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CJI संजीव खन्ना ने चुनाव आयोग से जुड़े अहम मामले से खुद को अलग कर लिया

याचिकाकर्ता चाहते हैं कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के 18 फरवरी, 2025 को रिटायर होने से पहले कोर्ट सुनवाई पूरी कर ले. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अब 20 जनवरी तक टाल दी है.

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3 दिसंबर 2024 (अपडेटेड: 3 दिसंबर 2024, 12:06 AM IST)
chief justice of india sanjiv khanna recuses from plea challenging election commission appointment
भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया. (तस्वीर:PTI)
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भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाले मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है. संसद में दिसंबर, 2023 में पारित एक कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई गई है. याचिकाकर्ता चाहते हैं कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के 18 फरवरी, 2025 को रिटायर होने से पहले कोर्ट सुनवाई पूरी कर ले. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अब 20 जनवरी तक टाल दी है.

पूरा मसला क्या है? 

सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यों की बेंच ने 2 मार्च, 2023 को चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर एक फैसला सुनाया था. इसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (ECs) की नियुक्ति एक कमेटी को करनी थी. इस कमेटी में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल होंगे. लोकसभा में विपक्ष का नेता नहीं होने की स्थिति में संख्याबल के आधार पर सबसे बड़ी पार्टी के नेता को कमेटी में शामिल किए जाने की बात थी. यह कमेटी CEC और ECs काे नामों को सिफारिश राष्ट्रपति से करती.

लेकिन कोर्ट के इस फैसले के लगभग 7 महीने बाद यानी दिसंबर, 2023 में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर संसद में एक कानून पारित किया गया. इस कानून के तहत कमेटी से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटा दिया गया.

इस कानून के खिलाफ एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और मध्यप्रदेश कांग्रेस नेता जया ठाकुर समेत कई लोगों ने जनवरी, 2024 में एक याचिका दायर की. याचिका में दलील दी गई कि नया कानून चुनाव आयोग के सदस्यों की नियुक्ति के लिए स्वतंत्र सिस्टम नहीं प्रदान करता है.  

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से 21 मार्च तक जवाब देने को कहा. सरकार ने 20 मार्च को अपने जवाब में कहा कि चुनाव आयोग की नियुक्ति में जज को शामिल किया जाना जरूरी नहीं.

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मामले की सुनवाई 20 जनवरी तक टली

3 दिसंबर को जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो CJI संजीव खन्ना ने कहा कि उन्हें ये देखना होगा कि क्या इस मामले की सुनवाई करने वाली बेंच में वे होंगे या नहीं.  ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, CJI संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने कहा कि यह मैटर उस बेंच के सामने जाना चाहिए जिसका हिस्सा CJI न हों.

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार 18 फरवरी, 2025 को अपने पद से रिटायर होने वाले हैं. याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश हुए वकील गोपाल शंकरनारायण ने दलील दी कि कोर्ट इससे पहले उनकी याचिका पर निर्णय ले. जब याचिकाकर्ताओं ने आग्रह किया कि मामले की सुनवाई अगले हफ्ते की जानी चाहिए तो CJI खन्ना ने कहा कि अगले हफ्ते संभव नहीं. उन्होंने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी, 2025 वाले हफ्ते में हो सकती है.

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