सुबह बैग लेकर कोचिंग आए थे, देखा तो कोचिंग सील थी. एक तो छात्रों की आवाज़ पहुंचती नहीं है, फिर पेपर लीक और ऊपर से ये कोचिंग भी बंद कर दी है. अब समझ नहीं आ रहा कि हम क्या करें?’
छात्रों के साथ-साथ एग्जामपुर कोचिंग, सुपर क्लाइमैक्स कोचिंग और टारगेट ऑन कोचिंग में पढ़ाने वाले टीचर और कोचिंग संचालकों ने भी प्रशासन पर बदला लेने का आरोप लगाया. टीचर्स का कहना है कि वो छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हो गए थे, इसका खामियाजा भुगत रहे हैं. हालांकि टीचर ने साफ कह दिया कि वो प्रशासन की इस बदले वाली कार्रवाई से डरने वाले नहीं है.
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अथॉरिटी का क्या कहना है?टीचर्स और छात्रों के आरोप के बीच प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी के अफसरों के अपने तर्क है. PDA के सचिव विनीत कुमार सिंह ने कहा कि सील की गई तीनों इमारतों में कोचिंग सेंटर, शैक्षणिक संस्थान संचालित करने के लिए जरूरी सर्टिफिकेट नहीं थे. कोचिंग सेंटर के मालिकों को पहले भी नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने कहा, ‘बिल्डिंग के पास नियमों के तहत जरूरी सर्टिफिकेट नहीं था. ये तीनों कोचिंग सेंटर उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन और विकास अधिनियम, 1973 के कई प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पाए गए हैं.’
जिन तीन कोचिंग सेंटर को सील किया गया है उनमें करीब 5 हजार से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं. और 100 से ज्यादा टीचर्स पढ़ाते हैं. अब कोचिंग के सील से होने से सबके भविष्य पर क्वेश्चन मार्क लग गया है.
कोचिंग सेंटर के सील होने के बाद 1 जून को कुछ कोचिंग मालिक और टीचर प्रयागराज के सर्किट हाउस में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह से मिलने पहुंचे थे. उस दौरान संजय सिंह ने पुलिस पर इस मीटिंग को डिस्टर्ब करने का आरोप लगाया था. संजय सिंह के वीडियो में में कथित तौर पर एग्जामपुर कोचिंग के मालिक विवेक कुमार भी नजर आए थे.
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